न युद्ध रुक रहा और न रुपये की गिरावट, दोनों कितना रुलाएंगे?
हाल में सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया गया था कि ईंधन की कीमतें बढ़ने से इनकार नहीं किया जा सकता है. वहीं, पेट्रोल और डीजल महंगा होने से सिर्फ आपकी गाड़ी चलाने का खर्च नहीं बढ़ता, बल्कि पूरे देश की सप्लाई चेन महंगी हो जाती है.
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5 मई को रुपया 95.40 प्रति डॉलर तक लुढ़क गया (फोटो क्रेडिट: Business Today)
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