
अमित शाह के ट्वीट के बाद तुषार ने भी ट्वीट किया और बीजेपी को थैंक्स कहा.

कौन हैं तुषार वेल्लापल्ली?

तुषार वेल्लापल्ली राहुल गांधी के खिलाफ एनडीए के उम्मीदवार हैं.
दिसंबर, 2015 में केरल में एक संगठन बना. इसका नाम रखा गया भारत धर्म जन सेना. इसे बनाने वाले थे वेल्लापल्ली नतेसन. वेल्लापल्लीन नतेसन एझावा समुदाय से ताल्लुक रखते हैं. रहने वाले अलप्पुझा जिले के चेरथाला के हैं. वेल्लापल्ली नतेसन का इस संगठन को बनाने के पीछे मकसद था एझावा समुदाय का विकास करना. एझावा पूरे राज्य की आबादी का करीब एक चौथाई हैं. उनके हितों के लिए वेल्लापल्ली ने भारत धर्म जन सेना को राजनीतिक पार्टी का रूप दिया और फिर अपने बेटे तुषार वेल्लापल्ली को इसका अध्यक्ष बना दिया. तुषार अब भी इसके अध्यक्ष हैं. 2016 में केरल में जब विधानसभा के चुनाव हुए थे, तो पार्टी ने चुनाव लड़ने के लिए बीजेपी के साथ गठबंधन किया था. भारत धर्म जन सेना ने 36 सीटों पर चुनाव लड़ा था. एक भी सीट नहीं मिली और कुल वोट मिले 3.93 फीसदी. 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए भी बीजेपी को केरल में एक सहयोगी की ज़रूरत थी. और उसे सहयोगी के रूप में मिला भारत धर्म जन सेना का साथ. 1 अप्रैल को इस गठबंधन पर मज़बूत मुहर तब लग गई, जब बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने वायनाड सीट से तुषार को एनडीए का उम्मीदवार बना दिया.

2016 में विधानसभा चुनाव में भी प्रत्याशी उतारे थे.
लेकिन तुषार का काम बस इतना ही नहीं है. केरल में एझावा समुदाय का सबसे बड़ा संगठन है नारायण धर्म परिपालन योगम. ये संगठन एझावा समुदाय के विकास के लिए 1903 से ही काम कर रहा है. इस संगठन की ओर से केरल में कई कॉलेज और अस्पताल चलाए जाते हैं. करीब दो दशकों तक वेल्लापल्ली नतेसन इसके सचिव रहे हैं और अब उनके बेटे तुषार वेल्लापल्ली इसके असिस्टेंट सेक्रेटरी हैं. इसके अलावा तुषार को केरल में एनडीए का कन्वेनर भी बनाया गया है, क्योंकि केरल में एनडीए के साथ बीजेपी और भारत धर्म जन सेना के अलावा केरल कांग्रेस भी है.
सबरीमाला पर पिता थे राज्य सरकार के साथ, बेटे ने दिया बीजेपी का साथ

सबरीमाला मंदिर पर पिता और बेटे का स्टैंड अलग-अलग था.
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि अब महिलाएं भी सबरीमाला मंदिर में जा सकती हैं. इसका खूब विरोध हुआ. केरल में बीजेपी के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ कई आंदोलन हुए. लेकिन वेल्लापल्ली नातेसन ने इस मामले में राज्य की पिनाराई विजयन सरकार का साथ दिया था. वहीं वेल्लापल्ली नातेसन के बेटे तुषार इस मामले में बीजेपी के पक्ष में खड़े थे और सबरीमाला में महिलाओं की एंट्री के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे.
राहुल गांधी को कैसे जवाब देना है, ये अमित शाह को पीएम मोदी से सीखना चाहिए










