The Lallantop

NEET पेपर लीक में पकड़े गए दिनेश बिवाल का कच्चा चिट्ठा खुला, कांग्रेस बता रही BJP नेता

NEET Paper leak Rajasthan: कांग्रेस ने पेपर लीक मामले में आरोपी Dinesh Biwal के जो फोटो शेयर किए, उनमें वो Rajasthan के खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर के साथ दिख रहा है. जमवारामगढ़ के BJP विंधायक महेंद्र पाल मीणा ने भी कथित तौर पर एक फेसबुक पोस्ट में दिनेश बिवाल को BJP कार्यकर्ता बताया था.

Advertisement
post-main-image
कांग्रेस ने दिनेश बिंवाल के BJP से कथित जुड़ाव के फोटो शेयर किए. (X @INCIndia)

नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) के पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों को बड़ी कामयाबी मिली है. पेपर लीक की पूरी चेन का पता लगाने जांच टीम जयपुर के जमवारामगढ़ पहुंची. यहां से दो भाई मांगीलाल बिवाल और दिनेश बिवाल को राजस्थान SOG ने पकड़कर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के सुपर्द कर दिया है. दोनों भाइयों पर NEET पेपर लीक में शामिल होने का आरोप है. कांग्रेस ने दावा किया है कि दिनेश बिवाल भारतीय जनता पार्टी (BJP) का नेता है. दिनेश के BJP के साथ कथित जुड़ाव की तस्वीरें भी सामने आ रही हैं.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

इंडिया टुडे से जुड़े शरत कुमार की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोप है कि दिनेश बिवाल ने 30 लाख रुपये में मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET का पेपर खरीदा था. दिनेश पर यह पेपर अपने बेटे रिषी बिवाल को देने का आरोप है, जो राजस्थान के सीकर में रहकर NEET की तैयारी कर रहा था. दिनेश के साथ उसके बेटे रिषी को भी CBI ले गई है.

दिनेश बिवाल के फोटो आए

कांग्रेस ने नीट पेपर लीक नेटवर्क में दिनेश बिवाल का नाम सामने आने पर BJP को घेर लिया है. कांग्रेस ने दिनेश के BJP से कथित जुड़ाव वाले फोटो सोशल मीडिया पर शेयर किए. कांग्रेस ने X पर लिखा,

Advertisement

“ये BJP नेता दिनेश बिवाल है. BJP नेता दिनेश पेपर लीक माफिया है, जो परीक्षाओं की धांधली में शामिल रहा है. दिनेश ने पहले 30 लाख में NEET 2026 का पेपर खरीदा, फिर इसे कई लोगों को लाखों रुपए में बेच दिया और साथ ही सोशल मीडिया के कई ग्रुपों में फॉरवर्ड किया.”

कांग्रेस ने आगे लिखा,

"पेपर लीक माफिया दिनेश बिवाल ने BJP के संरक्षण में भयंकर फर्जीवाड़ा कर देश के लाखों बच्चों के भविष्य को गर्त में धकेल दिया. ये पहला मामला नहीं है. BJP सरकार में पेपर लीक माफिया ऐसी धांधली कर लाखों परिवारों की जिंदगी तबाह कर चुके हैं.

साफ है: पेपर लीक माफियाओं की साझेदार - BJP सरकार"

Advertisement
BJP विधायक का पोस्ट!

कांग्रेस ने जो फोटो डाले, उनमें दिनेश बिवाल कथित तौर पर राजस्थान के खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर के साथ दिख रहा है. जमवारामगढ़ के BJP विंधायक महेंद्र पाल मीणा ने भी कथित तौर पर अपने फेसबुक पोस्ट पर नीट पेपर लीके के आरोपी दिनेश को BJP का उर्जावान कार्यकर्ता बताते हुए बधाई पोस्ट किया था. इसका स्क्रीनशॉट वायरल हो रहा है.

Dinesh Biwal NEET
BJP विंधायक महेंद्र पाल मीणा का कथित फेसबुक पोस्ट. (ITG)

सूत्रों के मुताबिक जांच में पता चला कि मांगीलाल बिवाल और दिनेश बिवाल ने 26 और 27 अप्रैल को हरियाणा के गुरुग्राम के एक डॉक्टर से करीब 30 लाख रुपये में कथित तौर पर NEET का पेपर खरीदा था. दिनेश ने सीकर में बेटे को यह पेपर दिया. जांच एजेंसियों का दावा है कि इसके बाद 29 अप्रैल को यही पेपर कई अन्य छात्रों और अभिभावकों तक पहुंचाया गया.

जांच में यह भी सामने आया है कि दिनेश बिवाल के परिवार के चार बच्चों का पिछले साल NEET में चयन हुआ था. पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें करीब एक महीने पहले ही जानकारी मिल गई थी कि परीक्षा का पेपर लीक होकर उपलब्ध कराया जाएगा. इसी भरोसे पर उन्होंने पहले से तैयारी कर रखी थी.

NEET का लीक पेपर कैसे आगे पहुंचाया गया? 

जमवारामगढ़ से पेपर कथित तौर पर सीकर में एक MBBS काउंसलिंग एजेंट राकेश कुमार मंडावरिया को बेचा गया था. आरोप है कि उसने इसे आगे सर्कुलेट किया. शहर के बड़े कोचिंग इंस्टीट्यूट के बाहर राकेश ने बाद में पेपर को अपने एक साथी, सीकर के एक स्टूडेंट को 30,000 रुपये में बेच दिया, जो केरल में MBBS कर रहा था.

NEET परीक्षा से एक दिन पहले इस स्टूडेंट ने कथित तौर पर पेपर अपने पिता को भेजा, जो सीकर में एक PG ऑपरेटर हैं. मैसेज में लिखा था,

"पापा, सीकर के एक दोस्त ने मुझे यह भेजा है. प्लीज इसे अपने हॉस्टल की लड़कियों को दे देना. कल के एग्जाम में यही आएगा."

फिर पिता ने कथित तौर पर इसे हॉस्टल में रहने वाली लड़कियों के बीच सर्कुलेट कर दिया. उधर, NEET पेपर लीक केस में गुरुग्राम के डॉक्टर का नाम सामने आने पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) गुरुग्राम के प्रेसिडेंट डॉ. राजेश कटारिया ने कहा कि गुरुग्राम के डॉक्टर के बारे में किसी भी जांच एजेंसी ने अभी तक किसी भी मेडिकल बॉडी से कॉन्टैक्ट नहीं किया है.

जांच में पता चला कि NEET पेपर लीक का पूरा नेटवर्क हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड तक फैला हुआ था. परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र लाखों रुपये में बेचे जा रहे थे. मामले में कई आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियां पेपर लीक के पूरे सिंडिकेट को खंगालने में जुटी हैं.

वीडियो: NEET UG 2026 एग्जाम रद्द, NTA के डायरेक्टर जेनरल अभिषेक सिंह ने क्या बताया?

Advertisement