NEET PG Counselling 2022. सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर से शुरू होने वाली NEET PG 2022 की काउंसलिंग में दखल देने से मना कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने NEET PG काउंसलिंग पर रोक लगाने से इनकार दिया है. जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और हिमा कोहली की बेंच ने सुनवाई करते हुये कहा,
'छात्रों को संकट में नहीं डाल सकते,' सुप्रीम कोर्ट ने NEET PG काउंसलिंग रोकने से इनकार किया
इससे पहले 8 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने NEET PG 2022 की काउंसलिंग पर रोक लगाने से इनकार किया था.


हम इस मामले में दखल नहीं देंगे. NEET PG काउंसलिंग को चलने दिया जाये. इसे और नहीं रोका जाना चाहिये.
जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि हम स्टूडेंट्स को खतरे में नहीं डाल सकते हैं. काउंसलिंग को हम नहीं रोकेंगे.
इससे पहले 8 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने NEET PG 2022 की काउंसलिंग पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. कोर्ट की ओर से कहा गया था कि ऐसा करने का गलत प्रभाव पड़ सकता है. ये मामला कुछ डॉक्टर्स द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका से जुड़ा है. इसमें कहा गया है कि NEET PG 2022 के परिणामों में गड़बड़ी हुई है, लिहाजा कोर्ट NEET PG 2022 का प्रश्नपत्र और आंसर की जारी करने का निर्देश दे. NEET PG 2022 की काउंसलिंग एक सितंबर, 2022 से शुरू होनी है. इस पर रोक ना लगाने का फैसला याचिककर्ताओं के लिए झटके की तरह है.
इससे पहले याचिकाकर्ताओं ने नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन (NBE) के आंसर की और क्वेश्चन पेपर रिलीज नहीं करने के फैसले को चुनौती दी थी. उन्होंने कहा था कि एग्जाम की स्कोरिंग में गंभीर गड़बड़ियां होने के बावजूद बोर्ड ने ये फैसला लिया है. इस आधार पर याचिका में मांग की गई है कि कोर्ट NBA को निर्देश दे कि वो याचिकाकर्ताओं समेत बाकी उम्मीदवारों को उनके स्कोर का रीवैल्युएशन या रीचेकिंग कराने की अनुमति दी. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकील ने कोर्ट को बताया था कि NEET PG 2021 से जुड़ी ऐसी ही एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. इसके बाद कोर्ट ने दोनों मामलों को एक साथ सुनने का फैसला किया था.
मामले से जुड़े याचिकाकर्ता डॉक्टर अपनी MBBS की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं. ये डॉक्टर मेडिकल काउंसिल के तहत रजिस्टर्ड हैं. इन डॉक्टर्स का दावा है कि NEET PG 2022 के उनके स्कोर में बहुत ज्यादा मिसमैच हैं. NBE उन्हें उनकी आंसर शीट में स्कोर का फिर से मूल्यांकन या उसे चेक कराने का विकल्प नहीं दे रहा है. यहां तक कि टोटल स्कोर को फिर गिनने का भी विकल्प नहीं दिया जा रहा जिससे पता लग सके कि उनके मार्क्स में अंतर होने की संभावना कितनी सही है.
याचिकाकर्ताओं ने कहा है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी NEET UG के उम्मीदवारों को आंसर की का फिर से मूल्यांकन कराने की अनुमति देती है. यहां तक कि IIT-JEE, CMAT, CLAT, JUDICIAL SERVICES से जुड़ी परीक्षाओं में भी ये विकल्प दिया जाता है. लेकिन NEET PG के मामले में ऐसा नहीं है.
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