क्या प्रॉविडेंट फंड पर ब्याज घटने वाला है? 7 करोड़ EPFO सदस्यों के लिए अहम खबर
बताया गया है कि इसी बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पीएफ जमा पर ब्याज दर को घटाकर करीब 8-8.20% करने पर विचार हो सकता है.
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प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वाले करोड़ों लोगों को बड़ा झटका लग सकता है. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) प्रॉविडेंट फंड पर ब्याज घटा सकता है. इकोनॉमिक टाइम्स की पत्रकार योगिमा सेठ शर्मा की एक खबर में यह जानकारी दी गई है. रिपोर्ट कहती है कि मार्च के पहले सप्ताह में सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज़ (CBT) बैठक में यह फैसला लिया जा सकता है. मार्च में ट्रस्ट की 239वीं बैठक होनी है.
बताया गया है कि इसी बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पीएफ जमा पर ब्याज दर को घटाकर करीब 8-8.20% करने पर विचार हो सकता है. वित्त वर्ष 2024-25 के लिए पीएफ पर ब्याज की दर 8.25% रही है. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में EPFO मेंबर की संख्या 7 करोड़ से भी ज्यादा है.
पीएफ पर ब्याज क्यों घट सकता है?इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट बताती है कि सरकार ईपीएफ पर ब्याज दरों में इसलिए कटौती कर सकती है ताकि उसके फंड (कॉर्पस) पर दबाव न पड़े. हालांकि, इस रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी में चुनाव होने वाले हैं. ऐसे में हो सकता है राजनीतिक मजबूरियों के कारण EPFO तीसरे साल भी ब्याज दर में कोई बदलाव न करे.
मामले से जुड़े एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर ईटी से कहा, “सभी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत EPFO से अधिक लोग जुड़ रहे हैं. ऐसे में बढ़ते भुगतान के लिए ब्याज दर में हल्की कटौती की जा सकती है ताकि EPFO के पास न्यूनतम बफर बना रहे.”
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CBT से मंजूरी मिलने के बाद ब्याज दर को वित्त मंत्रालय से अनुमोदन मिलेगा. इसके बाद श्रम एवं रोजगार मंत्रालय इसे आधिकारिक रूप से अधिसूचित करेगा . इस साल के मध्य तक यह राशि EPFO सदस्यों के खातों में जमा की जाएगी.
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पिछले 5 साल में PF पर ब्याज दरें
| वित्त वर्ष | ब्याज दर |
|---|---|
| 2020–21 | 8.50% |
| 2021–22 | 8.10% |
| 2022–23 | 8.15% |
| 2023–24 | 8.25% |
| 2024–25 | 8.25% |
EPFO की फाइनेंस, इन्वेस्टमेंट एंड ऑडिट कमेटी (FIAC) फरवरी के आखिरी सप्ताह में मौजूदा वित्त वर्ष में निवेश से मिले रिटर्न के आधार पर ब्याज दर तय करने पर विचार करेगी. इसके बाद CBT को अपनी सिफारिश देगी. पीएफ पर ब्याज को लेकर फैसले के अलावा ट्रस्टी बोर्ड EPFO के तहत वेतन सीमा को 15,000 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति माह तक करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा कर सकता है.
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