लखनऊ में हुई समाजवादी पार्टी की मीटिंग में अखिलेश और शिवपाल यादव के इमोशनल ड्रामे के बाद जब आखिर में मुलायम सिंह बोले, तो उन्होंने जता दिया कि पार्टी में वही होगा, जो वो चाहेंगे. मीटिंग में अखिलेश को लताड़ते हुए मुलायम ने शिवपाल का खुला समर्थन किया और कहा कि वो कभी शिवपाल से अलग नहीं हो सकते. अमर सिंह को लेकर मुलायम ने कहा कि वो उनके भाई हैं, जिन्होंने उन्हें जेल जाने से बचाया. अखिलेश को लेकर मुलायम का रुख इतना कड़ा हो गया कि उन्हें नरेंद्र मोदी रास आने लगे. मुलायम ने कहा, 'पीएम मोदी को देखो, जो संघर्ष करके प्रधानमंत्री बने. वो गरीब परिवार से आते हैं और कहते हैं कि मां को नहीं छोड़ सकते.'
अखिलेश को लताड़ कर बोले मुलायम, 'अमर-शिवपाल मेरे भाई, अलग नहीं हो सकता'
मीटिंग का इमोशनल ड्रामा: मुलायम ने अखिलेश से कहा, 'शिवपाल चाचा हैं, उनके गले लगो.'

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मीटिंग में सबसे पहले बोलने वाले अखिलेश ने कहा कि वो नई पार्टी क्यों बनाएंगे. वो मुलायम से बोले कि पार्टी बेशक नेताजी की है, लेकिन करियर तो उनका भी है. उनके बाद बोलने वाले शिवपाल ने कहा कि वो तो 1975 से साइकल चला रहे हैं, लेकिन अब पार्टी में गुंडों की भरमार हो गई है. शिवपाल ने कहा कि 2017 का चुनाव मुलायम के नेतृत्व में लड़ा जाना चाहिए. इस बाद जब मुलायम के बोलने की बारी आई तो उन्होंने अखिलेश को फटकारते हुए कहा,

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'अभी जो अखिलेश भइया चिल्लाते हुए उछल रहे हैं, वो एक लाठी भी नहीं झेल सकते हैं. पार्टी को इस स्तर पर लाने के लिए हमने खूब लाठियां खाई हैं. जो आदमी बड़ा नहीं सोच सकता, वो नेता नहीं बन सकता. क्या पद मिलते ही आपका दिमाग खराब हो गया है? क्या आप जुआरियों और शराबियों की मदद कर रहे हैं? कमजोरी दूर करने के लिए हमें साथ में मिलकर लड़ना होगा. अभी मैं कमजोर नहीं हुआ हूं, लेकिन परिवार में हो रहे झगड़े से दुखी हूं. तुम्हारी हैसियत क्या है? क्या तुम अकेले चुनाव जिता सकते हो? एनडी तिवारी जैसे बड़े-बड़े नेता मेरे आगे कुछ नहीं कहते हैं, लेकिन ये कहता है. शिवपाल तुम्हारे चाचा हैं. उनके गले लगो.'
शिवपाल के पक्ष में मुलायम ने कहा, 'शिवपाल यादव आम जनता के नेता हैं. पार्टी में कुछ लोग सिर्फ चापलूसी में लगे हुए हैं. नारेबाजी करने वाले इन लोगों को हम निकाल देंगे. और ऐसा नहीं है कि युवा हमारे साथ नहीं हैं. अगर मैं एक इशारा कर दूं तो नौजवान कुछ भी करने को तैयार हो जाएंगे. अगर कोई आपकी कमजोरी के बारे में बात कर रहा है तो वो आपका दोस्त है. शिवपाल ही पार्टी चलाएंगे.'
इसके बाद जब मुलायम अमर सिंह पर बोले, तो उन्होंने बेहद तीखे, लेकिन स्पष्ट शब्द इस्तेमाल किए. उन्होंने कहा, 'जिस अमर सिंह पर आरोप लगा रहे हो, उस अमर सिंह ने मुझे जेल जाने से बचाया है. अगर वो न बचाते तो सात साल की जेल हो जाती मुझे. मैं और शिवपाल कभी अलग नहीं हो सकते और अमर सिंह मेरा भाई है. उसकी 100 गलतियां माफ हैं. शिवपाल ने मेरे लिए जो किया है, वो मैं कभी नहीं भूल सकता.'
इस मीटिंग में मुलायम मुख्तार अंसारी और गायत्री प्रजापति पर भी बोले, जो लंबे समय से यादव कुनबे में झगड़े की वजह रहे हैं. मुलायम ने कहा, 'अगर मुख्तार सपा में आ जाते तो मुस्लिम पार्टी के सपोर्ट में आ जाते. मुख्तार का परिवार सम्मानित और ईमानदार है. गायत्री प्रजापति गरीब घर से हैं, इसलिए उन्हें पार्टी में वापस बुलाया. प्रधानमंत्री बनने के लिए मैंने कभी कोई समझौता नहीं किया. मैं जब चाहूं तब प्रधानमंत्री बन सकता हूं, लेकिन उसके बाद क्या होगा. प्रधानमंत्री बने हुए बहुत सारे लोग इधर-उधर घूम रहे हैं. समाजवादी पार्टी टूट नहीं सकती.'
मुलायम के इन बोलों के बाद ये तो साफ हो गया कि पार्टी में शिवपाल और अमर सिंह के रसूख पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है. ऐसे में कमजोर अखिलेश ही पड़ेंगे, जिनके पास घर में सिर्फ राम गोपाल यादव का समर्थन है. पार्टी अध्यक्ष शिवपाल राम गोपाल को पहले ही पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर चुके हैं. अब देखना ये होगा कि अखिलेश क्या कदम उठाएंगे.
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