दिल्ली-मुंबई, बेंगलुरू और कोलकाता जैसे शहरों में तो प्रॉपर्टी के दाम पहले से ही आसमान छू रहे हैं. आप जानकार हैरान हो जाएंगे कि यूपी का एक शहर इस मामले में पहले पायदान पर पहुंच गया है. जी हां, नोएडा में घरों के दाम सबसे ज्यादा उछले हैं.
नोएडा में प्रॉपर्टी है तो दिल्ली-मुंबई वालों के आगे भी इतरा सकते हैं, कीमतें आसमान पर हैं
साल 2019 और साल 2026 की दूसरी तिमाही के बीच देश के 11 प्रमुख हाउसिंग मार्केट्स में नोएडा सबसे आगे है. यहां प्रॉपर्टी की कीमतें सबसे ज्यादा बढ़ी हैं.

इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट में रियल एस्टेट कंसल्टिंग फर्म एनारॉक के आंकड़ों के हवाले से बताया गया है कि साल 2019 और साल 2026 की दूसरी तिमाही के बीच देश के 11 प्रमुख हाउसिंग मार्केट्स में नोएडा सबसे आगे है. यहां प्रॉपर्टी की कीमतें सबसे ज्यादा बढ़ी हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक नोएडा में रेजीडेंशियल प्रॉपर्टी की औसत कीमत साल 2019 में 4,795 रुपये प्रति वर्ग फुट से बढ़कर 2026 की दूसरी तिमाही में 10,780 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गई. इस तरह से देखें तो कीमतों में 125% का इजाफा हुआ. इसी अवधि के दौरान किराये से होने वाली इनकम भी 3.2% से बढ़कर 3.9% हो गई.
इस मामले में गुरुग्राम दूसरे नंबर पर रहा. यहां रेजीडेंशियल प्रॉपर्टी की औसत कीमतें 6,150 रुपये प्रति वर्ग फुट से बढ़कर 13,350 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गईं. इसका मतलब हुआ कि इस दौरान घरों की औसत कीमतों में 117% की बढ़ोतरी हुई. इसी तरह से किराये से होने वाली आय 3.5% से बढ़कर 4.3% हो गई.
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बेंगलुरु और हैदराबाद में किराया खूब बढ़ाNCR के शहरों में घरों की कीमतों में सबसे अधिक इजाफा देखने को मिला. वहीं, किराये से होने वाले फायदों के मामले में बेंगलुरु और हैदराबाद सबसे आगे रहे. बेंगलुरु में घरों की औसत कीमतों में 90% का इजाफा हुआ. साल 2019 में बेंगलुरु में घरों की कीमतें 4,975 रुपये प्रति वर्ग फुट से बढ़कर 2026 की दूसरी तिमाही में 9,450 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गई है. किराये से होने वाली कमाई में भी 3.6% से 4.6% तक सुधार हुआ है.
हैदराबाद में भी कुछ-कुछ इसी तरह के रुझान देखने को मिले. वहां रेजीडेंशियल प्रॉपर्टी की कीमतों में 93% की वृद्धि हुई. इस शहर में हाउसिंग प्रॉपर्टी की कीमतें 4,195 रुपये प्रति वर्ग फुट से बढ़कर 8,090 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गईं. इसी तरह से किराये से होने वाली आय 2.6% से बढ़कर 3.6% हो गई.
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मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) के इलाकों में नवी मुंबई में 71% की वृद्धि दर्ज की गई. मुंबई में 64% और ठाणे में घरों के दाम 63% बढ़े. पुणे में 51% की वृद्धि दर्ज की गई. दिल्ली और चेन्नई में 47% का इजाफा हुआ. रिपोर्ट में कहा गया है कि कोलकाता में सबसे कम वृद्धि देखी गई, जहां घरों की कीमतों में 45% की वृद्धि हुई.
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