ANI का ये ट्वीट देखिए. इसमें एक वीडियो भी एम्बेडेड है. जिसमें यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 10 अप्रैल, 2019 की एक रैली के दौरान कह रहे हैं -# 1 -
अगर कांग्रेस, सपा, बसपा को अली पर विश्वास है तो हमें बजरंग बली पर विश्वास है.
अब चूंकि इस वक्त पार्टियों के सभी नेताओं के सभी कामों पर चुनाव आयोग की नज़र है, तो उनकी नज़र में योगी का ये बयान भी आ गया. तो चुनाव आयोग ने नोटिस भेजकर उनसे जवाब तालाब कर लिया. वैसे तीसरे और अंतिम पॉइंट में जाएं इससे पहले ये बताते चलें कि इस बयान को लेकर केवल चुनाव आयोग ही हरकत में नहीं आया बल्कि इस बयान पर अन्यथा भी काफी क्लेश-कटा और सारे विपक्षी दल राशन लेकर इसकी आलोचना करके के लिए कूद पड़े.# 2 -
अब जाकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने चुनाव आयोग के नोटिस का जवाब दिया है. बोला है कि वह भविष्य में ऐसा बयान देने से परहेज करेंगे. और ये कि उनके इंटेंशन यानी मंशा गलत नहीं थी. और नोटिस के बाद वह आयोग को विश्वास दिलाते हैं कि भविष्य में पूरा ध्यान रखेंगे.# 3 -
अब गेंद चुनाव आयोग के पाले में हैं. वो ही तय करेगा कि इस जवाब का, योगी आदित्यनाथ का और 10 अप्रैल, 2019 के उस बयान का क्या करना है?# 3.5 -
वैसे चुनाव आयोग ने योगी के अलावा मायावती को भी जवाब तलाब किया था. मायावती को इसलिए क्यूंकि उन्होंने मुस्लिम वोटरों से मुखातिब होकर कहा था कि किसी भी सूरत में अपने वोट को बंटने नहीं देना. मायावती ने भी चुनाव आयोग को अपना जवाब दे दिया है. लेकिन जवाब में क्या कहा है, अभी नहीं पता चल सका.# जाते जाते
वीडियो देखें: अलीगढ़ की ताला इंडस्ट्री पर क्यों लग रहा है ताला? -





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