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मारुति सुजुकी ने स्टाफ को दिया वर्क फ्रॉम होम, विदेश यात्रा के लिए भी नए निर्देश

कंपनी ने जिन कर्मचारियों को दफ्तर आना जरूरी हो उन्हें कारपूलिंग करने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट से ऑफिस आने की सलाह दी है.

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31 मार्च, 2025 तक मारुति सुजुकी में करीब 20 हजार स्थायी कर्मचारी काम करते हैं (फोटो क्रेडिट: Aaj tak)

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (MSIL) ने वर्क फ्रॉम होम यानी घर से काम करने की सुविधा का ऐलान किया है. बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने अपने सभी कर्मचारियों को आदेश दिया है कि वे देश-विदेश की यात्रा न करें. 

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कंपनी की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि जो कर्मचारी घर से काम करने में सक्षम हैं उनको वर्क फ्रॉम होम की सलाह दी गई है. इससे ईंधन की खपत को कम किया जा सकेगा. कंपनी ने कहा कि यह कदम उसकी मौजूदा रिमोट वर्किंग पॉलिसी के अनुरूप है.

मारुति सुजुकी ने अपने आदेश में कहा है कि कंपनी के कर्मचारी तभी विदेश यात्रा पर जाएं जब बिजनेस के लिहाज से ऐसा करना बेहद जरूरी हो. इसमें यह भी कहा गया है कि अब वर्चुअल मीटिंग को ही बातचीत के लिए पसंदीदा माध्यम बनाया जाएगा और घरेलू यात्रा को भी कम से कम किया जाएगा.
 
इसके अलावा, जिन कर्मचारियों को दफ्तर आना जरूरी हो उन्हें कारपूलिंग करने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट से ऑफिस आने  की सलाह दी गई है. कंपनी ने अपनी कर्मचारियों से कहा कि वे घर और ऑफिस में बिजली की खपत घटाएं.  एसी(एयर कंडीशनर), पंखे और लाइट का जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल करने की सलाह दी है.

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कंपनी की सालाना रिपोर्ट बताती है कि 31 मार्च, 2025 तक मारुति सुजुकी में 19,966 नियमित कर्मचारी और 33,811 अस्थायी कर्मचारी कार्यरत थे. 26 मई को सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में कंपनी ने कहा कि प्रधानमंत्री के मितव्ययिता की अपील के  साथ-साथ पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के लंबे समय तक पड़ने वाले असर को कम करने के लिए ये सारे उपाय किए जा रहे हैं.

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कंपनी ने आगे कहा है कि मैनेजमेंट मौजूदा ईरान संकट के दौरान और सामान्य दिनों में भी पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की खपत कम से कम करने और विदेशी मुद्रा खर्च को कम करते हुए अपने कारोबार को बढ़ावा देगी. 

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