दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में आप गाड़ी चला रहे हैं तो सावधान होकर चलिए. आप चाहे कार चला रहे हों, या दो पहिया मोटरसाइकिल; आपकी जान जाने के चांसेज ज्यादा हैं. क्योंकि जो अधिकारी लोग हैं, वो लोग गड्ढा खोद कर भूल जा रहे हैं. अभी कुछ ही दिन हुए जब नोएडा में युवराज मेहता नाम के युवक की डूब कर मौत हो गई थी. प्रशासन ने तब थोड़ी सी करवट भले बदल ली, हूटर लगी गाड़ियां दौड़ने लगीं, लेकिन प्रशासन तब भी जागा नहीं. नतीजा, ऐसी ही एक घटना दिल्ली के जनकपुरी (Janakpuri)) से सामने आई है. यहां एक बाइक सवार युवक की गड्ढे में गिर कर मौत हो गई है. ये गड्ढा दिल्ली जल बोर्ड (Delhi Jal Board) ने खोदा था. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कब तक सोते हुए अधिकारियों का खामियाजा, आम लोगों को अपनी जान देकर चुकाना होगा? 6 फरवरी की घटना में जान गंवाने वाले युवक का नाम कमल था. वो एक प्राइवेट बैंक में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर कार्यरत था.
नोएडा के बाद दिल्ली में लापरवाही का कहर, जनकपुरी में गड्ढे में गिरकर बाइक सवार की मौत
जिस गड्ढे में युवक की मौत हुई, वो Janakpuri Area में दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खोदा गया था. परिवार वाले युवक को रात भर ढूंढते रहे लेकिन वो नहीं मिला. इस मामले में फिलहाल Delhi Jal Board के तीन अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है.
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कमल के परिवार वालों ने एनडीटीवी को बताया कि वो 4 फरवरी की देर रात घर लौट रहा था. उसने अपने जुड़वां भाई करण को फोन कर बताया था कि वह 10 मिनट में घर पहुंच जाएगा. लेकिन वो घर नहीं पहुंचा. इसके बाद घरवाले उसे लगातार फोन करते रहे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. परिवार ने दावा किया कि जब उन्होंने उससे संपर्क करने की कोशिश की, तो उसका फोन कथित तौर पर बंद था. उसे ढूंढते हुए, परिवार ने दावा किया कि वे दर्जनों पुलिस स्टेशनों में गए. पुलिस ने कथित तौर पर कमल की आखिरी लोकेशन परिवार के साथ शेयर की, लेकिन वह नहीं मिला. कई घंटों के बाद परिवार को बताया गया कि कमल का शव मिल गया है.
रेखा सरकार पर हमलावर AAPकमल की मौत के बाद आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार को निशाने पर लिया है. आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने एक्स पर पोस्ट कर हादसे की तस्वीर शेयर की है. साथ ही उन्होंने लिखा,
सड़क में गहरे गड्ढे में एक मासूम बाइक सवार गिर कर फंस गया, रात भर पड़ा रहा और मर गया. नोएडा की घटना से दिल्ली की भाजपा सरकार ने कुछ नहीं सीखा. बस रोज झूठ बोला जाता है.
यह घटना 16 जनवरी को नोएडा के सेक्टर 150 में 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के कुछ दिनों बाद हुई है. युवराज की कार एक कंस्ट्रक्शन साइट के पास पानी से भरे गड्ढे में गिर गई थी.
इस मामले पर दिल्ली जल बोर्ड का भी बयान आया है. दिल्ली जव बोर्ड ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा,
जनकपुरी में DJB की पाइपलाइन पुनर्वास परियोजना (Pipeline Rehabilitation Site) के दौरान हुई दुखद दुर्घटना पर दिल्ली जल बोर्ड गहरा शोक व्यक्त करता है और शोकाकुल परिवार के साथ संवेदना प्रकट करता है. घटना की जांच हेतु समिति गठित की गई है और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. सभी कार्यस्थलों पर सुरक्षा व्यवस्थाओं की नियमित जांच जारी है.नागरिकों से अनुरोध है कि किसी भी असुरक्षित कार्यस्थल की सूचना टोल-फ्री नंबर 1916 पर दें.
अब सवाल ये है कि ये गड्ढा अगर किसी काम से खोदा गया था, तो क्या उसके आसपास प्रॉपर बैरिकेडिंग थी? कई ऐसे सवाल हैं, जिनके जवाब आने वाले समय में मिलेंगे. लेकिन इन जवाबों के मिलने तक न जाने कितने लोग अपने परिजनों को खोएंगे. फिलहाल सरकार ने कार्रवाई करते हुए दिल्ली जल बोर्ड के तीन अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है.
वीडियो: ग्रेटर नोएडा एक्सीडेंट के बाद इमरजेंसी एजेंसियां क्यों फेल हुईं?












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