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पुलिस ने भाजपा से जुड़े लोगों के पास से पकड़ा 8 करोड़ कैश

वोटिंग के 3 दिन पहले हुआ ये. भाजपा नेता कह रहे हैं कि ये उनका पैसा है, बैंक से निकाला था.

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चुनाव के दौरान बरामद कैश. फाइल फोटो.
तेलंगाना पुलिस ने बीजेपी से जुड़ी 8 करोड़ रुपए की नकदी जब्त की है. पुलिस ने यह कार्रवाई 8 अप्रैल को उस वक्त की, जब यह रकम बैंक से निकाली गई. पुलिस के मुताबिक इतनी बड़ी तादाद में नकदी निकालना चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है. उनके मुताबिक ये पैसा चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों की धज्जियां उड़ाकर निकाला गया है, किसी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया. उधर, भाजपा ने इसे प्रदेश सरकार की साजिश बताया है. पार्टी का कहना है कि सूबे की टीआरएस सरकार बदले की भावना से काम कर रही है. उनके मुताबिक बैंक से पैसा निकालने में कानूनी तौर-तरीकों का पालन किया गया है, रकम पूरी तरह वैध है. किस बात पर खड़ा हुआ बखेड़ा? 8 अप्रैल, 2019 को भाजपा के कुछ पदाधिकारी हैदराबाद में एक बैंक से पैसा निकालने पहुंचे. भाजपा से जुड़े 7 लोग इस पैसे को निकालकर कहीं ले जा रहे थे. तभी स्थानीय पुलिस ने उनको पकड़ लिया. और पकड़कर थाने ले आई. गिनने पर नकदी 8 करोड़ रुपए की निकली. नकदी जब्त करने के बाद पुलिस ने चुनाव आयोग के अधिकारियों को भी सूचित किया. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को भी इस बारे में बताया गया है. वोटिंग से तीन दिन पहले इतनी बड़ी तादाद में नकदी मिलने से तरह-तरह की चर्चाएं हैं. तेलंगाना की 17 लोकसभा सीटों के लिए 11 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. क्या कहना है भाजपा नेताओं का? भाजपा पुलिस की इस कार्रवाई को गलत बता रही है. प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता कृष्णा सागर राव के मुताबिक-
'हम लोग अपने बैंक खाते से अपनी नकदी निकाल रहे थे. पैसा बैंक से निकालकर पार्टी कार्यालय ले जाया जा रहा था, तभी पुलिस ने ये कार्रवाई की. और हमारी नकदी लेकर पुलिस स्टेशन आ गई.
राव ने आरोप लगाया कि ये बदले की भावना से की गई कार्रवाई है. उनके मुताबिक-
'पुलिस ने बैंक जाकर ये कार्रवाई की. हमारे कैशियर के साथ कैश को पकड़ा. ये तेलंगाना राष्ट्र समिति और एक स्थानीय पार्टी की राजनीतिक साजिश है. हम इस बर्ताव की कड़ी निंदा करते हैं. भाजपा ने न तो कोई कानून तोड़ा है. और ना ही चुनाव आयोग के किसी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया है.'
क्या हैं चुनाव आयोग के दिशा निर्देश 1- नकदी लेकर चलने पर रोक नहीं है. वैध कागज होने चाहिए. 2- राजनीतिक दल के प्रत्याशी और एजेंट 10 हजार रुपए लेकर चल सकते हैं. 3- व्यापारी हैं तो रुपए की डिपॉजिट स्लिप या निकासी स्लिप दिखा सकते हैं. 4- जब्त रकम को प्रथम दृष्टया जांच करने के लिए रोका जा सकता है. 5- जिसका पैसा जब्त हुआ है, वो चुनाव कार्यालय या जिला पंचायत में बयान देकर रकम वापस पा सकता है. 6- सरकार ने दो लाख रुपए से ज्यादा के नकद लेन-देन पर जरूर कुछ रोक लगा रखी है. इसके लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के निर्देश हैं.
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