लोकसभा चुनाव (Lok Sabha alliances) को लेकर चुनावी गठबंधनों का दौर चल रहा है. राजनीतिक दल चुनावी गठबंधनों और सीटों के बंटवारे पर चर्चा कर रहे हैं. एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के नेतृत्व में NDA गठबंधन में क्षेत्रीय दलों को जोड़ा जा रहा है, तो दूसरी तरफ खड़ा है 'INDIA' गठबंधन. कांग्रेस के नेतृत्व में 'INDIA' गठबंधन ने भी कुछ राज्यों में अपने सहयोगी दलों के साथ सीट शेयरिंग पर बात बना ली है. कुछ पर अब भी बात चल रही है. इस आर्टिकल में बात करेंगे कि ओडिशा, बिहार और महाराष्ट्र में गठबंधनों का कैसा ताना-बाना बुना जा रहा है.
लोकसभा चुनाव 2024: गठबंधन के खेल में NDA और INDIA कहां तक पहुंचे हैं?
BJP ने Lok Sabha Election के लिए कुछ राज्यों में एक भी उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं की है. इन राज्यों में गठबंधन और सीट शेयरिंग पर बात कहां तक पहुंची है?

BJP ने 2 मार्च को अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की. इस लिस्ट में 195 उम्मीदवारों के नाम थे. कुछ ऐसे राज्य हैं जहां से BJP ने एक भी उम्मीदवार की घोषणा नहीं की. इन राज्यों में बिहार, महाराष्ट्र, ओडिशा, हरियाणा, पंजाब और कर्नाटक शामिल हैं. इन राज्यों के एक भी सीट पर कैंडिडेट्स के नाम की घोषणा नहीं करने का कारण है- BJP की अन्य पार्टियों के साथ गठबंधन या गठबंधन के दलों के साथ सीट शेयरिंग पर अब भी चल रही बातचीत. सबसे पहले बात करते हैं बिहार की.
Bihar में NDA का Seat Sharingलोकसभा चुनाव के पहले बिहार में एक राजनीतिक बदलाव हुआ. जानकारों के मुताबिक, इस बदलाव से राज्य में BJP और नीतीश कुमार को इस चुनाव में फायदा हो सकता है. कारण कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार वापस NDA में शामिल हो गए हैं. राज्य में BJP के साथ NDA गठबंधन में नीतीश कुमार की पार्टी जदयू के अलावा इन दलों का भी साथ है- चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी- रामविलास (लोजपा रामविलास), चिराग के चाचा पशुपति पारस की लोजपा, उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) और जीतन राम मांझी की हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (HAM). लेकिन कई कारणों से यहां मामला फंसा हुआ है.
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इंडिया टुडे से जुड़े पुष्य मित्र बताते हैं,
"बिहार में NDA के सहयोगी दलों के बीच सीट शेयरिंग को लेकर दो तरह का फॉर्मूला चल रहा है. पहला- BJP को 17, जदयू को 16, लोजपा को 4 से 5, हम को 1 और रालोसपा को 1 सीट मिल सकती है. दूसरा फॉर्मूला ये चल रहा है कि 20 से 21 सीट पर BJP चुनाव लड़ सकती है तो वहीं जदयू 12 से 13 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है. और बाकी बची सीटों का बंटवारा शेष दलों के बीच हो सकता है."
उन्होंने बताया कि BJP 400 का टारगेट लेकर चल रही है. इसके लिए वो ज्यादा-से-ज्यादा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारना चाहती है. लेकिन जदयू भी 16 से कम सीटों पर मानने को तैयार नहीं है.
पिछले लोकसभा चुनाव में भी जदयू NDA गठबंधन का ही हिस्सा थी. पार्टी को 17 सीटें मिली थीं जिनमें से 16 पर उनके उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी.
बिहार में NDA की सीट शेयरिंग पर 13 मार्च के बाद कुछ पुख्ता जानकारी आ सकती है. कारण कि नीतीश कुमार बिहार में नहीं है. अपने पांच दिवसीय दौरे के तहत नीतीश 7 मार्च को इंग्लैण्ड चले गए. 13 मार्च को वापस आएंगे. उनके साथ राज्यसभा सांसद संजय झा भी विदेश गए हैं. ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि नीतीश के वापस आने के बाद राज्य में NDA गठबंधन में सीट शेयरिंग पर बात आगे बढ़ेगी.
Chirag Paswan पर फंसा है पेंच2 मार्च और 6 मार्च को बिहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी रैली हुई. पांच दिनों में PM मोदी दो बार बिहार पहुंचे. इन दोनों रैलियों में नीतीश मौजूद रहे. लेकिन चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा की गैर-मौजूदगी ने सवाल खड़े कर दिए. चर्चा और अटकलों का दौर शुरू हुआ.
इस बीच 8 मार्च को चिराग पासवान ने BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की है. कहा जा रहा है कि चिराग ने 6 सीटों की मांग की है. 2019 के लोकसभा चुनाव में भी पार्टी को BJP ने 6 सीटें दी थीं. चिराग की पार्टी ने इन सभी 6 सीटों पर जीत हासिल की. लेकिन इस चुनाव में मामला उनके और उनके चाचा पशुपति पारस के बीच फंसा हुआ है. पिछले चुनाव में दोनों साथ थे, लेकिन अब अलग हैं. रामविलास पासवान की पार्टी लोजपा अब दो पार्टी हो गई है. ऐेसे में इन दोनों दलों के बीच सीट शेयरिंग पर मामला फंसता हुआ दिख रहा है.
