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दबाकर नोट छाप रहे डॉनल्ड ट्रंप, राष्ट्रपति रहते हुए करीब 1000 करोड़ के शेयर खरीदे-बेचे

इन शेयरों की खरीद-फरोख्त में 100 मिलियन डॉलर का लेन-देन हुआ. भारतीय मुद्रा में यह रकम 964 करोड़ रुपये के अल्ले पल्ले बैठती है. रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप की ताजा फेडरल एथिक्स फाइलिंग से पता चला है कि उन्होंने उन कंपनियों में भारी निवेश किया है, जिन पर उनकी सरकार की नीतियों का सीधा असर पड़ता है.

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ट्रंप के निवेश पोर्टफोलियो में हथियार बनाने वाली कंपनियों के शेयर भी शामिल हैं (फोटो क्रेडिट: India Today)

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  • अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के पोर्टफोलियो में इस साल पहली तिमाही में एनवीडिया, एप्पल, टेस्ला और अन्य कंपनियों के 3,600 से ज्यादा शेयरों की खरीद-बिक्री हुई, जिनकी कुल कीमत लगभग 964 करोड़ रुपये बताई गई है।
  • ट्रम्प ने इन कंपनियों में निवेश किया है, जिन पर उनकी सरकार की नीतियों का प्रभाव पड़ता है, जबकि अमेरिकी कानून सरकारी कर्मचारियों को ऐसे निवेश रखने से रोकता है, पर राष्ट्रपति को इससे छूट मिली हुई है।
  • ट्रम्प फैमिली के प्रवक्ता ने बताया कि निवेश फैसलों पर थर्ड-पार्टी मैनेजर्स का नियंत्रण है और राष्ट्रपति या उनका परिवार निवेश चुनाव या प्रबंधन में शामिल नहीं होते, हालांकि इस दावे पर विश्वास का सवाल उठा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के पोर्टफोलियो से पता चलता है कि उन्होंने एनवीडिया, एप्पल और टेस्ला समेत कई कंपनियों के 3,600 से ज्यादा शेयर खरीदे और बेचे हैं. बिजनेस टुडे में न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस की एक हालिया रिपोर्ट के हवाले से बताया गया है कि इस साल की पहली तिमाही (1 जनवरी से 31 मार्च) के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति के पोर्टफोलियो से शेयर बाजार में 3,600 से ज्यादा लेनदेन या खरीद/बिक्री के ऑर्डर दर्ज किए गए. रिपोर्ट में कहा गया है कि जिस दिन अमेरिकी शेयर बाजार खुला उस दिन रोजाना औसतन 50 सौदे हुए.

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ट्रंप ने 964 करोड़ के शेयर खरीदे-बेचे

इन शेयरों की खरीद-फरोख्त में 100 मिलियन डॉलर का लेन-देन हुआ. भारतीय मुद्रा में यह रकम 964 करोड़ रुपये के अल्ले पल्ले बैठती है. रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप की ताजा फेडरल एथिक्स फाइलिंग से पता चला है कि उन्होंने उन कंपनियों में भारी निवेश किया है, जिन पर उनकी सरकार की नीतियों का सीधा असर पड़ता है. 

फेडरल एथिक्स फाइलिंग एक सरकारी दस्तावेज है, जिसमें अमेरिका के बड़े नेता और अधिकारी अपनी कमाई, निवेश और संपत्ति की जानकारी देते हैं. इससे पता चलता है कि नेताओं ने जिन जगहों पर पैसा लगाया है उसका सरकार के  फैसलों के बीच कोई हितों का टकराव तो नहीं है.

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Nvidia, Appple , बोइंग और Tesla के शेयरों पर दांव

एसोसिएटेड प्रेस ने बताया कि ट्रंप के पोर्टफोलियो में एनवीडिया के 60 लाख डॉलर मूल्य (लगभग 58 करोड़ रुपये) के शेयर खरीदे गए हैं. दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप ने पिछले साल कंपनी के लैटेस्ट चिप्स को चीन को बेचने की मंजूरी दी थी. एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इस तकनीक दिग्गज कंपनी के सीईओ जेन्सेन हुआंग, एप्पल, बोइंग और टेस्ला के प्रमुखों के साथ हाल ही में राष्ट्रपति के साथ चीन की यात्रा पर गए थे. ये चारों कंपनियां फिलहाल उनके पोर्टफोलियो में शामिल हैं.

हथियार कंपनियों के शेयरों भी शामिल

इसके अलावा ट्रंप के निवेश पोर्टफोलियो में हथियार बनाने वाली कंपनियों के शेयर भी शामिल हैं. ईरान युद्ध से अमेरिकी मिलिट्री सप्लाई चेन प्रभावित होने के दौरान लॉकहीड मार्टिन, जनरल डायनेमिक्स और नॉर्थ्रॉप ग्रुम्मन के शेयरों की खरीदारी की गई. 

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जॉर्ज डब्ल्यू बुश प्रशासन में रह चुके एथिक्स एडवाइजर रिचर्ड पेंटर ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया, "अगर वह रक्षा सचिव होते, तो वह अपराध कर रहे होते." पेंटर ने आगे कहा, “तकनीकी रूप से वह ऐसा कर सकते हैं, लेकिन यह भरोसे का बड़ा उल्लंघन है.” रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी कानून सरकारी कर्मचारियों को ऐसे निवेश रखने से रोकता है जिन पर उनके सरकारी फैसलों का असर पड़ सकता हो, लेकिन राष्ट्रपति को इस नियम से छूट मिली हुई है.

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ट्रंप फैमिली के बिजनेस प्रवक्ता की सफाई 

ट्रंप परिवार के बिजनेस प्रवक्ता किम्बर्ली बेंजा ने एसोसिएटेड प्रेस से कहा कि निवेश से जुड़े फैसलों पर थर्ड-पार्टी मैनेजर्स का पूरा और विशेष नियंत्रण है. बेंजा ने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप, उनका परिवार या द ट्रंप ऑर्गनाइजेशन (The Trump Organization) किसी खास निवेश को चुनने, निर्देश देने या मंजूरी देने में कोई भूमिका नहीं निभाते.” 

उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप को ट्रेडिंग गतिविधियों की पहले से जानकारी नहीं दी जाती और निवेश फैसलों या पोर्टफोलियो मैनेजमेंट में उनकी भागीदारी नहीं होती है. पर इस दावे पर भरोसा करे कौन?

वीडियो: डॉनल्ड ट्रंप के पूरे खानदान को ऐसा फ़ायदा, कौन-से दस्तावेज रिलीज हुए?

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