चुनाव आयोग (ECI) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस (INC) को आदेश जारी किया है कि वे जाति, धर्म, समुदाय, भाषा के आधार पर चुनाव प्रचार (ECI warns BJP Congress) से दूरी बनाएं. 22 मई को आयोग ने दोनों पार्टियों के अध्यक्षों को नोटिस जारी कर आचार संहिता का पालन करने को कहा है.
ECI का BJP और कांग्रेस को नोटिस, सांप्रदायिकता, संविधान वाले बयानों पर फटकारा
चुनाव आयोग ने दोनों दलों से कहा कि चुनाव के लिए देश के सामाजिक और सांस्कृतिक माहौल को नुकसान नहीं पहुंचाया जा सकता है.
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इंडिया टुडे में छपी ऐश्वर्या पालीवाल की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी को लिखी चिट्ठी में आयोग ने कहा है कि पार्टी अपने स्टार प्रचारकों को सांप्रदायिक भाषणों से दूरी बनाने को कहे. वहीं कांग्रेस को निर्देश दिया गया है कि वे संविधान खत्म किए जाने की बात ना करें. आयोग ने दोनों दलों से कहा कि चुनाव के लिए देश के सामाजिक और सांस्कृतिक माहौल को नुकसान नहीं पहुंचाया जा सकता है.
आयोग ने अपनी चिट्ठी में कहा है,
पार्टियां पहुंची थीं आयोग“चुनाव एक ऐसी प्रक्रिया है जब राजनीतिक दल न केवल जीतने के लिए चुनाव लड़ते हैं, बल्कि वोटर्स के अनुभव और आशाओं के निर्माण के लिए खुद को सर्वश्रेष्ठ आदर्श के रूप में भी प्रस्तुत करते हैं. हमारे चुनावी लोकतंत्र को पार्टी सहित किसी को भी कमजोर करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए.”
इससे पहले दोनों पार्टियों ने चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया था और एक-दूसरे के नेताओं के खिलाफ शिकायत की थी. जिसके बाद आयोग ने नोटिस जारी कर उन आरोपों पर उनकी प्रतिक्रियाएं मांगी थीं. आज दिए निर्देशों में आयोग ने उनके एक-दूसरे के खिलाफ दिए सभी तर्कों को खारिज कर दिया.
बता दें कि कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी के आरोपों को लेकर चुनाव आयोग से शिकायत की थी. पीएम ने अपनी एक रैली के दौरान विपक्षी दल पर मुसलमानों के बीच लोगों की संपत्ति का पुनर्वितरण करने के आरोप लगाए थे. साथ ही ये भी कहा था कि विपक्षी दल विवाहित महिलाओं के 'मंगलसूत्र' को भी नहीं बख्शेंगे. इन्हीं आरोपों को लेकर कांग्रेस ने आयोग से शिकायत की थी.
वहीं भाजपा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा दिए बयान की शिकायत चुनाव आयोग से की थी. जिस चुनावी रैली के बयान को लेकर आयोग से शिकायत की गई थी उसमें राहुल ने पीएम मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा था कि पीएम एक राष्ट्र, एक भाषा, एक धर्म पर जोर दे रहे हैं.
चुनाव आयोग ने बाद में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और कांग्रेस अध्यक्ष खरगे को नोटिस जारी किया था. इस नोटिस में प्रधानमंत्री मोदी और राहुल गांधी का नाम नहीं था. आयोग ने स्टार प्रचारकों के भाषणों के लिए पार्टी प्रमुखों को जिम्मेदार ठहराया था. आज के निर्देशों में भी किसी नेता के नाम का जिक्र नहीं किया गया है.
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