तमिलनाडु विधानसभा चुनाव नतीजों के शुरुआती रुझान आने शुरू हो चुके हैं. कोलाथुर विधानसभा सीट से मुख्यमंत्री एम. के स्टालिन DMK से चुनाव लड़ रहे हैं. उनके सामने होंगे AIADMK के संथाना कृष्णन और TVK के वीएस बाबू हैं. इस सीट पर कांटे की टक्कर चल रही है. तमिलनाडु की राजनीति पर लंबे समय से डीएमके और एआईएडीएमके का दबदबा रहा है. रुझान के मुताबिक, एम के स्टालिन अपनी सीट पर ही पिछड़ गए हैं. 2021 से DMK राज्य में सत्ता में है और पार्टी के नेता एम.के. स्टालिन मुख्यमंत्री हैं. DMK के नेतृत्व वाला गठबंधन लगातार दूसरी बार सरकार बनाने की कोशिश करेगा, जबकि AIADMK के नेतृत्व वाला गुट सत्ता में वापसी के लिए पूरा जोर लगा रहा है.
तमिलनाडु के सीएम अपनी होम सीट बचा पाएंगे? कोलाथुर में कौन जीत रहा?
Tamil Nadu Election Results: कोलाथुर विधानसभा सीट 2011 से DMK का गढ़ रही है. एम. के. स्टालिन ने पहली बार इस सीट से जीत हासिल की थी. उन्होंने 2016 और 2021 के विधानसभा चुनाव में भी इस सीट पर दबदबा बनाए रखा.


कोलाथुर विधानसभा सीट 2011 से DMK का गढ़ रही है, सीएम एम. के. स्टालिन इसी सीट से चुनाव लड़ते हैं. उन्होंने 2016 और 2021 के विधानसभा चुनाव में भी इस सीट से जीत दर्ज की थी. 2021 के चुनावी नतीजे दिलचस्प रहे थे. 2021 के विधानसभा चुनावों में, स्टालिन ने 1,05,522 वोट (60.9% वोट शेयर) हासिल किया था और एआईएडीएमके के आदि राजाराम को बड़े अंतर से हराया. राजाराम को सिर्फ 35,138 वोट मिले थे. इस बार के चुनाव में AIADMK के आदि राजाराम चेपॉक-थिरुवल्लिकेनी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. और उनके सामने खड़े हैं- एम के स्टालिन के बेटे और तमिलनाडु के डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन.
कोलाथुर सीट की चुनौतियांआजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, कोलाथुर सीएम की सीट होने के बावजूद कई बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा है. कोलाथुर पहले एक औद्योगिक क्षेत्र था, लेकिन अब ये तेजी से बढ़ते अपार्टमेंट्स और घनी रिहायशी कॉलोनियों का केंद्र बन चुका है. ऐसे में जलभराव, संकरी सड़कें, स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज का अभाव, पुरानी सीवर लाइनों के कारण पानी का फैलना जैसी समस्याएं हैं. बीते एक दशक में यहां आबादी बढ़ी है, जिसकी वजह से स्थानीय लोगों के लिए ये बड़े मुद्दे रहे हैं.
वीडियो: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में क्या कुछ बड़ा होने वाला है?


















