The Lallantop

रिजर्व लिस्ट और प्रोविजनल लिस्ट क्यों जारी करता है UPSC?

UPSC द्वारा जारी डॉक्यूमेंट के अनुसार रिजर्व लिस्ट किसी भी मल्टी सर्विस एग्जाम में जारी की जाती है.

Advertisement
post-main-image
संघ लोक सेवा आयोग की बिल्डिंग (सोर्स- आज तक)

UPSC सिविल सर्विसेस परीक्षा 2022 के रिजल्ट में लड़कियों ने परचम लहराया. टॉप 3 रैंक पर लड़कियों ने कब्जा जमा देशभर को एक संदेश देने का काम किया. UPSC 2022 में 1022 पोस्ट के लिए परीक्षा हुई थी. लेकिन रिजल्ट जारी होते ही ये पता चला कि UPSC ने सिर्फ 933 कैंडिडेट्स को ही रिकमेन्ड किया है. बाकी बची पोस्ट का क्या हुआ, UPSC हर साल एक रिजर्व लिस्ट और एक प्रोविजनल लिस्ट क्यों निकालती है? इस खबर में हम आपको यही बताएंगे.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
क्या है रिजर्व लिस्ट का खेल ?

संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC हर साल सिविल सर्विस यानी CSE के लिए परीक्षा का आयोजन कराता है. 2022 की परीक्षा के फाइनल रिजल्ट 23 मई को जारी किए गए. रिजल्ट में कुल 933 कैंडिडेट्स को रिकमेन्ड किया गया है. बाकी पोस्ट को भरने के लिए UPSC ने एक रिजर्व लिस्ट जारी की है. इस साल इस लिस्ट में कुल 178 कैंडिडेट्स को शामिल किया गया है.

रिजर्व लिस्ट कोई वेटिंग लिस्ट नहीं होती है. यानी ऐसा नहीं है कि इस लिस्ट में शामिल कैंडिडेट्स को वेटिंग लिस्ट का कैंडिडेट्स माना जाता है. UPSC द्वारा जारी डॉक्यूमेंट के अनुसार रिजर्व लिस्ट किसी भी मल्टी सर्विस एग्जाम में जारी की जाती है. मल्टी सर्विस एग्जाम मानें वो एग्जाम जहां एक से ज्यादा सर्विस के विकल्प मौजूद होते हैं. 

Advertisement

ऐसे में रिजर्व लिस्ट रिजर्वड कैटेगरी के उन कैंडिडेट्स के लिए जारी की जाती है जो रिजर्वेशन का लाभ लिए बिना जनरल कैटेगरी के कैंडिडेट्स के बराबर या उनसे ज्यादा अच्छा परफॉर्म करते हैं. यहां पर रिजर्वड कैटेगरी का मतलब है वो कैटेगरी जिसमें उन कैंडिडेट्स को शामिल किया जाता है जो SC, ST, OBC और EWS की कैटेगरी से आते हैं. ऐसे कैंडिडेट्स को रिजर्वेशन का लाभ मिलता है.

साल 2019 के UPSC सिविल सर्विस के रिजल्ट जारी होते ही ये बात सामने आई थी कि वैकेंसी से कम कैंडिडेट को चुना गया है. इसको लेकर UPSC ने जवाब में कहा था, 

 ये UPSC के ध्यान में लाया गया है कि सरकार के द्वारा सिविल सेवा परीक्षा 2019 के लिए जो वैकेंसी बताई गई थीं, उनके मुकाबले कम कैंडिडेट्स के नामों को रिकमेंड किया गया है. सिविस सेवा परीक्षा के तहत पोस्ट या सर्विस में भर्ती के लिए आयोग भारत सरकार द्वारा बनाए गए नियमों का कड़ाई से पालन करता है. इसलिए ये साफ किया जाता है कि 927 वैकेंसीज़ के मुकाबले आयोग ने शुरू में 829 कैंडिडेट्स के नतीजे निकाले हैं. साथ ही सिविल सेवा परीक्षा के नियम- 16 (4) और (5) का पालन करते हुए एक रिज़र्व लिस्ट भी निकाली है.

