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GST अफसरों की अरेस्ट पावर खत्म, 5 करोड़ की टैक्स चोरी पर केस भी नहीं होगा

GST काउंसिल की 57वीं बैठक में छोटे कारोबारियों के लिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन समेत कई दूसरे फैसले लिए गए हैं. हालांकि, जीएसटी दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है

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जीएसटी काउंसिल ने सामान्य जुर्माने को 25,000 से घटाकर 10,000 रुपये कर दिया है (Courtesy: Aaj Tak)

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  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में 8 अक्टूबर को GST काउंसिल की बैठक में GST अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्तियाँ खत्म करने और मुकदमा शुरू करने की लिमिट बढ़ाने का फैसला लिया गया।
  • यह निर्णय GST मामलों में मुकदमा शुरू करने की सीमा 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करने और व्यवसायियों को राहत देने के मकसद से लिया गया, ताकि कम मूल्य के मामलों में आपराधिक कार्रवाई न हो।
  • इस फैसले के तहत 1 अप्रैल 2027 से लागू सुधारों से छोटे ई-कॉमर्स विक्रेता रजिस्ट्रेशन में आसानी और टैक्स रिफंड में तेजी आने की संभावना है जिससे व्यापार पर प्रभाव पड़ेगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में 8 अक्टूबर को हुई GST काउंसिल की बैठक में कारोबारियों को बड़ी राहत का ऐलान किया गया है. इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक बैठक में GST अधिकारियों की गिरफ्तार करने की शक्तियों (Arrest Power) को खत्म करने को मंजूरी दे दी गई. 

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GST से जुड़ा मुकदमा शुरू करने की लिमिट बढ़कर 5 गुना 

इसके अलावा GST से जुड़े मामलों में मुकदमा शुरू करने की सीमा को 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये कर दिया गया है. टैक्स एक्सपर्ट विनोद रावल ने लल्लनटॉप से बातचीत में कहा कि इसका सीधा मतलब ये हुआ कि अब 5 करोड़ से कम की GST टैक्स चोरी जैसे मामलों में सामान्य तौर पर GST कानून के तहत आपराधिक मुकदमा नहीं चलेगा.

हालांकि, इसका मतलब ये कतई नहीं है कि टैक्स चोरी करने वाले बच जाएंगे, बस मुकदमा नहीं होगा. लेकिन GST चोरी जैसे मामलों में पकड़े जाने पर कारोबारियों से ब्याज और पेनल्टी पहले की तरह ही वसूले जाएंगे.

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इसके अलावा GST काउंसिल ने सामान्य जुर्माने को 25,000 रुपये से घटाकर 10,000 रुपये करने, टैक्स रिफंड में तेजी लाने, छोटे ई-कॉमर्स विक्रेताओं के लिए रजिस्ट्रेशन को आसान बनाने को भी मंजूरी दी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि गुरुवार को घोषित सुधार अगले वित्तीय वर्ष की शुरुआत यानी 1 अप्रैल, 2027 से लागू होंगे.

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टैक्स रेट जस के तस 

GST काउंसिल की 57वीं बैठक में GST दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. काउंसिल ने कर्मचारियों के लिए खरीदे गए हेल्थ और जीवन बीमा पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) को मंजूरी दी है. जो कारोबारी अपनी कंपनी के कर्मचारियों के लिए ये पॉलिसी खरीदेंगे उन्हें इनपुट टैक्स क्रेडिट मिल सकेगा. 

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इसके अलावा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिये काम करने वाले छोटे विक्रेताओं (Vendors) को कुछ शर्तों के साथ किसी दूसरे राज्य में प्लेटफॉर्म ऑपरेटर के गोदाम को अपने मेन बिजनेस कैंपस की तरह इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाएगी. इससे इन वेंडर्स को अलग कैंपस बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. 

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