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रैगिंग के नाम पर टॉर्चर, परेशान जूनियर डॉक्टर ने हॉस्टल रूम में जान दे दी, ये 4 सीनियर्स सस्पेंड

सूरत के एक मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट के फर्स्ट ईयर के रेजिडेंट डॉक्टर हर्ष पंड्या ने आत्महत्या कर ली. मेडिकल कॉलेज प्रशासन की जांच में पता चला है कि हर्ष रैगिंग से परेशान था. चार सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स मिलकर उनकी रैगिंग कर रहे थे.

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हर्ष पंड्या ने हॉस्टल के कमरे में सुसाइड कर लिया. (इंडिया टुडे)

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  • सूरत के न्यू सिविल हॉस्पिटल में फर्स्ट ईयर के रेजिडेंट डॉक्टर हर्ष पंड्या ने 9 अगस्त को सीनियर डॉक्टरों की रैगिंग से परेशान होकर आत्महत्या की।
  • माइक्रोबायोलॉजी विभाग के सेकंड ईयर के चार सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों पर जूनियर डॉक्टरों को मानसिक तौर पर परेशान करने और रैगिंग करने के गंभीर आरोप लगे।
  • हॉस्पिटल प्रशासन ने आरोपित चारों डॉक्टरों को छह महीने के लिए निलंबित कर हॉस्टल खाली करने के आदेश दिए हैं और पुलिस जांच के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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संजय सिंह राठौर

सूरत के न्यू सिविल हॉस्पिटल में फर्स्ट ईयर के रेजिडेंट डॉक्टर हर्ष पंड्या ने 9 अगस्त को सुसाइड कर लिया था. वे कथित तौर पर सीनियर्स की रैगिंग से परेशान थे. सेकेंड ईयर के चार सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर पर उनकी रैगिंग का आरोप लगा है. हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन ने इन चारों डॉक्टर्स को छह महीने के लिए सस्पेंड कर दिया है. उन्हें हॉस्टल खाली करने का आदेश भी दिया गया है.

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मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने चारों डॉक्टर्स के खिलाफ FIR भी दर्ज करवाई है. पुलिस की जांच पूरी होने के बाद इनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई होगी. मृतक छात्र और सभी रेजिडेंट डॉक्टर्स माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट से थे. डिपार्टमेंट के HOD और तीन फैकल्टी मेंबर्स को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.

हॉस्टल के कमरे में दी जान

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9 अगस्त की सुबह हॉस्टल के रूम नंबर 1004 का गेट अंदर से बंद था. हर्ष से कॉन्टैक्ट नहीं हो पाने पर उनके साथी डॉक्टर कमरे के बाहर पहुंचे. काफी देर तक आवाज लगाने के बाद जब भीतर से कोई जवाब नहीं आया, तो उन्होंने सिक्योरिटी स्टाफ को बुलाया. सिक्योरिटी ने दरवाजा तोड़ा. दरवाजा तोड़ने पर हर्ष बेहोशी की हालत में मिले. उनको तुरंत सिविल हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर मामले की जांच शुरू कर दी है.

आरोपी डॉक्टर्स को किया गया सस्पेंड

मेडिकल कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी, एंटी रैगिंग स्क्वाड और कॉलेज काउंसिल ने इस मामले की संयुक्त जांच की. इस जांच में माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट के रेजिडेंट डॉक्टर्स, फैकल्टी और दूसरे कर्मचारियों के बयान लिए गए. जांच में सेकेंड ईयर के चार रेजिडेंट डॉक्टर्स पर हर्ष समेत जूनियर डॉक्टर्स की रैगिंग और मानसिक रूप से परेशान करने के आरोपों का पता चला.

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हॉस्पिटल प्रशासन ने इसके बाद रैगिंग करने के आरोप में डॉ. निराली वासावे, डॉ. अनुज माहेश्वरी, डॉ. दीक्षित घेवारिया और डॉ. हिना भूत को छह महीने के लिए सस्पेंड किया है. इन लोगों को तुरंत हॉस्टल खाली करने को कहा गया है. और किसी भी एकेडमिक एक्टिविटी से दूर रहने का आदेश दिया गया है.

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कमरे में घंटों तक ली जाती थी रैगिंग

न्यू सिविल हॉस्पिटल की सुपरिटेंडेंट डॉ. पारुल वडगामा के मुताबिक, सस्पेंड किए गए चारों रेजिडेंट डॉक्टर्स पर जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स के साथ गाली-गलौज करने के आरोप हैं. कुछ पीड़ितों ने बताया कि आरोपी उनको कमरों में बंद करके दो-दो घंटे तक रैगिंग लेते थे. इस दौरान उनको वर्बली एब्यूज किया जाता था. कुछ ने तो मारपीट के भी आरोप लगाए हैं.

नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

वीडियो: दून मेडिकल कॉलेज में फर्स्ट ईयर स्टूडेंट ने सीनियर पर लगाया रैगिंग का आरोप, क्या एक्शन हुआ?

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