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टाइटन के शेयर में आई तूफानी तेजी, खरीदने के लिए है राइट टाइम? जान लें एक्सपर्ट राय

टाटइन ने एक अप्रैल से 30 जून के बीच अच्छा प्रदर्शन किया है . कंपनी का ज्वेलरी बिजनेस बाजा फोड़ रहा है. टाइटन के शेयर में आई तूफानी तेजी ने निवेशकों को भी हैरान कर दिया है. शेयर्स खरीदने या बेचने का बना रहे हैं मन तो जानें डिटेल.

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टाइटन कंपनी ने अपने स्टोरों की संख्या बढ़ाई है (फोटो क्रेडिट: Aaj Tak)

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  • टाइटन कंपनी के जून तिमाही वित्तीय परिणामों में शुद्ध लाभ 63% बढ़कर 1,777 करोड़ रुपये पहुंचा, जिससे कंपनी के शेयर 52 सप्ताह के उच्चतम स्तर 5,121.30 रुपये पर पहुंच गए।
  • शेयरों में तेजी का मुख्य कारण जून तिमाही में टाइटन के ज्वेलरी व्यवसाय का 43% सालाना राजस्व वृद्धि और त्योहारी खरीदारी के दौरान बिक्री में वृद्धि है।
  • बड़ी ब्रोकरेज फर्मों ने टाइटन की बिक्री वृद्धि को सकारात्मक माना है, जबकि कुछ ने हालिया तेजी के कारण शेयर में सावधानी बरतने की सलाह दी है।

सोमवार 10 अगस्त को टाइटन कंपनी के शेयरों में करीब 3% की तेजी देखने को मिली. इसी के साथ कंपनी का शेयर 52 सप्ताह के उच्चतम स्तर 5,121.30 रुपये पर पहुंच गया. आज दोपहर दो बजे के आसपास कंपनी का शेयर 5,075 रुपये पर कारोबार कर रहे थे.

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Titan के शेयरों में उछाल क्यों आया? 

इंडिया टुडे में छपी एक रिपोर्ट में बताया गया है कि इसका सबसे बड़ा कारण टाइटन का जून तिमाही (एक अप्रैल-30 जून के बीच) का प्रदर्शन है. टाइटन कंपनी ने पहली तिमाही में शानदार वित्तीय नतीजे दिए हैं.

कंपनी ने पहली तिमाही में शुद्ध लाभ में 63% की सालाना वृद्धि दर्ज की. यह पिछले साल की इसी तिमाही के 1,091 करोड़ रुपये के मुकाबले बढ़कर 1,777 करोड़ रुपये हो गया. कंपनी की कुल आय में भी 40% की सालाना वृद्धि दर्ज की गई और यह 20,753 करोड़ रुपये तक पहुंच गई.

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टाइटन के ज्वेलरी बिजनेस में है दम!

कंपनी के ज्वेलरी बिजनेस ने बहुत अच्छा कारोबार किया है. पहली तिमाही में अच्छे प्रदर्शन की सबसे बड़ी वजह है. बुलियन (सोने-चांदी) और डिजिटल गोल्ड की बिक्री को छोड़कर, आभूषण पोर्टफोलियो से राजस्व में साल-दर-साल 43% की वृद्धि हुई है. अब यह 18,253 करोड़ रुपये तक पहुंच गया.

टाइटन का कहना है कि त्योहारी खरीदारी और अक्षय तृतीया बिक्री से फायदा मिला है. इसके अलावा, इस तिमाही के दौरान सोने की कीमतों में अपेक्षाकृत स्थिरता से भी कंपनी को फायदा हुआ.

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इस प्रदर्शन से इस बात को लेकर कुछ चिंताएं कम हुई हैं कि सोने की ऊंची कीमतों और बदलते उपभोक्ता व्यवहार से टाइटन के ज्वेलरी बिजनेस में मंदी आ सकती है. टाइटन की सबसे बड़ी ताकत अभी भी उसका ज्वेलरी बिजनेस है. तनिष्क कंपनी का सबसे भरोसेमंद ब्रांड है.

ब्रोकरेज कंपनियां क्या कह रही हैं?

अमेरिका की एक बड़ी वैश्विक बैंकिंग और वित्तीय सेवा कंपनी की रिसर्च और ब्रोकरेज फर्म Citi ने भी इसे दोहराया है. Citi ने कहा कि बुलियन की बिक्री और एकमुश्त (one-off) फैक्टर्स को हटाने के बाद भी टाइटन की ज्वेलरी बिक्री से होने वाली कमाई और कारोबार से होने वाला ऑपरेटिंग मुनाफा (EBIT) दोनों अच्छी रफ्तार से बढ़ रहे हैं. 

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद कंपनी के रेवेन्यू ग्रोथ 10 परसेंट से ज्यादा रहने की उम्मीद है. Citi का मानना है कि गोल्ड कॉइन की बिक्री का योगदान घटने और स्टडेड ज्वेलरी की हिस्सेदारी बढ़ने से कंपनी के मार्जिन में भी सुधार की गुंजाइश है.

