प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक साल विदेश यात्रा टालने की अपील का असर भारत के घरेलू टूरिज्म सेक्टर पर दिख सकता है. इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अगर भारतीय पर्यटक विदेशी छुट्टियों की बजाय देश के भीतर घूमने को तरजीह देते हैं तो इसका सीधा फायदा भारत की ट्रैवल और टूरिज्म इंडस्ट्री को मिल सकता है. इससे होटल, एयरलाइंस, रेलवे, लोकल ट्रांसपोर्ट, ट्रैवल एजेंसियों, रेस्टोरेंट्स और छोटे व्यापारियों तक को बड़ा फायदा होगा.
पीएम मोदी की फॉरेन टूर टालने वाली अपील से भारत के टूरिज्म पर क्या असर होगा?
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अगर भारतीय पर्यटक विदेशी छुट्टियों की बजाय देश के भीतर घूमने को तरजीह देते हैं, तो इसका सीधा फायदा भारत की ट्रैवल और टूरिज्म इंडस्ट्री को मिल सकता है. इससे होटल, एयरलाइंस, रेलवे, लोकल ट्रांसपोर्ट, ट्रैवल एजेंसियों, रेस्टोरेंट्स और छोटे व्यापारियों तक को बड़ा फायदा होगा.


इससे स्थानीय रोजगार और छोटे कारोबारों को फायदा पहुंच सकता है. इसके अलावा विदेश यात्राओं पर होने वाला बड़ा खर्च देश के भीतर ही बने रहने से विदेशी मुद्रा की बचत हो सकती है . घरेलू खपत बढ़ने से अर्थव्यवस्था की रफ्तार बढ़ सकती है. आइए विस्तार से समझते हैं की पीएम की अपील का भारत के टूरिज्म सेक्टर पर कितना असर पड़ सकता है?
हर साल कितने लोग भारतीय विदेश घूमने जाते हैंपिछले कुछ सालों में घूमने-फिरने के लिए विदेश जाने वाले भारतीयों की तादाद में भारी इजाफा हुआ है. एनडीटीवी की एक रिपोर्ट बताती है कि लोगों की इनकम बढ़ने और बेहतर एयर कनेक्टीविटी ने कई भारतीयों को अपना सामान पैक करके और भी अधिक यात्रा करने के लिए प्रोत्साहित किया है. पर्यटन मंत्रालय के ताजा आंकड़ों मुताबिक, साल 2025 में 3.27 करोड़ भारतीयों ने विदेश यात्रा की, जो अब तक का सबसे अधिक आंकड़ा है.
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विदेश यात्रा पर कितना खर्चयूएन ग्लोबल टूरिज्म रिपोर्ट (UN Global Tourism Report) के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारतीयों को विदेश घूमने पर होने वाला खर्च 3.65 लाख करोड़ रुपये था. यह रकम वित्तीय वर्ष 2024-25 के 2.7 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है. ये पैसा विदेशों में खर्च हो रहा है और भारत से बाहर जा रहा है.
टूरिज्म सेक्टर को कितना फायदा?इंडिया टुडे में छपी एक रिपोर्ट में फेडरेशन ऑफ एसोसिएशंस इन इंडियन टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी (FAITH) ने कहा कि भारत में दुनिया के अग्रणी पर्यटन स्थलों में से एक बनने के लिए सभी जरूरी चीजें मौजूद हैं. यहां पहाड़, समुद्री किनारे से लेकर कई ऐतिहासिक स्थल हैं. यहां का खान-पान खास है और कल्चर बाकी देशों से अलग है. जानकारों का कहना है कि अगर बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक विदेश जाने की बजाय देश के भीतर घूमने का फैसला करते हैं तो गोवा, लक्षद्वीप, केरल, उत्तराखंड, कश्मीर, हिमाचल और अंडमान जैसे टूरिस्ट डेस्टिनेशंस पर पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है. इससे भारत का घरेलू पर्यटन सेक्टर नई ऊंचाई पर पहुंच सकता है.
विदेशी मुद्रा की बड़ी बचत होगी. होटल, एयरलाइंस, रेलवे और लोकल ट्रांसपोर्ट को फायदा होगा. छोटे दुकानदारों, गाइड्स, टैक्सी ड्राइवर्स और स्थानीय कारोबारियों की कमाई बढ़ेगी. इन सबसे भारत की अर्थव्यवस्था को भी फायदा होगा. वहीं, फेडरेशन ऑफ एसोसिएशंस इन इंडियन टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी ने प्रधानमंत्री की अपील का समर्थन करते हुए इस बात पर जोर दिया कि घरेलू पर्यटन के साथ-साथ भारत को देश में विदेशी पर्यटकों को लाने पर भी उतना ही ध्यान देना चाहिए.
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आर एंड वी रूट्स वेकेशंस प्राइवेट लिमिटेड (R&V Routes Vacations private ltd) के डायरेक्टर राहुल ग्रोवर ने लल्लनटॉप से बातचीत में कहा कि पीएम की अपील से घरेलू पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा. फिलहाल कई सरकारी विभागों और स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां चल रही हैं. कई विभागों में और छुट्टियां होने वाली हैं. ऐसे समय पीएम की अपील टूरिज्म इंडस्ट्री के लिए और मायने रखती है. अगर पीएम की अपील पर लोग अपना प्लान बदलेंगे तो इससे भारत टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा.
उनका कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव की वजह हवाई किराया वैसे ही काफी बढ़ चुका है. साथ ही डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होने से विदेश यात्रा पहले से महंगी हो चुकी है. इसलिए भी लोग विदेश यात्रा की जगह भारत में घूमने-फिरने की योजना बना सकते हैं. रोजगार देने में टूरिज्म सेक्टर सबसे आगे है. ऐसे में पीएम की अपील से घरेलू टूर एंड ट्रैवल इंडस्टी में नौकरियों के मौके बढ़ेंगे.
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