गाय कटने की शिकायत करने पर भीड़ ने महिला पर हमला कर दिया, जिसमें उसे गंभीर चोटें आईं हैं.
गाय की वजह से एक बार फिर एक महिला की जान जाते-जाते बची है. लेकिन इस बार मामला गोरक्षकों से जुड़ा हुआ नहीं है. इस बार हमला गोतस्करों ने किया है, जिनके हमले में एक महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर इतनी बुरी तरह से घायल हो गई है कि उसे अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा है. मामला कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के पास का है. बेंगलुरु में तलघट्टापुरा नाम का एक थाना है. वहां के अवालहल्ली इलाके में मीट बेचने वाली कई दुकानें हैं. नंदिनी मटियानी नाम की एक महिला सॉफ्टवेयर इंनीजियर को पता चला कि उन दुकानों पर बीफ भी बेचा जाता है. इसकी पड़ताल करने के लिए वो 15 अक्टूबर की दोपहर में अपनी दोस्त रिजिल एन को लेकर गई थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नंदिनी को वहां 14 गायें बंधी दिखीं. इसके अलावा दो बछड़े भी थे, जिन्हें काटने के लिए ले जाया जा रहा था.

बंगलुरु में एक आईटी कंपनी की वाइस प्रेसिडेंट के तौर पर काम कर रहीं नंदिनी के मुताबिक वो और उसकी दोस्त कुछ नहीं कर सकते थे, इसलिए उन्होंने तलघट्टापुरा थाने में इसकी शिकायत की. पुलिस ने दोनों को कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया, लेकिन कोई ऐक्शन नहीं लिया गया. इसके बाद नंदिनी फिर थाने पहुंची. थाने में पुलिस की जीप न होने की वजह से नंदिनी अपनी कार से दो सिपाहियों को लेकर अवालहल्ली गईं. इस दौरान पुलिस की ओर से नंदिनी को बताया गया था कि मौके पर फोर्स भेजी जा रही है. बकौल नंदिनी, जब वो और दोनों सिपाही मौके पर पहुंचे, तो वहां कोई पुलिस नहीं थी और 150 से ज्यादा लोगों की भीड़ इकट्ठी थी.
भीड़ ने उनकी कार और सिपाहियों को देखते ही चारों ओर से घेर लिया. भीड़ ने उनपर ईंट-पत्थरों और शीशे की बोतलों से हमला कर दिया. हमले में नंदिनी बुरी तरह से घायल हो गईं और उनकी कार भी टूट गई. नंदिनी के मुताबिक उसे लगा कि वो वहां से जिंदा बचकर नहीं आ पाएगी. लेकिन किसी तरह से वो कार को वहां से निकालने में सफल रही. इस दौरान दोनों ही सिपाही उसे छोड़कर भाग गए थे. नंदिनी के मुताबिक मौके पर पुलिस की मौजूदगी का न होना ये बताता है कि मामले में पुलिस भी मिली हुई है. वारदात के बाद कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने ट्वीट कर राज्य सरकार पर हमला बोला.
इसके बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में आया और मौके पर फोर्स भेजी गई. डीसीपी दक्षिणी (एसडी शरनप्पा के मुताबिक महिला पर हमला करने वाले लोगों की पहचान कर ली गई है और सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है. हालांकि पुलिस ने कहा है कि नंदिनी उस इलाके में गईं थीं, जहां उनकी कार किसी की दीवार से टकरा गई थी, इसकी वजह से लोगों का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने हमला कर दिया. पुलिस ने नंदिनी के साथ दो सिपाहियों को भी भेजे जाने की बात से इनकार कर दिया है. पुलिस चाहे जो कहे, लेकिन महिला को गंभीर चोटें आईं हैं. ऐसे में अगर कोई गोरक्षक या गोरक्षकों का समूह इस खबर को पढ़ रहा है, तो उसे बंगलुरु जरूर जाना चाहिए, जहां गायों को बचाने के चक्कर में किसी महिला की जान पर बन आई है. अब तक गोरक्षक अकेले आदमी को रोककर उसपर हमला करते और उसकी जान लेते ही नजर आए हैं, लेकिन अगर उन्हें गायों की चिंता है, तो उन्हें उन जगहों पर भी जाना ही होगा, जहां पूरी भीड़ हमले के लिए तैयार रहती है.
वीडियो में देखिए लल्लनटॉप बुलेटिन ये भी पढ़ें: कितने बीमार हैं ये लोग, जो गाय काटकर दंगा फैलाना चाहते हैं बछड़ा मरने पर औरत से भीख मंगवाई, शुक्र है उसकी 'लिंचिंग' नहीं हुई इंडिया में 200 गायें मारी गई हैं, तो कितने लोगों को क्या सजा होगी! गोरक्षकों के मुंह खून लग गया है, वो गाय के मुद्दे के बिना भी मारेंगे