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सेंसेक्स के अचानक 900 अंक गिरने के एक नहीं, चार कारण पता लगे

सेंसेक्स दिन के उच्चतम स्तर से 900 अंक से ज्यादा गिर गया. दोपहर 12 बजे के आसपास सेंसेक्स करीब 550 अंक गिरकर 71,924 के आसपास कारोबार कर रहा था. इसी तरह से निफ्टी करीब 145 अंक गिरकर 22,376 अंक के आसपास कारोबार कर रहा था. इतनी बड़ी गिरावट की वजह जान लीजिए.

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टेक महिंद्रा का शेयर आज 4% लुढ़क गया है (Courtesy: Business Today)

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  • सेंसेक्स ने 12 अक्टूबर को शुरुआती तेजी के बाद दिन के उच्चतम स्तर से 900 अंक से अधिक गिरावट दर्ज की, जबकि निफ्टी भी करीब 145 अंकों की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था।
  • शेयर बाजार में गिरावट के पीछे मुख्य कारण विदेशी निवेशकों की बिकवाली, बढ़ती बॉन्ड यील्ड तथा वैश्विक बाजारों में अस्थिरता जैसे कारण बताए गए हैं।
  • इस गिरावट के परिणामस्वरूप इंडिया वीआईएक्स में 7% से अधिक की वृद्धि हुई और बाजार की अस्थिरता बढ़ी, जिसका प्रभाव अगले कारोबारी सत्रों में भी देखने को मिल सकता है।

शेयर बाजार में सोमवार 12 अक्टूबर को तेजी आने के बाद अचानक भारी गिरावट आ गई. सेंसेक्स दिन के उच्चतम स्तर से 900 अंक से ज्यादा गिर गया. लगातार विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली, बढ़ते बॉन्ड यील्ड और दूसरे कारणों से शेयर बाजार में भारी गिरावट आ गई.

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दोपहर 12 बजे के आसपास सेंसेक्स करीब 550 अंक गिरकर 71,924 के आसपास कारोबार कर रहा था. इसी तरह से निफ्टी करीब 145 अंक गिरकर 22,376 अंक के आसपास कारोबार कर रहा था. सेंसेक्स 400 अंक से अधिक की बढ़त के साथ खुला था, लेकिन जल्दी ही इसमें गिरावट आई और शुरुआती बढ़त पूरी तरह खत्म हो गई. इसी बीच, बाजार में अस्थिरता मापने वाला इंडिया वीआईएक्स (India VIX) 7% से अधिक बढ़कर 15 के पार पहुंच गया.

इन शेयरों में आई भारी गिरावट

सेंसेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज करते हुए टेक महिंद्रा के शेयरों में करीब 4% की गिरावट आई है. वहीं आईटीसी, एसबीआई, भारती एयरटेल, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एलएंडटी, एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक के शेयरों में 3% तक की गिरावट देखी गई. इसके विपरीत, एमएंडएम, बेल और ट्रेंट के शेयरों में करीब 1% की बढ़त दर्ज की गई. हालांकि, व्यापक बाजारों का प्रदर्शन बेहतर रहा, निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांकों में 1% तक की वृद्धि हुई.

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सेक्टरों की बात करें तो, निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी पीएसयू बैंक सूचकांकों में 1% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, वहीं निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी आईटी में आधा फीसदी से अधिक की गिरावट आई. वहीं, निफ्टी ऑटो में 1% से ज्यादा की उछाल आई.

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इन वजहों से औंधे मुंह गिरा बाजार!

इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक शेयर बाजार में आज आई भारी गिरावट के 3-4 बड़े कारण बताए गए हैं. पहला, दुनियाभर में बॉन्ड यील्ड में भारी उछाल आया है. इससे आम तौर पर कम जोखिम वाले सरकारी डेट बॉन्ड इक्विटी बाजारों की तुलना में ज्यादा आकर्षक नजर आ रहे हैं. 

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न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक सितंबर में खत्म हुए तीन महीनों में 10-साल वाले अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में 21वीं सदी की सबसे बड़ी तिमाही वृद्धि दर्ज की गई. 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी पर यील्ड 5.3% से ऊपर चढ़ गई, जो 2007 के अपने उच्चतम स्तर को पार कर गई. साल 2002 की शुरुआत के बाद से उच्चतम स्तर पर पहुंच गई. 30 साल वाले बॉन्ड की यील्ड भी 5.6% तक पहुंच गई है, जो 2002 के बाद से नहीं देखी गई थी. भारत में 10 साल वाले बॉन्ड की यील्ड बढ़कर 7.37% हो गई. यह पिछले तीन साल में सबसे ज्यादा है.

दूसरा, अक्टूबर में विदेशी निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली में भारी तेजी आई है. अक्टूबर में अब तक सिर्फ छह सत्रों में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों की कुल 45,125 करोड़ रुपये की बिक्री की है. सितंबर में भी विदेशी निवेशकों ने कुल 45,536 करोड़ रुपये भारतीय शेयर बाजार से निकाले थे.

तीसरा, ईरान ने युद्ध खत्म करने के अपने प्रस्ताव पर अमेरिका की हालिया प्रतिक्रिया को "अपर्याप्त" बताते हुए खारिज कर दिया है . साथ ही चेतावनी दी है कि अगर लड़ाई फिर से तेज होती है तो डेटा सेंटर्स और केबलों पर हमले किए जाएंगे.

चौथा, आज भारतीय शेयर बाजार भी एशियाई बाजारों की तरह ही गिरावट का सामना कर रहा है. दक्षिण कोरिया का कोस्पी लगभग 4% गिर गया, जबकि जापान का निक्केई भी लाल निशान पर आ गया. चीन का शंघाई कंपोजिट और ताइवान वेटेड भी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं.

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