अंग्रेजी में एक कहावत है, 'You can have a million problems until it’s a health problem, then you only have one problem.' यानी आपके पास लाख समस्याएं हो सकती हैं, लेकिन जब बात आपकी हेल्थ पर आ जाए तो बस एक ही समस्या रह जाती है. ऐसा ही कुछ 24 साल के कृष्णा सिंह के साथ हुआ. उनका वजन 90 किलो हो गया था, मगर उन्हें इसकी कोई फिक्र नहीं थी. उन्हें लगता कि फिटनेस-विटनेस पर ध्यान देने के लिए वक्त ही कहां है. लेकिन उनको बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि एक दिन अपने पिता की जान बचाने के लिए उन्हें तेजी से वजन घटाना होगा.
बेटा हो तो ऐसा! पहले 20 किलो वजन घटाया, फिर अपना हेल्दी लिवर पिता को डोनेट कर दिया
24 साल के कृष्णा सिंह का वजन 90 किलो हो गया था. मगर उन्हें इसकी कोई फिक्र नहीं थी. उन्हें लगता कि फिटनेस-विटनेस पर ध्यान देने के लिए वक्त ही कहां है. लेकिन उनको बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि एक दिन अपने पिता की जान बचाने के लिए उन्हें तेजी से वजन घटाना होगा.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश के बांदा में रहने वाले कृष्णा के पिता कौशल सिंह प्रॉपर्टी डीलर हैं. उन्हें लिवर सिरोसिस की गंभीर बीमारी है. इस बीमारी में लिवर को काफी तेजी से नुकसान पहुंचता है. साल 2026 की शुरुआत में उनके डॉक्टरों ने बताया कि उनकी जान बचाने के लिए लिवर ट्रांसप्लांट करना जरूरी है. परिवार के लोगों के टेस्ट कराए गए. ये पता करने के लिए कि किसके साथ लिवर ट्रांसप्लांट मुमकिन है. जांच में सिर्फ कृष्णा का लिवर ही उनके पिता से मैच हुआ. मगर अभी एक और मुसीबत सामने थी. कृष्णा की खुद की हेल्थ लिवर डोनेट करने के लिए ठीक नहीं थी.
कृष्णा दिल्ली में एक रियल एस्टेट कंपनी में काम करते थे. उनकी लाइफस्टाइल ठीक नहीं थी. बॉडी चेकअप में पता चला कि उनके लिवर में काफी ज्यादा फैट जमा हो गया था. उन्हें ग्रेड-3 फैटी लिवर की समस्या थी. लखनऊ के अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में लिवर ट्रांसप्लांट डिपार्टमेंट के डॉक्टर्स ने कृष्णा को पहले उनकी हेल्थ ठीक करने की सलाह दी. डॉक्टरों ने कहा कि एक बार उनका फैटी लिवर कंट्रोल में आ जाए, इसके बाद ही उन्हें लिवर डोनेट करने की इजाजत दी जा सकती है.
डॉक्टरों ने कृष्णा के लिए एक खास डाइट और वेट लॉस प्लान बनाया गया. समय-समय पर उनकी सेहत पर नजर रखते रहे. इसके बाद सिर्फ चार महीने में बिना किसी इंजेक्शन या दवा के कृष्णा ने 20 किलो वजन घटा लिया. उनके लिवर में जमा फैट की स्थिति में भी काफी सुधार हुआ. कृष्णा की सेहत से जुड़ी सभी जांचों के नतीजे देखने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें लिवर डोनेट करने की मंजूरी दे दी. इसके बाद लिवर ट्रांसप्लांट की सर्जरी सफल रही. कृष्णा के पिता कौशल सिंह की सेहत में भी काफी सुधार हुआ और अब वो अस्पताल से घर लौट चुके हैं.
कहना पड़ेगा, बेटा हो तो ऐसा!
वीडियो: सेहत: फ़ैटी लिवर स्टेज-1 में क्या होता है?













