शुक्रवार 6 फरवरी को कमोडिटी एक्सचेंज MCX पर सोना-चांदी के वायदा में सुबह से भारी गिरावट आ गई. इकोनॉमिक टाइम्स की एक खबर के मुताबिक शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी का मार्च वायदा लगभग 6% या करीब 15 हजार रुपये लुढ़ककर 2 लाख 29 हजार 187 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया. इसी तरह से 2 अप्रैल 2026 में डिलीवरी वाले सोने का वायदा भाव आज शुरुआती कारोबार में 2,675 यानी करीब 2% गिरकर 1 लाख 49 हजार 396 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया.
सोना-चांदी में भूचाल! रिकॉर्ड हाई से धड़ाम गिरे दाम, गोल्ड 40 हजार तो सिल्वर 2 लाख रुपये फिसला
शुक्रवार 6 फरवरी को शुरुआती कारोबार में कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी का मार्च वायदा लगभग 6% या करीब 15 हजार रुपये लुढ़ककर 2 लाख 29 हजार 187 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया.
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एमसीएक्स के आंकड़ों के अनुसार, 29 जनवरी को एमसीएक्स पर सोने का पहली बार 1 लाख 93 हजार 96 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था. वहीं एमसीएक्स सिल्वर मार्च वायदा में पिछले महीने के अंत में 4 लाख 20 हजार 48 रुपये के आलटाइम हाई पर पहुंचा था. इस तरह से देखें तो सोना अपने रिकॉर्ड हाई से लगभग 22–23% गिर चुका है जबकि चांदी अपने ऑलटाइम हाई से लगभग 45% टूट चुकी है.
इंटरनेशनल मार्केट में सोने-चांदी का भावअंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.4% बढ़कर 4,790.80 डॉलर प्रति औंस रहा. हालांकि पूरे हफ्ते में यह धातु अभी भी 1.4% नीचे है. वहीं अप्रैल डिलीवरी वाले अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 1.7% गिरकर 4,806.50 डॉलर प्रति औंस पर आ गए. स्पॉट सिल्वर 71.32 डॉलर प्रति औंस के आसपास स्थिर रहा, जबकि पिछले सेशन में इसमें 19.1% की भारी गिरावट आई थी. इससे पहले दिन में चांदी करीब 10% तक गिरकर 65 डॉलर प्रति औंस से नीचे पहुंच गई और डेढ़ महीने से ज्यादा के निचले स्तर को छू लिया. अब सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट के कारणों के बारे में जान लेते हैं.
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MCX ने मार्जिन बढ़ायाMCX ने 5 फरवरी से सिल्वर फ्यूचर्स पर 4.5% और गोल्ड फ्यूचर्स पर 1% मार्जिन बढ़ा दिया है. 5 फरवरी से सोने-चांदी के वायदा पर अतिरिक्त 2.5% (सिल्वर) और 2% (गोल्ड) मार्जिन और लागू कर दिए हैं. इस तरह 6 फरवरी से सिल्वर फ्यूचर्स पर कुल अतिरिक्त मार्जिन 7% और गोल्ड फ्यूचर्स पर 3% हो गया है.
मार्जिन बढ़ने का मतलब है कि ट्रेडर्स को ज्यादा पूंजी रखनी पड़ेगी, जिससे आमतौर पर सट्टा और लीवरेज पोजिशन कम होती हैं. छोटी अवधि में इससे मुनाफावसूली या मजबूरन पोजिशन काटने की स्थिति बन सकती है. खासकर चांदी जैसे ज्यादा उतार-चढ़ाव वाले कॉन्ट्रैक्ट्स में जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है या इंट्राडे वोलैटिलिटी तेज हो सकती है. इसके अलावा दुनियाभर की बड़ी टेक कंपनियों के शेयरों में बिकवाली और मजबूत अमेरिकी डॉलर के चलते भी सोने-चांदी के भाव गिरे हैं.
जानकारों का कहना है कि कहना है कि भारी वोलैटिलिटी और मार्जिन हाइक के कारण सोने-चांजी में तेजी से ऊपर-नीचे मूवमेंट जारी रह सकता है. चांदी अभी कमजोर रहकर कंसोलिडेट कर सकती है. मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट में निवेशकों को फिलहाल गिरावट पर खरीदारी की सलाह है. निवेशकों के पास एक तरफ सोने-चांदी से पैसा कमाने का मौका है, लेकिन रिस्क भी हाई है. न्यूज एजेंसी रायटर्स की एक खबर बताती है कि कई ब्रोकरेज और रिसर्च रिपोर्ट्स अभी भी लॉन्ग टर्म बुलिश ट्रेंड मान रही हैं जैसे कि JP Morgan, UBS जैसे बड़े संस्थान सोने को आगे भी मजबूत बताते हैं और नए हाई की संभावना मानते हैं.
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