Advertisement

इसके आगे आयोग ने कहा कि ऐसा पिछले कई दशकों से किया जा रहा है. ये सामान्य अभ्यास है. अब ऐसा क्यों किया जाता है? इसके जवाब में UPSC ने आगे कहा,

ये दशकों से एक सामान्य अभ्यास है. ऐसा इसलिए किया जाता है कि रिज़र्व कैटेगिरी से संबंध रखने वाले वो कैंडिडेट्स, जो कि जनरल (सामान्य) मानकों के आधार पर सेलेक्ट हुए हैं, अगर अपने रिज़र्व स्टेटस (आरक्षित स्थिति) का लाभ लेते हुए और उस स्टेटस के आधार पर सर्विस या काडर चुनना चाहें, तो उसके परिणामस्वरूप जो वैकेंसी बनेगी, उसे रिज़र्व लिस्ट के कैंडिडेट्स से भरा जाएगा. रिज़र्व लिस्ट में रिज़र्व कैटेगिरी के कैंडिडेट्स की भी पर्याप्त संख्या होती है. ताकि रिज़र्व कैटेगिरी से संबंध रखने वाले उन कैंडिडेट्स, जिनका सेलेक्शन सामान्य मानकों पर हुआ है, उनकी पसंद की वजह से जो कमी आती है, उसे पूरा किया जा सके. UPSC को तब तक इस रिज़र्व लिस्ट को कॉन्फिडेंशियल रखना होता है, जब तक वरीयता या प्राथमिकता की प्रक्रिया खत्म नहीं हो जाती. UPSC इसमें सिविल सेवा परीक्षा नियम 16 (5) के अनुसार काम करता है.

UPSC document.

मुख्य परिणाम घोषित करते समय, जनरल(अनरिजर्वड) श्रेणी के तहत रिकमेन्डेड कैंडिडेट्स की संख्या को SC, ST, OBC और EWS से संबंधित कैंडिडेट्स की कुल संख्या से कम किया जाता है. इसका मतलब ये है कि अगर कुल 100 SC, ST, OBC और EWS से संबंधित कैंडिडेट्स जनरल कैंडिडेट्स से अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो जनरल कैंडिडेट्स मे से 100 कैंडिडेट्स को घटा कर उनकी जगह SC, ST, OBC और EWS से संबंधित कैंडिडेट्स को रखा जाएगा. माने आसान भाषा में कहें तो इन SC, ST, OBC और EWS कैंडिडेट्स को जनरल कैटेगरी में ही शामिल समझा जाएगा.

लेकिन यहां एक बात और जानना जरूरी है कि अगर रिजर्वड कैटेगरी का कोई कैंडिडेट अनरिजर्वड कैटेगरी में आता है तो उसके पास वापस अपनी कैटेगरी में जाने का मौका होता. माने अगर उस कैंडिडेट को अनरिजर्वड कैटेगरी में आकर अपने पसंद की सर्विस या काडर नहीं मिल रहा है तो वो वापस रिजर्वड कैटेगरी में जाकर अपनी पसंदीदा सर्विस को ले सकता है.

UPSC प्रोविजनल लिस्ट क्यों जारी करती है?

जैसे UPSC रिजर्वड लिस्ट जारी करती है ठीक उसी तरह एक प्रोविजनल लिस्ट भी जारी करती है. प्रोविजनल लिस्ट वो लिस्ट होती है जिसमें उन कैंडिडेट्स को शामिल किया जाता है जिनके किसी डॉक्यूमेंट में कोई दिक्कत पाई जाती है या किसी और कारण से उन्हें रोक कर रखा जाता है.

मतलब अगर आपने UPSC के सारे स्टेज क्लियर कर लिए हैं लेकिन डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में कोई दिक्कत पाई जाती है तो आपको प्रोविजनल लिस्ट में रखा जाएगा. जब आप उसे ठीक कर वेरिफाई करा लेंगे तो प्रोविजनल लिस्ट से आपको हटा दिया जाएगा और मेन लिस्ट में शामिल कर लिया जाएगा.

वीडियो-यूपीएससी 2021: हिंदी माध्यम के टॉपर रवि सिहाग ने लल्लनटॉप को क्या बताया?

Advertisement