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मोतीलाल ओसवाल और Citi ने दी खरीदने की सलाह

भारत की जानी-मानी ब्रोकरेज फर्म में से एक मोतीलाल ओसवाल ने भी टाइटन को 'बाय'(खरीदारी की सलाह) रेटिंग दी है. कंपनी ने कहा है कि आउटसोर्सिंग, जड़े हुए आभूषणों में मजबूत स्थिति जैसी वजहों से कंपनी का प्रदर्शन अच्छा है. उन्होंने यह भी कहा कि युवा उपभोक्ताओं पर फोकस रखने की वजह से भी टाइटन दूसरे ब्रांडेड आभूषण बनाने वाली कंपनियों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर रही है.

ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि तनिष्क की मजबूत ब्रांड पहचान और व्यावसायिक क्षमता टाइटन अपने मुकाबले वाली कंपनियों पर बढ़त बनाए रखने में मदद करेगी. इसके अलावा, टाइटन अपने रिटेल नेटवर्क का विस्तार भी जारी रखे हुए है.

मोतीलाल ओसवाल के अनुसार, जून 2026 तक इसके स्टोर की संख्या 3,551 हो गई थी. ब्रोकरेज फर्म का मानना ​​है कि अभी भी विस्तार की गुंजाइश है. ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि खास बात ये है कि टाइटन के गैर-आभूषण व्यवसाय भी विस्तार कर रहे हैं.

मोतीलाल ओसवाल को उम्मीद है कि टाइटन आभूषण उद्योग में एक अग्रणी खिलाड़ी बना रहेगा . आगे भी कंपनी की कमाई बढ़ेगी.

ब्रोकरेज फर्मों का नजरिया काफी हद तक सकारात्मक है, लेकिन हाल ही में शेयर में आई तेजी के बाद उनके नजरिए में एक महत्वपूर्ण फर्क भी है.

सिटी ने अपनी बाय रेटिंग बरकरार रखी है और शेयर का टारगेट प्राइस 5,075 रुपये से बढ़ाकर 5,700 रुपये कर दिया है. इस तरह से देखें तो मौजूदा कीमत से कंपनी के शेयर 12-13 परसेंट उछल सकते हैं.

वहीं, मोतीलाल ओसवाल ने अपनी बाय रेटिंग और 6,000 रुपये का लक्ष्य मूल्य बरकरार रखा है. इसका मतलब हुआ कि कंपनी के शेयरों में मौजूदा स्तर से लगभग 19% की वृद्धि की संभावना है. कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 और वित्त वर्ष 2028 के लिए अपने ईपीएस अनुमानों में 3-4% की वृद्धि की है.

हालांकि, जापान की ब्रोकरेज फर्म नुवामा ने इसकी रेटिंग बाय से घटाकर होल्ड कर दी है. कंपनी ने इसका टारगेट प्राइस 5,030 रुपये से बढ़ाकर 5,241 रुपये कर दिया है. कंपनी का कहना है कि सोने की कीमतों में तेज वृद्धि से आभूषणों की मांग पर असर पड़ सकता है. निवेश के लिए सोने की खरीद में आमतौर पर मार्जिन कम होता है.

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निवेशकों को Titan के शेयर खरीदने चाहिए, बेचने चाहिए या होल्ड रखने चाहिए?

इसका जवाब इस बात पर निर्भर है कि निवेशक ने ये शेयर कितने का खरीदा और कितने दिन या साल के लिए खरीदा है. मौजूदा निवेशकों के लिए, ब्रोकरेज फर्मों का मानना ​​है कि अभी भी शेयर को होल्ड करने का एक कारण है. 

सिटी, मोतीलाल ओसवाल और एमके टाइटन की कमाई में वृद्धि को लेकर सकारात्मक बने हुए हैं, जबकि नुवामा की होल्ड की सलाह से पता चलता है कि हालिया तेजी ने वैल्यूएशन को नजरअंदाज करना मुश्किल बना दिया है.

नए सिरे से शेयर खरीदने के इच्छुक निवेशकों के लिए, 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर की ओर तेजी से बढ़ने के बाद शेयर के पीछे भागना ठीक नहीं लगता. मौजूदा स्तर पर टाइटन का मूल्य काफी अधिक है. इसका यह मतलब नहीं है कि शेयर का मूल्य अधिक आंका गया है. इसका यह जरूर मतलब है कि बाजार पहले से ही भविष्य में मजबूत वृद्धि को ध्यान में रखते हुए मूल्य निर्धारण कर रहा है.

आभूषणों की मांग में किसी भी प्रकार की मंदी,  लोगों की तरफ से खर्च घटाए जाने से या सोने की कीमतों में तेज बढ़ोतरी से शेयर के मूल्य में गिरावट आ सकती है. वैसे तो ये कई ब्रोकरेज यह संकेत देते हैं कि अभी भी इसमें और वृद्धि की संभावना है. नए निवेशकों के लिए रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब पहुंचने पर शेयर खरीदने के बजाय गिरावट आने पर धीरे-धीरे खरीदारी करना अधिक समझदारी भरा हो सकता है.

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