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ग्रेटर नोएडा में घर खरीदना होगा महंगा, सर्किल रेट बढ़ने से कितना पड़ेगा जेब पर असर?

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने अपनी 143वीं बोर्ड बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 6,048 करोड़ रुपये के बजट को भी मंजूरी दी. इस बैठक में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने ग्रेटर नोएडा से हापुड़ बाईपास तक 37 किलोमीटर लंबी सड़क के विस्तार और गंगा एक्सप्रेसवे से इसके आगे के जुड़ाव के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी.

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ग्रेटर नोएडा से गंगा एक्सप्रेसवे तक सीधे जोड़ने की तैयारी है (फोटो क्रेडिट: Aaj Tak)

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सभी तरह की प्रॉपर्टी के सर्किल रेट में 3.58% की वृद्धि को मंजूरी दे दी है. हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बोर्ड ने 3 मई को हुई अपनी 143वीं बोर्ड बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 6,048 करोड़ रुपये के बजट को भी मंजूरी दी. सर्किल रेट बढ़ने का सीधा असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा. अब घर खरीदना आपके लिए पहले से मुश्किल हो सकता है.

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प्रॉपर्टी सर्किल रेट बढ़ने से रियल एस्टेट निवेशकों पर क्या असर पड़ेगा?

बूट्स रियलिटी के एमडी दीपक राय ने लल्लनटॉप से बातचीत में कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव की वजह से सीमेंट, स्टील और अन्य निर्माण सामग्री की लागत पहले ही बढ़ चुकी है. ऐसे में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सर्किल रेट बढ़ा दिया है, इससे डेवलपर्स के लिए लागत और बढ़ेगी.

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में रियल एस्टेट कंपनियां इस अतिरिक्त बोझ को घर खरीदारों पर डाल सकती हैं, जिससे मिडिल क्लास और अफोर्डेबल हाउसिंग (किफायती घर) की तलाश कर रहे लोगों के लिए घर खरीदना और महंगा हो सकता है. इसका सीधा असर आम खरीदारों की जेब पर पड़ेगा और उनका वित्तीय बोझ बढ़ सकता है.

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वहीं, कोलियर्स इंडिया के रेजिडेंशियल ट्रांजैक्शन सर्विसेज के सीनियर डायरेक्टर दीपक मिश्रा ने ईटी वेल्थ ऑनलाइन को बताया कि करीब नौ साल बाद ग्रेटर नोएडा के सर्किल रेट रिवाइज हुए हैं. उनका कहना है कि मार्केट प्राइस और सर्किल रेट के बीच का अंतर कम होने से प्रॉपर्टी डील्स ज्यादा पारदर्शी होंगी और कम कीमत दिखाकर रजिस्ट्रेशन कराने की गुंजाइश घटेगी. उनका दावा है कि पहले बाजार भाव और सर्किल रेट में बड़ा फर्क होने से कई लोग कम वैल्यू दिखाकर टैक्स या स्टांप ड्यूटी बचाते थे.

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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे-गंगा एक्सप्रेसवे और जेवर-गंगा एक्सप्रेसवे लिंक भी पाइपलाइन में

 इस बैठक में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने ग्रेटर नोएडा से हापुड़ बाईपास तक 37 किलोमीटर लंबी सड़क के विस्तार और गंगा एक्सप्रेसवे  से जोड़ने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी. ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के चेयरमैन दीपक कुमार ने इस बैठक में कहा कि 105 मीटर चौड़ी सड़क बनाई जाएगी. इससे ग्रेटर नोएडा से गंगा एक्सप्रेसवे तक सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी. गंगा एक्सप्रेसवे 29 अप्रैल को आम लोगों के लिए खोल दिया गया है. यह एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज को जोड़ता है. 

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रिपोर्ट के अनुसार, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रवि कुमार एनजी ने कहा कि प्रस्तावित 37 किलोमीटर लंबी सड़क ग्रेटर नोएडा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों के बीच सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी. इससे भीड़भाड़ वाली दूसरी सड़कों पर निर्भरता कम होगी. 

उन्होंने आगे बताया, " दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे-गंगा एक्सप्रेसवे और जेवर-गंगा एक्सप्रेसवे लिंक भी पाइपलाइन में हैं." आठ लेन वाली यह सड़क वर्तमान में ग्रेटर नोएडा के सेक्टर अल्फा 2 से शुरू होती है और बोडाकी गांव के पास लगभग 6 किलोमीटर तक फैली हुई है. हापुड़ बाईपास और गंगा एक्सप्रेसवे के बीच का खंड लगभग 15 किलोमीटर है. एक बार यह रास्ता तैयार हो जाने पर, ग्रेटर नोएडा से आने-जाने वाले लोग 30-45 मिनट के भीतर एक्सप्रेसवे तक पहुंच सकेंगे.

रवि कुमार एनजी ने यह भी बताया कि यह विस्तार हापुड़ बाईपास और फिर गंगा एक्सप्रेसवे को जोड़ेगा. इसे मास्टर प्लान 2041 में शामिल किया गया है. हालांकि ये प्रोजेक्ट अभी शुरुआती चरण में है और इसे पूरा होने में दो से तीन साल लगेंगे. प्रस्तावित कॉरिडोर सेक्टर अल्फा 2 को एनएच-91, ईस्ट पेरिफेरल  एक्सप्रेसवे, न्यू नोएडा, हापुड़ बाईपास और गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा.

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