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सोने-चांदी में क्या और बड़ी गिरावट आने वाली है? इस समय आपको क्या करना चाहिए?

17 फरवरी को शुरुआती कारोबार में सोने का भाव 2,561 रुपये गिरकर 1,52,199 रुपये पर आ गया. चांदी की कीमत में और भी ज्यादा गिरावट आ गई. मंगलवार को चांदी का भाव 6,241 रुपये परसेंट के हिसाब से करीब ढाई परसेंट गिरकर 2,33,650 रुपये पर आ गया.

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17 फरवरी को शुरुआती कारोबार में सोने का भाव 2,561 रुपये गिर गया (फोटो क्रेडिट: Business Today)

मंगलवार 17 फरवरी को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है. इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक 17 फरवरी को शुरुआती कारोबार में सोने का भाव 2,561 रुपये गिरकर 1,52,199 रुपये पर आ गया. चांदी की कीमत में और भी ज्यादा गिरावट आ गई. मंगलवार को चांदी का भाव 6,241 रुपये परसेंट के हिसाब से करीब ढाई परसेंट गिरकर 233,650 रुपये पर आ गया.

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रिकार्ड तेजी के बाद पिछले कुछ दिनों से सोने-चांदी में काफी उठा-पटक देखने को मिल रहा है. कुछ मार्केट एक्सपर्ट तो सोने-चांदी को बेचने की भी सलाह दे रहे हैं. क्या सोने-चांदी में बड़ी गिरावट आने वाली है? अगर खरीदना है तो किस भाव पर खरीदना फायदेमंद हो सकता है. ये सब जानते हैं. लेकिन पहले सोने-चांदी कीमतों में आज आई गिरावट के कारणों को समझते हैं.

सोने-चांदी में गिरावट क्यों आई?

इंडिया टुडे की रिपोर्ट में बताया गया है कि सोने-चांदी की कीमतों में ताजा गिरावट का सबसे बड़ा कारण ये है कि दुनिया के सभी बड़े बुलियन मार्केट में खरीद-फरोख्त करने वाले कारोबारी की हिस्सेदारी काफी कम है. चीन का बाजार चंद्र नव वर्ष समारोह के लिए 15 फरवरी से 23 फरवरी तक बंद है. वहीं, अमेरिकी बाजार राष्ट्रपति दिवस की छुट्टी के कारण बंद थे. इस तरह से दुनिया के दो सबसे बड़े बिजनेस सेंटर्स बंद हैं. इसके चलते सोने-चांदी के दाम गिरे हैं. 

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इसके अलावा निवेशक ब्याज दरों, महंगाई और दुनियाभर में आर्थिक विकास दर के संकेतों पर भी बारीकी से नजर रख रहे हैं. ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना का कीमती धातुओं पर सीधा असर पड़ता है. सोना और चांदी जैसी धातुएं नियमित आय या ब्याज नहीं देतीं, इसलिए जब केंद्रीय बैंक दरें बढ़ाते हैं और बॉन्ड या अन्य निवेश साधनों पर बेहतर रिटर्न मिलने लगता है. इस वजह से इन धातुओं (सोने-चांदी) का आकर्षण कुछ कम हो जाता है.

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अब निवेशकों को क्या करना चाहिए?

एमिरेट्स इन्वेस्टमेंट बैंक में डायरेक्टर (वेल्थ मैनेजमेंट) डॉक्टर धर्मेश भाटिया ने लल्लनटॉप से बातचीत में कहा,

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“इस हफ्ते बाजार में कमजोरी का माहौल मुख्य रूप से भू-राजनीतिक घटनाक्रमों से जुड़ा है. ईरान और रूस के बीच संभावित शांति वार्ता पर निवेशकों की नजर टिकी हुई है. अगर यह बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है और तनाव कम होता है, तो सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग घट सकती है. ऐसे परिदृश्य में सोने में छोटी अवधि में 10–20 हजार रुपये तक और चांदी में 30–50 हजार रुपये तक की गिरावट देखने को मिल सकती है. निवेशकों को फिलहाल सतर्क रणनीति अपनाने और प्रमुख वैश्विक संकेतों पर नजर बनाए रखने की जरूरत है.”

इंटेलिसिस वेंचर्स के फाउंडर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित सुरेश जैन ने लल्लनटॉप को बताया कि चांदी में नीचे की ओर 2 लाख 7 हजार रुपये के आसपास एक महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन है. अगर चांदी इस तरह से आई तो आने वाले समय में कीमतें और गिरने का अनुमान है. हालांकि, अगर सिल्वर 2 लाख 55 हजार के लेवल को पार करने में फिर से सफल होती है तो इसमें तेजी का रुझान दिख सकता है. उनका कहना है कि इस स्थिति में चांदी का भाव 2 लाख 80 हजार से 3 लाख रुपये तक जा सकता है. उनकी सलाह है कि अगर चांदी का भाव 2 लाख 5 हजार या 2 लाख 10 हजार के दायरे में आता है तो इस स्तर पर फ्रेश निवेश पर विचार किया जा सकता है.

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वहीं, इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) की वाइस प्रेसीडेंट और एस्पेक्ट ग्लोबल वेंचर्स की कार्यकारी चेयरपर्सन अक्षा कंबोज ने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा, “सोने और चांदी की कीमतों में आई मौजूदा गिरावट कोई बड़ी चिंता की बात नहीं है. ये पिछले कुछ दिनों से जारी तेजी के बाद एक सामान्य ठहराव (कंसोलिडेशन) का हिस्सा है." उनका कहना है कि सोने में हल्की नरमी जरूर दिख रही है, लेकिन कीमतें अभी भी पिछले सप्ताह के स्तर से ऊपर हैं. इससे साफ है कि सुरक्षित निवेश के तौर पर इसकी मांग बनी हुई है. यह गिरावट ट्रेंड बदलने का संकेत नहीं, बल्कि निवेशकों की तरफ से की जा रही अस्थायी प्रॉफिट बुकिंग का असर है. ऐसे में अगर वैश्विक अनिश्चितताएं बनी रहती हैं, तो सोना मजबूत स्तरों पर टिका रह सकता है. 

चांदी के बारे में कंबोज ने कहा कि हाल के हफ्तों में आई तेज बढ़त के बाद इसमें कुछ ज्यादा गिरावट दिख रही है. चांदी की कीमतें आमतौर पर ज्यादा उतार-चढ़ाव वाली होती हैं और औद्योगिक मांग में बदलाव से जल्दी प्रभावित होती हैं. फिर भी, मौजूदा कीमतें पिछले हफ्ते से ऊपर हैं. इससे संकेत मिलता है कि लंबी अवधि में चांदी के दाम चढ़ेंगे."

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