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ITR फाइलिंग की डेट बढ़ने वाली है? ऐसा सोचे बैठे हैं तो तगड़ा नुकसान तय

ITR यानी इनकम टैक्स रिटर्न को फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है. पिछले साल आयकर रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख बढ़ा दी गई थी, इसलिए कुछ लोग इस साल भी रिटर्न दाखिल करने की तारीख बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं.

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(फोटो क्रेडिट: Aaj tak)

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  • आयकर विभाग ने इस साल आयकर रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई तय की है और फिलहाल इस तारीख में बदलाव की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
  • पिछले साल रिटर्न दाखिल करने की तारीख बढ़ाने के पीछे आयकर फॉर्म में देरी और ई-फाइलिंग पोर्टल की तकनीकी समस्याएं थीं, जो इस साल सुधार गई हैं।
  • इस साल फॉर्म समय पर जारी होने और पोर्टल सुचारु रूप से काम करने के कारण रिटर्न दाखिल करने की तारीख बढ़ाने की संभावना कम है, इसलिए करदाताओं को समय पर फाइलिंग करनी चाहिए।

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की आखिरी तारीख काफी करीब आ रही है. रिटर्न फाइल की आखिरी तारीख 31 जुलाई है. लेकिन कई लोग ऐसे भी हैं जो ये सोच रहे हैं कि क्या सरकार रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख बढ़ाएगी. दरअसल पिछले साल आयकर रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख बढ़ा दी गई थी. इसलिए कुछ लोग मानकर चल रहे हैं कि सरकार इस साल भी ऐसा ही कर सकती है. 

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पिछले साल रिटर्न भरने की तारीख की कई वजहें थीं जैसे कि आयकर फॉर्म जारी करने में देरी, आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल पर तकनीकी गड़बड़ियां वगैरा. करदाताओं की बार-बार शिकायतों के कारण सरकार को रिटर्न दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय देना पड़ा था. लेकिन, इस साल स्थिति काफी अलग दिख रही है.

बिजनेस टुडे की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि इस साल आयकर विभाग ने समय पर आईटीआर फॉर्म जारी किए, फाइलिंग कैलेंडर को कई टैक्सपेयर्स कैटेगरी में समान रूप से बांटा गया है. ई-फाइलिंग पोर्टल भी ठीक से काम करता दिखा. इन कारणों से इनकम टैक्स रिटर्न भरने की तारीख इस बार बढ़ने की संभावना को काफी कम कर दिया है.

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ITR डेडलाइन बढ़ाने की संभावना कम क्यों दिख रही है?

बिजनेस टुडे की रिपोर्ट बताती है कि पिछले साल के उलट इस साल सभी करदाताओं को अपने रिटर्न तैयार करने और दाखिल करने के लिए अच्छा खासा समय मिला है. इसकी वजह ये रही है कि इस साल आयकर विभाग ने आईटीआर फॉर्म अधिसूचित कर दिए और फाइलिंग की सुविधा काफी पहले ही उपलब्ध करा दी. इससे करदाताओं को पिछले साल की तुलना में बहुत पहले रिटर्न फाइलिंग की अनुमति मिल गई. 

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कितनी पेनाल्टी चुकानी पड़ सकती है?

टैक्स एक्सपर्ट्स विनोद रावल ने लल्लनटॉप से बातचीत में कहा कि इस साल ये पोर्टल बढ़िया से काम कर रहा है. सरकार का कहना है कि वह एक पोर्टल की बारीकी से निगरानी कर रही है. फॉर्म समय पर जारी होने, अलग-अलग फाइलिंग की समय सीमा निर्धारित होने और अब तक पोर्टल में कोई बड़ी रुकावट न आने से उनका मानना ​​है कि सरकार शायद ही रिटर्न फाइल करने की तारीख बढ़ाए.

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उनका कहना है कि टैक्सपेयर्स को अपना रिटर्न जल्द से जल्द दाखिल कर देना चाहिए. आखिरी समय या रिटर्न भरने की समय सीमा बढ़ने का इंतजार नहीं करना चाहिए. 31 जुलाई की डेडलाइन चूकने पर 5,000 रुपये तक पेनाल्टी चुकानी पड़ सकती है. साथ ही बकाया कर पर लागू ब्याज भी लग सकता है. यदि आप ड्यू डेट तक आवेदन दाखिल नहीं करते हैं, तो आपको आयकर अधिनियम की धारा 234 एफ के तहत लेट फीस का भुगतान करना पड़ सकता है. इतना ही नहीं, आयकर रिफंड की उम्मीद करने वालों को रिफंड पाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है.

विनोद रावल का कहना है कि जब तक इनकम टैक्स फाइलिंग पोर्टल में बड़ी तकनीकी समस्या नहीं होती या सरकार कोई आधिकारिक घोषणा नहीं करती, तब तक करदाताओं को यह मान लेना चाहिए कि व्यक्तिगत करदाताओं के लिए रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई ही है. 

वहीं, बैंकबाजार के सीईओ अधिल शेट्टी ने बिजनेस टुडे से कहा कि टैक्सपेयर्स को अटकलों पर ध्यान नहीं देना चाहिए और समय से अपना रिटर्न दाखिल कर देना चाहिए. उनका कहना है कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने पिछले कुछ सालों में केवल खास परिस्थितियों में ही समय सीमा बढ़ाई है. 

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