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सोना 2000 रुपये और चांदी 10 हजार क्यों उछल गई ? आगे तेजी या मंदी?

अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव बढ़ने से सोने-चांदी का भाव चढ़ा है

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अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव बढ़ने से सोने-चांदी का भाव चढ़ा है (फोटो क्रेडिट: Aaj Tak)

सोमवार 5 दिसंबर को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली. आज शुरुआती कारोबार में कमोडिटी एक्सचेंज MCX यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने का फरवरी वायदा भाव 2,000 रुपये प्रति 10 ग्राम या 1.5% चढ़कर 1 लाख 37 हजार 795 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. इसी तरह चांदी का वायदा भाव (मार्च डिलीवरी) करीब 10,000 रुपये प्रति किलो तक उछल गया. शुरुआती कारोबार में MCX पर चांदी वायदा करीब 4% की तेजी के साथ 2 लाख 46 हजार 200 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई. विदेशी बाजार में भी सोने-चांदी के दाम काफी उछल गए हैं. इंटरनेशनल मार्केट में चांदी (स्पॉट) 4.5% उछलकर 75.86 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई. वहीं स्पॉट गोल्ड 1.5% बढ़कर 4,395.35 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया है.

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इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव बढ़ने से सोने-चांदी का भाव चढ़ा है. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि सुरक्षित निवेश के तौर पर  दुनियाभर के निवेशकों ने बड़ी संख्या में सोने-चांदी में निवेश बढ़ाया है. अमेरिका की तरफ से वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिए जाने के बाद भू-राजनीतिक अनिश्चितता और बढ़ गई है. इस वजह से इंटरनेशनल मार्केट में सोने और चांदी के दाम अचानक से उछल गए हैं , जिसका असर भारत पर भी पड़ा है.

साल 2025 में सोने-चांदी ने दिया बंपर मुनाफा 

 साल 2025 में सोने-चांदी की कीमतों में शानदार तेजी देखने को मिली है. पिछले साल चांदी ने सालाना आधार पर करीब 147% और सोने में 64% की जोरदार तेजी देखने को मिली. 1979 के बाद सोने-चांदी में इतनी तेजी देखने को मिली है. इसके अलावा जानकारों का कहना है कि बुलियन में तेजी के कई कारण हैं. 

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सोने-चांदी में आगे तेजी या मंदी?

दुबई के एमिरेट्स इन्वेस्टमेंट बैंक में डायरेक्टर (वेल्थ मैनेजमेंट) डॉक्टर धर्मेश भाटिया ने लल्लनटॉप से बातचीत में कहा कि साल 2026 में अमेरिका का केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व कम से कम दो बार ब्याज दरों में कटौती कर सकता है. आमतौर पर जब ब्याज दरें घटती हैं, तो फिक्स्ड डिपॉजिट और बॉन्ड जैसे निवेश विकल्पों पर मिलने वाला रिटर्न कम हो जाता है. ऐसे माहौल में निवेशक सुरक्षित माने जाने वाले सोने और चांदी की ओर रुख करते हैं. इससे बुलियन की मांग बढ़ती है और कीमतों में तेजी देखने को मिलती है. 

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भाटिया का कहना है कि ब्याज दरों में कटौती का एक और बड़ा असर डॉलर पर पड़ता है. फेडरल रिजर्व के रेट कट से डॉलर कमजोर होता है. इंटरनेशनल मार्केट में सोना-चांदी की कीमतें डॉलर में तय होती हैं, इसलिए डॉलर के कमजोर होते ही सोने-चांदी में निवेश सस्ता पड़ता है. इसका नतीजा यह होता है कि बुलियन की मांग बढ़ती है और भाव ऊपर जाते हैं. 

 वहीं, चांदी में तेजी की एक बड़ी वजह ये है कि कुछ दिन पहले चीन ने रिफाइंड चांदी के निर्यात पर प्रतिबंध लगाए हैं. इस वजह से बाजार में चांदी की कमी आने की आशंका जताई जा रही है. दुनिया में चांदी की 60-70% चांदी की सप्लाई चीन करता है. दूसरी ओर, सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सेक्टर्स में चांदी की मांग लगातार बढ़ रही है.

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एक्सिस सिक्योरिटीज के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटीज) देवेया गगलानी ने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा कि अमेरिका और वेनेजुएला के बीच जारी तनाव के चलते सोने के दाम और चढ़ सकते हैं. उनका कहना है कि एमसीएक्स पर सोने का भाव बढ़कर 1 लाख 40 हजार रुपये प्रति दस ग्राम तक जा सकता है.  ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन भी सोने को लेकर आशावादी है. ब्रोकरेज फर्म का अनुमान है कि इस साल के आखिर (दिसंबर 2026) तक सोने की कीमत 5,055 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस और 2027 तक 5,245 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस तक पहुंचने का अनुमान है.

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