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E100 फ्यूल आ रहा है, सरकार की बड़ी तैयारी, कमर कस लीजिए

सरकार ने 4 मई को पहली बार ऑटोमोबाइल और तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के प्रतिनिधियों से बात की. इसमें उन्हें बताया गया कि फ्लेक्स फ्यूल व्हीकल (FFV) चलाने के लिए बुनियादी ढांचा कैसे तैयार किया जाएगा.

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अभी भारत में पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाया जाता है (फोटो क्रेडिट: Aaj Tak)

कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों के बीच अब सरकार 100% एथेनॉल से गाड़ियां दौड़ाने की तैयारी में है. इकोनॉमिक टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट में बताया गया है कि केंद्र सरकार कच्चे तेल के आयात को कम करने के लिए अगले दो साल में देशभर में 5,000 डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर (पंप) बनाने जा रही है.

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इन सेंटरों पर E100 फ्लेक्स फ्यूल की बिक्री की जाएगी. E100 फ्लेक्स फ्यूल का मतलब है ऐसा ईंधन जिसमें 100% एथेनॉल होगा. फिलहाल भारत में पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाया जाता है.

इस घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों ने इकोनॉमिक टाइम्स को बताया कि सरकार ने 4 मई को पहली बार ऑटोमोबाइल और तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के प्रतिनिधियों से बात की. इसमें उन्हें बताया गया कि फ्लेक्स फ्यूल व्हीकल (FFV) चलाने के लिए बुनियादी ढांचा कैसे तैयार किया जाएगा.

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खबर में बताया गया है कि देश की प्रमुख चार पहिया और दो पहिया वाहन बनाने वाली कंपनियों ने फ्लेक्स फ्यूल व्हीकल के प्रोटोटाइप तैयार कर लिए हैं. उद्योग जगत के जानकारों के मुताबिक, E100 फ्यूल पंपों की कमी और E100 की कीमत को लेकर स्पष्टता न होने से उन्होंने अभी तक इन वाहनों को लॉन्च नहीं किया है.

कहां-कहां खुलेंगे पंप? 

सूत्रों का कहना है कि अगले 6 महीने से एक साल के बीच दिल्ली-एनसीआर और महाराष्ट्र में अपनी पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ, बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता और हैदराबाद में भी बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जाएगा. केंद्र सरकार का लक्ष्य इस अवधि में E100 के 500 रिटेल आउटलेट (पंप) चालू करना है. इसके बाद, 24 महीनों के भीतर 5,000 रिटेल आउटलेट चालू किए जाएंगे. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की योजना के अनुसार, अगले एक महीने में दिल्ली, मुंबई, पुणे और नागपुर में E100 ईंधन के 150 रिटेल आउटलेट चालू किए जाएंगे.

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अरबों की बचत होगी?

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि फ्लेक्स फ्यूल वाहन भारत को कच्चे तेल के आयात से विदेशी मुद्रा बचाने में मदद करेंगे. वित्त वर्ष 2026 में भारत ने 10.9 लाख करोड़ रुपये कीमत का तेल विदेशों से खरीदा था.

इंडियन शुगर एंड बायोएनर्जी मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन (आईएसएमए) के महानिदेशक दीपक बल्लानी ने कहा, “फ्लेक्स फ्यूल वाहन भारत के लिए एक बड़ा मौका प्रदान करते हैं. भारत में हर साल लगभग 85-90% कच्चा तेल आयात किया जाता है. 100% इथेनॉल का उत्पादन भारत में होता है तो इससे लगभग 7-8 करोड़ किसानों को फायदा होगा.”

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हालांकि पूर्ण रूप से एथेनॉल युक्त ईंधन की डिमांड काफी कम है. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कंपनी ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लगभग 400 रिटेल आउटलेट्स पर ई100 ईंधन की बिक्री शुरू की थी, लेकिन इसकी मांग बेहद कम रही. इस वजह से कंपनी ने अपने E100 पंपों की संख्या में भारी कटौती की है. वहीं, सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (एसआईएएम) ने सुझाव दिया था कि ई100 की कीमत सामान्य पेट्रोल से 30% कम रखी जाए.

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