राहुल गांधी के ‘शक्ति’ (Rahul Gandhi shakti comment) वाले बयान को PM नरेंद्र मोदी अपने चुनावी रैलियों में दोहरा (PM Modi on shakti remarks) रहे हैं. राहुल गांधी के इस बयान पर अब राजनीति गरम होती हुई दिख रही है. कांग्रेस नेता ने 17 मार्च को भारत जोड़ो न्याय यात्रा के समापन के अवसर ये बातें कहीं थीं. लगभग एक दिन तक इसपर किसी बड़े नेता का बहुत ज्यादा ध्यान नहीं गया. लेकिन फिर एक दिन बाद प्रधानमंत्री मोदी (Narendra Modi) ने तेलंगाना में अपनी चुनावी रैली के दौरान इसे मुद्दा बनाया. हालांकि, राहुल गाधी ने अपने बयान को लेकर सफाई दी है और कहा है कि PM उनकी बातों को घुमा रहे हैं.
'मोदी का परिवार' के बाद बीजेपी ने 'शक्ति' वाले बयान को मुद्दा बनाया तो राहुल गांधी का ये जवाब आया
Lok Sabha Election 2024 से पहले एक बार फिर PM Narendra Modi ने विपक्षी INDIA गठबंधन को उसी के बयान पर घेरा है. पहले Lallu Yadav के 'मोदी का परिवार' वाला बयान. अब Rahul Gandhi के 'शक्ति का खात्मा' वाला बयान. BJP अब Congress समेत विपक्ष पर उसी के हथियार से हमला कर रही है.


PM मोदी ने INDIA गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा,
“उन्होंने (राहुल गांधी ने) कहा है कि उनकी लड़ाई ‘शक्ति’ के खिलाफ है. मेरे लिए हर मां शक्ति का रूप है, हर बेटी शक्ति का रूप है. माताओं-बहनों मैं शक्ति के रूप में आपकी पूजा करता हूं. मैं भारत मां का पुजारी हूं. मैं आप शक्ति स्वरूपा माताओं-बहनों का भी पुजारी हूं. कल जिन्होंने कल शिवाजी पार्क में INDI अलायंस ने अपना घोषणा पत्र शक्ति को खत्म करने के लिए किया है. मैं इस चुनौती को स्वीकार करता हूं. और मैं इन शक्ति स्वरूपा माताओं-बहनों की रक्षा के लिए जान की बाजी लगा दूंगा.”
प्रधानमंत्री ने जब इसे चुनावी मुद्दा बनाया तो कांग्रेस नेता की भी सफाई आ गई. उन्होंने PM पर उनकी बातों का अर्थ बदलने का आरोप लगाया. उन्होंने सोशल मीडिया X (ट्विटर) पर लिखा,
"मोदी जी को मेरी बातें अच्छी नहीं लगतीं. किसी न किसी तरह उन्हें घुमाकर वो उनका अर्थ हमेशा बदलने की कोशिश करते हैं. क्योंकि वह जानते हैं कि मैंने एक गहरी सच्चाई बोली है. जिस शक्ति का मैंने उल्लेख किया, जिस शक्ति से हम लड़ रहे हैं, उस शक्ति का मुखौटा मोदी जी हैं. वह एक ऐसी शक्ति है जिसने आज भारत की आवाज को, भारत की संस्थाओं को, CBI, IT, ED को, चुनाव आयोग को, मीडिया को, भारत के उद्योग जगत को, और भारत के समूचे संवैधानिक ढाँचे को ही अपने चंगुल में दबोच लिया है. उसी शक्ति के लिए नरेंद्र मोदी जी भारत के बैंकों से हज़ारों करोड़ के कर्ज माफ कराते हैं जबकि भारत का किसान कुछ हजार रुपयों का कर्ज न चुका पाने पर आत्महत्या करता है."
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राहुल गांधी ने आगे लिखा,
"उसी शक्ति को भारत के बंदरगाह, भारत के हवाई अड्डे दिये जाते हैं. जबकि भारत के युवा को अग्निवीर का तोहफा दिया जाता है जिससे उसकी हिम्मत टूट जाती है. उसी शक्ति को दिन रात सलामी ठोकते हुए देश की मीडिया सच्चाई को दबा देती है. उसी शक्ति के गुलाम नरेंद्र मोदी जी देश के गरीब पर GST थोपते हैं. महंगाई पर लगाम न लगाते हुए उस शक्ति को बढ़ाने के लिए देश की संपत्ति को नीलाम करते हैं."
राहुल गांधी ने कहा,
"उस शक्ति को मैं पहचानता हूं. उस शक्ति को नरेंद्र मोदी जी भी पहचानते हैं. वह किसी प्रकार की कोई धार्मिक शक्ति नहीं है. वह अधर्म, भ्रष्टाचार और असत्य की शक्ति है."
इसलिए जब जब मैं उसके ख़िलाफ़ आवाज उठाता हूँ, मोदी जी और उनकी झूठों की मशीन बौखलाती है, भड़क जाती है।
Rahul Gandhi ने क्या कहा था?कांग्रेस नेता ने अपने संबोधन में कहा था,
“हिंदू धर्म में शक्ति शब्द होता है. हम शक्ति से लड़ रहे हैं. हम एक शक्ति से लड़ रहे हैं. अब सवाल उठता है. वो शक्ति क्या है? राजा की आत्मा EVM में है, ED में है, CBI में है, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में है. इसी प्रदेश के एक वरिष्ठ नेता जिनका नाम नहीं लेना चाहता हूं. वो कांग्रेस पार्टी को छोड़ते हैं और मेरी मां से रो के कहते हैं कि सोनिया जी मुझे शर्म आ रही है. मेरे में इन लोगों से, इस शक्ति से लड़ने की हिम्मत नहीं है. मैं जेल नहीं जाना चाहता हूं.”
हालांकि, ये पहला मौका नहीं है जब प्रधानमंत्री ने विपक्षी नेताओं के किसी बयान को चुनावी कैंपेन में बदला हो. कुछ दिनों पहले ऐसा ही हुआ था लालू यादव के बयान के बाद. उन्होंने PM मोदी के परिवार पर बयान दिया था. जिसके बाद भाजपा ने ‘मोदी का परिवार’ कैंपेने शुरू किया. ऐसा ही पिछले चुनावों में भी हो चुका है. जैसे कि ‘मैं भी चौकीदार’ कैंपेन और ‘चाय पर चर्चा’ कैंपेन.
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