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बैंक ऑफ बड़ौदा का डेटा लीक, कस्टमर का नाम, अकाउंट नंबर और आधार सब ऑनलाइन मौजूद

हैकर ने बैंक ऑफ बड़ौदा के कई दस्तावेज ऑनलाइन साझा किए हैं. अभी तक इस डेटा लीक की जिम्मेदारी किसी भी हैकर ने सार्वजनिक रूप से नहीं ली है.

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हैकर ने बैंक के कुछ खाताधारकों की कई निजी जानकारियां हैक कर ली हैं (फोटो क्रेडिट: India Today)

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  • बैंक ऑफ बड़ौदा का लगभग 1 टेरीबाइट संवेदनशील डेटा हैकर्स द्वारा डार्क वेब पर मुफ्त में सार्वजनिक कर दिया गया है, जिसमें खाताधारकों की निजी और वित्तीय जानकारी शामिल है।
  • यह डेटा लीक एक कर्मचारी के ईमेल अकाउंट में सेंधमारी के कारण हुआ, जिसे हैकिंग समूह ट्रिपलएक्स ने अंजाम दिया हो सकता है, जो पहले भी अन्य बैंकों को निशाना बना चुका है।
  • बैंक ने मामले का पता चलते ही सुरक्षा उपाय लागू कर दिए हैं और दावा किया है कि कोर बैंकिंग सिस्टम सुरक्षित हैं, वहीं इस घटना की विस्तृत फोरेंसिक जांच शुरू की गई है।

देश के प्रमुख सरकारी बैंकों में शामिल बैंक ऑफ बड़ौदा का बड़ा डेटा लीक हो गया है. इंडिया टुडे में छपी एक खबर में बताया गया है कि एक हैकर ने बैंक के सिस्टम में सेंध लगाकर कथित तौर पर 1 TB संवेदनशील डेटा को डार्क वेब पर मुफ्त में डाल दिया है. इस डेटा में खाताधारकों की निजी जानकारी जैसे- बैंक खाता संख्या, आधार और कितना और किस-किस शाखा से लोन ले रखा है. ये सब जानकारी दी गई है.

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हैकर ने डेटा लीक से जुड़े कुछ दस्तावेज भी ऑनलाइन साझा किए हैं. कैशलेस कंज्यूमर के फाउंडर और सॉफ्टवेयर इंजीनियर श्रीकांत लक्ष्मणन ने सोशल मीडिया पोस्ट X पर ये दस्तावेज़ साझा करते हुए बताया कि लिंक फिलहाल सक्रिय है और इसे कोई भी देख सकता है.

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श्रीकांत लक्ष्मणन ने स्क्रीन शॉट भी शेयर किए हैं  

सूत्रों ने इंडिया टुडे को बताया कि बैंक ऑफ बड़ौदा डेटा लीक के बारे में अपनी टीम लगाकर पता कर रहा है. 

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बैंक ऑफ बड़ौदा का डेटा किसे बेचा?

हैकर का दावा है कि उसने 1 TB संवेदनशील डेटा उपलब्ध कराया है. इसमें बचत और चालू खाता रिकॉर्ड, लोन डिटेल्स, नेटबैंकिंग यूजर्स की जानकारी, एनआरआई और कॉर्पोरेट बैंकिंग सर्विस का रिकॉर्ड और बैंकों की शाखाओं या एटीएम से जुड़ा डेटा शामिल है. 

सॉफ्टवेयर इंजीनियर श्रीकांत का कहना है कि इस सुरक्षा उल्लंघन का पता सबसे पहले शनिवार, 25 जुलाई को डार्क वेब ट्रैकिंग साइट ransomeware.live द्वारा लगाया गया था. श्रीकांत ने बताया कि ऑनलाइन उपलब्ध कराए गए डेटा में बैंक ऑफ बड़ौदा के आंतरिक दस्तावेजों के साथ-साथ ग्राहकों की जानकारी भी शामिल है.

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Source: Sample documents put up by the hackers included internal documents from Bank of Baroda.
 
बैंक ऑफ बड़ौदा में डेटा लीक के पीछे कौन है?

अभी तक इस डेटा लीक की जिम्मेदारी किसी भी हैकर ने सार्वजनिक रूप से नहीं ली है. सॉफ्टवेयर इंजीनियर श्रीकांत का मानना ​​है कि ट्रिपलएक्स नामक एक नए हैकिंग समूह ने इस साइबर अटैक में भूमिका निभाई होगी. 

उन्होंने बताया कि साइबर अटैक करने वाले ट्रिपलएक्स ग्रुप ने इसी साल मई में एक इंडोनेशियाई बैंक - पीटी बैंक नेगारा इंडोनेशिया - में भी हैकिंग को अंजाम दिया था. ये बैंक इंडोनेशिया का सबसे बड़ा सरकारी बैंक है. अब इस ग्रुप ने बैंक ऑफ बड़ौदा का हैक किया हुआ डेटा एक टोर साइट (डार्क वेब पर मौजूद वेबसाइट) पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध करा दिया है. 

बैंक ने दी सफाई 

इस बीच, इस पूरे मामले को लेकर बैंक ऑफ बड़ौदा की तरफ से प्रतिक्रिया आ गई है. सोशल मीडिया पोस्ट एक्स पर जारी एक बयान में बैंक की तरफ से कहा गया है कि बैंक में इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी के तगड़े प्रोटोकॉल लागू हैं. ताजा डेटा हैकिंग की घटना एक कर्मचारी के ईमेल अकाउंट में सेंध के कारण हुई. इसके चलते हैकर ने बैंक के कुछ डेटा में सेंधमारी को अंजाम दिया है. 

हालांकि, जैसे ही बैंक को डेटा लीक की सूचना मिली बैंक ने इसे रोकने के तत्काल प्रभाव से सभी जरूरी कदम उठाए और सुरक्षा उपाय लागू कर दिए. बैंक की तरफ से जारी सफाई में दावा किया गया है कि बैंक के कोर बैंकिंग सिस्टम (CBS) पूरी तरह सुरक्षित हैं. इसके साथ ही इस मामले की विस्तृत फोरेंसिक जांच शुरू कर दी गई है. 

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Source: Bank of Baroda ‘X’ account

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