एक नया धारावाहिक आने वाला है. 'क्योंकि मंत्री भी कभी ग्रेजुएट थीं'. ओपनिंग लाइन मैं बताती हूं क्या होगा. क्वालिफिकेशन के भी रूप बदलते हैं.नए नए सांचे में ढलते हैं. एक डिग्री आती है, एक डिग्री जाती है. बनते एफिडेविट नए हैं. जिस तरीके से स्मृति ईरानी जी ने अपने एफिडेविट में एजुकेशन सर्टिफिकेट को लेकर एक चीज कायम की है, कि किस तरीके से ग्रेजुएट से 12वीं कक्षा की हो जाती हैं. वो मोदी सरकार में ही मुमकिन है.कांग्रेस के आरोपों का स्मृति ईरानी ने जवाब दिया. उन्होंने कहा,
कांग्रेस चाहे मुझे कितना भी अपमानित कर ले, लेकिन मुझे रोक नहीं सकती. मुझ पर हमला करना उनका अधिकार है, कांग्रेस के चेले-चपाटे चाहे जो भी कर लें, लेकिन वे मुझे नहीं रोक सकते हैं. वे जितना भी अपमानित करेंगे, मुझे उतनी ही ताकत मिलेगी कि मैं उनसे लड़ूं. मैं कांग्रेस पार्टी के नामदार के खिलाफ लड़ रही हूं इसलिए उनसे यह सब देखा नहीं जा रहा है.क्या है डिग्री विवाद #स्मृति ईरानी 2003 में बीजेपी में शामिल हुई थीं. उन्होंने 2004 में दिल्ली की चांदनी चौक से कांग्रेस के कपिल सिब्बल के खिलाफ लोकसभा का चुनाव लड़ा था. उस समय के एफिडेविट में ईरानी ने अपनी शिक्षा को लेकर भी जानकारी दी थी. स्मृति ईरानी ने 1991 में सीबीएसई बोर्ड से 10वीं पास की. 1993 में उन्होंने सीबीएसई बोर्ड से ही 12वीं पास की. उन्होंने खुद को ग्रेजुएट बताया था. एफिडेविट के मुताबिक ईरानी ने 1996 में दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ कॉरेस्पोंडेंस से बीए किया था.
#2011 में स्मृति ईरानी गुजरात से राज्यसभा के लिए चुनी गईं. चुनाव आयोग को उन्होंने जो हलफनामा दिया. उन्होंने बताया कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ कॉरेस्पोंडेंस से 1994 में बी.कॉम पार्ट-1 किया है.
#2014 के लोकसभा चुनाव में ईरानी ने चुनाव आयोग को जो हलफनामा दिया था. उसमें बताया था कि उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से 1994 में बैचलर्स ऑफ कॉमर्स पार्ट-1 किया है.
#2017 में ईरानी एक बार फिर राज्यसभा के लिए चुनी गईं.उन्होंने गुजरात से अपना पर्चा दाखिल किया था. आयोग को दिए एफिडेविट में उन्होंने बताया कि बैचलर्स ऑफ कॉमर्स पार्ट-1 (जो कि तीन साल का कोर्स है) पूरा नहीं किया है.
#2019 के एफिडेविट में बताया कि 1994 में उन्होंने बैचलर्स ऑफ कॉमर्स पार्ट-1 (जो कि तीन साल का कोर्स है) पूरा नहीं किया है.
2004 में दिए गए एफिडेविट में ईरानी ने बताया कि उन्होंने बीए किया है, लेकिन 2011 में उन्होंने जो हलफनामा दिया उसमें उन्होंने बताया कि उन्होंने बी.कॉम पार्ट-1 किया था. 2014 में ईरानी ने बताया कि उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से 1994 में बैचलर्स ऑफ कॉमर्स पार्ट-1 किया है. 2004 में उन्होंने खुद को ग्रेजुएट बताया था. विवाद यही है कि ईरानी ग्रेजुएट हैं या नहीं. उन्होंने किस कोर्स की पढ़ाई की है. 2014 में इंडिया टुडे के कार्यक्रम में स्मृति ईरानी ने अपने डिग्री विवाद लेकर कुछ कहा था. स्मृति ईरानी से सवाल पूछा गया,
2004 के एफिडेविट में आपने बताया था कि बीए किया है और आपके पास ग्रेजुएशन की डिग्री है.लेकिन 2014 के चुनाव में यह बीए पार्ट-1 हो गया. इसके पीछे रहस्य क्या है.ईरानी ने कहा था,
लोग मुझे अनपढ़ कहते हैं. लेकिन मैं बता दूं कि मेरे पास येल यूनिवर्सिटी की भी डिग्री है. येल यूनिवर्सिटी ने मेरी लीडरशिप क्वालिटी को सेलिब्रेट किया था.
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