The Lallantop

पिज्जा हट बिकने जा रही, पता है कौन खरीद रहा? 25 हजार करोड़ की कीमत लगी है

पिज्जा हट को भारत के कई शहरों में दूसरे पिज्जा ब्रांडों से भी दबाव का सामना करना पड़ा है. पिछले साल युम ब्रांड्स ने लगातार कई तिमाहियों तक बिक्री में गिरावट के बाद पिज्जा हट के लिए रणनीतिक विकल्पों की तलाश करने की बात कही थी.

Advertisement
post-main-image
यम ब्रांड्स ने पिज्जा हट चेन को खरीदने की सहमति जताई है (फोटो क्रेडिट: India Today)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • पिज्जा हट की चेन को यम ब्रांड्स ने 2.7 अरब डॉलर में बेचने की सहमति जताई है, जिसमें चीन के बिजनेस और बाकी हिस्से को अलग-अलग खरीदार खरीदेंगे।
  • पिज्जा हट कई सालों से बदलती उपभोक्ता प्राथमिकताओं, कड़ी प्रतिस्पर्धा और बढ़ती महंगाई के कारण वित्तीय दबाव और बिक्री में गिरावट झेल रहा था।
  • इस सौदे के बाद पिज्जा हट का संचालन दो भागों में बंट जाएगा और यह भारतीय बाजार सहित वैश्विक फास्ट-फूड उद्योग में विस्तार से जुड़ी रणनीति में बदलाव का संकेत है।

1990 के दशक में जब दोस्तों की पार्टी होती थी या बर्थडे होता था. पहली डेट या कोई और खुशी का मौका होता था तब पिज्जा हट (Pizza Hut) आउटलेट लोगों को पहली पसंद होता था. पिज्जा को घर-घर तक पहुंचाने में भी इस मशहूर ब्रांड की बड़ी भूमिका रही लेकिन अब पिज्जा हट बिकने जा रहा है. इंडिया टुडे में छपी एक खबर में बताया गया है कि केएफसी और टैको बेल की पेरैंट कंपनी यम ब्रांड्स ने पिज्जा हट चेन को खरीदने की सहमति जताई है. यह सौदा 2.7 अरब डॉलर (25 हजार 500 करोड़ रुपये) में हो सकता है. 

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

पिज्जा हट काफी समय से पैसों की तंगी से जूझ रहा है. इस सौदे के तहत पिज्जा हट दो हिस्सों में बंट जाएगा. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार युम चाइना होल्डिंग्स चीन में पिज्जा हट के बिजनेस को 1.2 अरब डॉलर (11 हजार 340 करोड़ रुपये) में अधिग्रहित करेगी. वहीं, प्राइवेट इक्विटी फर्म लॉन्ग रेंज कैपिटल पिज्जा हट के बाकी बिजनेस को 1.5 अरब डॉलर (14 हजार 175 करोड़ रुपये लगभग) में खरीदेगी.

यम ब्रांड्स पिज्जा हट क्यों बेच रहा है?

पिज्जा हट को उपभोक्ताओं की बदलती प्राथमिकताओं और फास्ट-फूड उद्योग में कड़ी प्रतिस्पर्धा के साथ तालमेल बिठाने में कई सालों से जूझना पड़ रहा है. बढ़ती महंगाई और वस्तुओं की बढ़ती कीमतों ने पिज्जा चेन को ऐसे समय में नुकसान पहुंचाया है जब उपभोक्ता खर्च करने में अधिक सतर्क हो रहे हैं. वहीं, दूसरी ओर जीएलपी-1 जैसी वजन घटाने वाली दवाओं की बढ़ती लोकप्रियता ने लोगों को स्वस्थ खानपान की आदतों की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया है.

Advertisement

पिज्जा हट को भारत के कई शहरों में दूसरे पिज्जा ब्रांडों से भी दबाव का सामना करना पड़ा है. पिछले साल युम ब्रांड्स ने लगातार कई तिमाहियों तक बिक्री में गिरावट के बाद पिज्जा हट के लिए रणनीतिक विकल्पों की तलाश करने की बात कही थी. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पिज्जा हट को 1977 में पेप्सिको ने खरीदा था. बाद में 1997 में केएफसी और टैको बेल के साथ अलग होकर ट्राइकॉन ग्लोबल रेस्टोरेंट्स का गठन किया गया, जो अंततः 2002 में यम ब्रांड्स बन गया.

वीडियो: पीएम मोदी ने G7 Summit में ट्रंप के सामने 13 भारतीयों की मौत का मुद्दा उठाया

Advertisement
Advertisement