चिराग और पशुपति में हाजीपुर सीट पर भी बात नहीं बन पा रही है. इंडिया टुडे से जुड़े शशि भूषण कुमार की एक रिपोर्ट के अनुसार, पशुपति पारस दो सीटों की मांग कर रहे हैं. साथ ही दोनों नेताओं ने हाजीपुर सीट पर अपनी-अपनी दावेदारी पेश की है. वर्तमान में हाजीपुर के सांसद हैं- पशुपति पारस.
लेकिन बात सिर्फ इतनी नहीं है. खबर ये भी चल रही है कि चिराग को महागठबंधन की तरफ से भी बढ़िया सीटों का ऑफर मिला है. रिपोर्ट है कि चिराग को बिहार में 8 और UP नें 2 सीटों का ऑफर दिया गया है.
Bihar में 'INDIA' Allianceबिहार में 'INDIA' गठबंधन में कांग्रेस के राजद और लेफ्ट की पार्टियां हैं. पुष्य मित्र कहते हैं,
Odisha में BJD और BJP का गठबंधन"महागठबंधन से नीतीश के जाने के बाद अब उनके लिए परिस्थितियां बदल गई हैं. अब उनके बीच बंटवारे के लिए पर्याप्त सीटें हो गई हैं. इधर सीटों पर बहुत ज्यादा कन्फ्यूजन नहीं है. लेफ्ट की पार्टियां ज्यादा सीटों की मांग कर रही हैं."
ओडिशा में बीजू जनता दल (BJD) और BJP का गठबंधन पक्का माना जा रहा है. अगर ये गठबंधन होता है तो राज्य में ये दोनों दलों को बढ़िया रिजल्ट दिला सकता है. कारण कि पिछले लोकसभा चुनाव में यहां कांग्रेस को मात्र 1 सीट पर जीत मिली थी. और वर्तमान में यहां की राजनीति पर नवीन पटनायक की मजबूत पकड़ बताई जाती है.
इंडियन एक्सप्रेस से जुड़े सुजीत बिश्नोई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, लोकसभा और विधानसभा के चुनावों में दोनों पार्टियां 11 सालों तक गठबंधन में रहीं. इस दौरान दोनों दलों का राज्य की राजनीति पर दबदबा बना रहा.
2019 के लोकसभा चुनाव में BJP को 8 सीटों पर जीत मिली थी. वोट शेयर 38.9 फीसदी रहा. वहीं BJD को 43.3 फीसदी वोट शेयर के साथ 12 सीटों पर जीत मिली थी. वहीं काग्रेस को मात्र एक सीट पर जीत मिली थी. राज्य में पार्टी का वोट शेयर 14 प्रतिशत रहा था.
राज्य में BJD और BJP के बीच गठबंधन की आधिकारिक घोषणा के बाद सीट शेयरिंग पर कुछ पुख्ता जानकारी आ सकती है.
Maharashtra में NDA Allianceमीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, महाराष्ट्र की 48 सीटों में से करीब 32 सीटों पर BJP चुनाव लड़ सकती है. वहीं एकनाथ शिंदे की शिवसेना को लगभग 12 सीट और अजित पवार की NCP को लगभग 4 सीटें मिल सकती हैं. हालांकि, अजित पवार ने सीट शेयरिंग की इन खबरों को गलत बताया है. उन्होंने कहा है कि वो दिल्ली जाएंगे और बैठक करेंगे. उसके बाद ही सीट शेयरिंग पर कोई फैसला लिया जाएगा.
राज्य में 2019 के लोकसभा चुनाव में NDA में BJP के साथ शिव सेना ने चुनाव लड़ा था. BJP ने 25 सीटों पर उम्मीदवार उतारे और 23 पर जीत हासिल की थी. वहीं शिवसेना ने 23 सीटों पर चुनाव लड़ा और 18 पर जीत दर्ज की. तब कांग्रेस और NCP गठबंधन में साथ थे. NCP को 4 सीटों पर और कांग्रेस को 1 सीट पर जीत मिली थी. वहीं AIMIM को भी 1 सीट पर जीत मिली थी.
Andhra Pradesh में साथ आएंगे BJP और TDPउधर आंध्र प्रदेश में BJP और तेलुगु देशम पार्टी का गठबंधन हो सकता है. 7 मार्च को टीडीपी प्रमुख और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मुलाकात के बाद गठबंधन की अटकलों को बल मिल गया है. इस बीच लाइव मिंट ने अपनी एक रिपोर्ट में चंद्रबाबू नायडू की पार्टी के नेताओं के हवाले से लिखा है कि राज्य में भाजपा, TDP और जन सेना के बीच गठबंधन को लेकर बातें तय हो चुकी हैं.
वहीं टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, TDP भाजपा के लिए 6 सीटें छोड़ने पर सहमत हो गई है. अराकू, राजमुंदरी, नरसापुरम, एलुरु, राजमपेट और तिरूपति की सीट TDP भाजपा को देने को तैयार हो गई है. जबकि TDP अब भी विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा और हिंदूपुरम की सीट पर भाजपा के दावे का विरोध कर रही है.
त्रिपुरा का मुख्य विपक्षी दल टिपरा मोथा भी अब BJP सरकार में शामिल हो गया है.
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