दुनिया की मशहूर ब्रोकरेज फर्म और निवेश बैंक मॉर्गन स्टेनली ने सेंसेक्स को लेकर बड़ा ऐलान किया है. बैंक का मानना है कि बाजार में आई हालिया तेजी टिकाऊ है . साथ ही भारतीय शेयर बाजार में आगे भी तेजी जारी रहने की संभावना जताई है. बिजनेस टुडे में छपी एक खबर में बताया गया है कि मशहूर निवेश बैंक ने कहा है कि भारत की आर्थिक ग्रोथ बेहतर हो रही है और शेयरों की वैल्यूएशन भी वाजिब है.
सेंसेक्स पहुंचेगा 100000 तक, मशहूर इनवेस्टमेंट बैंक ने तारीख का भी कर दिया ऐलान!
Sensex to Hit 100000 Mark: दुनिया की मशहूर इनवेस्टमेंट बैंक मॉर्गन स्टेनली ने सेंसेक्स को लेकर बड़ा दावा किया है. बैंक का कहना है कि भारतीय शेयर बाजार में आने वाले समय में भी तेजी देखने को मिलेगी और सेंसेक्स 1 लाख तक का आंकड़ा छू सकता है.

इन सब बातों को देखते हुए मॉर्गन स्टैनली का कहना है कि सेंसेक्स 1,00,000 अंक का स्तर छू सकता है. हालांकि , निवेश बैंक ने यह भी चेताया है कि बाजार का प्रदर्शन वैश्विक घटनाक्रमों पर भी निर्भर करेगा.
भारत की आर्थिक वृद्धि पकड़ेगी रफ्तार?ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि भारतीय बाजार का प्रदर्शन कई चीजों पर निर्भर करेगा. मार्केट का परफॉर्मेंस इस बात पर निर्भर करता है कि निवेशक भारत और दुनिया के बीच ग्रोथ के अंतर का आकलन कैसे करते हैं. इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बढ़ रहे निवेश और खर्च को लेकर निवेशकों का भरोसा कम होता है, तो भारत का शेयर बाजार बाकी दुनिया के मुकाबले और बेहतर प्रदर्शन कर सकता है.
ये भी पढ़ें: सरकार बेच रही LIC में अपनी हिस्सेदारी, आम लोगों के लिए कैसे है यह बड़ा मौका? जानें यहां
इन सेक्टर में मांग बढ़ेगीमॉर्गन स्टेनली ने डिफेंसिव और ग्लोबल मार्केट पर निर्भर सेक्टर की तुलना में घरेलू मांग से जुड़े सेक्टर्स को तरजीह दी है. ब्रोकरेज ने फाइनेंशियल, कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी और इंडस्ट्रियल सेक्टर पर ‘ओवरवेट’ रेटिंग दी है. इसका मतलब ये हुआ कि ब्रोकरेज फर्म को इन सेक्टर्स के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है. इसी तरह से एनर्जी, मटेरियल्स, यूटिलिटीज और हेल्थकेयर सेक्टर को ‘अंडरवेट’ रेटिंग दी गई है.
मॉर्गन स्टेनली ने यह भी कहा है कि भारतीय बाजार के बड़े जोखिम बाहरी परिस्थितियों पर निर्भर है. इनमें जियो-पॉलटिकल तनाव और धीमी वैश्विक अर्थव्यवस्था शामिल हैं. देश (भारत) के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं. इनमें खेती की पैदावार कम होना, कोर्ट में काम का बोझ और क्षमता की समस्या और AI की वजह से नौकरियों और रोजगार पर बढ़ता असर शामिल है.
वीडियो: संसद में आज: लोकसभा में हंगामे के बीच वित्त मंत्री ने कौन सा बिल पास कराया?












