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'चीनी महंगी है तो अच्छा है' कहने वाले नई महंगाई दर भी जान लें

इस साल की पहली छमाही में (जनवरी से जुलाई) महंगाई दर कम रहने के बाद अब सिर उठाने लगी है. इस साल लागू नए बेस ईयर के अमल में आने के बाद पहली बार अगस्त में रिटेल महंगाई दर इस स्तर पर पहुंची है.

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अगस्त में चीनी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गईं (फोटो क्रेडिट: PTI)

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  • "[\"• अगस्त में भारत की रिटेल महंगाई दर जुलाई के 4.45% से बढ़कर 4.82% हो गई, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह 5.23% और शहरी क्षेत्रों में 4.31% दर्ज हुई तथा नए बेस ईयर के बाद पहली बार इस स्तर पर पहुंची।\",\"• खाने-पीने और उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें बढ़ने के बीच अगस्त में खाद्य महंगाई 5.95% रही; प्याज के दाम 48.27%, लहसुन 43.60%, चांदी के गहने करीब 107% और अन्य गहने 35.53% महंगे हुए।\",\"• घरेलू चीनी कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र ने मई में लगाया निर्यात प्रतिबंध सितंबर 2026 के अंत तक बढ़ाया, जबकि आरबीआई को वित्त वर्ष 2026-27 में रिटेल महंगाई 5% पर रखने का दायित्व मिला है।\"]"

अगस्त में रिटेल महंगाई दर बढ़कर 4.82% हो गई है. जुलाई में यह 4.45% रही थी. ग्रामीण क्षेत्रों में अगस्त में रिटेल महंगाई दर 5.23% रही. शहरी क्षेत्रों में यह 4.31% थी.

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 इकोनॉमिक टाइम्स ने सरकारी की तरफ से जारी ताजा आंकड़ों के हवाले से बताया है कि खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने और उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें बढ़ने से इकोनॉमी पर दबाव बढ़ा है. 

ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि इस साल की पहली छमाही में (जनवरी से जुलाई) महंगाई दर कम रहने के बाद अब सिर उठाने लगी है. इस साल लागू नए बेस ईयर के अमल में आने के बाद पहली बार अगस्त में रिटेल महंगाई दर इस स्तर पर पहुंची है. आरबीआई को वित्त वर्ष 2026-2027 के लिए रिटेल महंगाई दर को 5% पर बनाए रखने का दायित्व सौंपा गया है.

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क्यों बढ़ी महंगाई ?

अगस्त में चीनी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गईं. इसका असर भी महंगाई दर पर असर पड़ने की आशंका है. घरेलू कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केन्द्र सरकार ने चीनी निर्यात की समयसीमा बढ़ा दी थी. सरकार ने इसी साल मई में चीनी निर्यात पर रोक लगाई थी और घरेलू बाजार में चीनी के दाम बढ़ने से सितंबर 2026 के अंत तक निर्यात प्रतिबंधों को बढ़ा दिया था. 

चीनी के अलावा रिटेल महंगाई को बढ़ाने में एक और चीज का हाथ रहा है. अगस्त में ज्वेलरी के दाम बढ़ने से महंगाई तेजी से बढ़ी है. अगस्त में चांदी के गहनों के दाम करीब 107% उछले हैं. यह कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) बास्केट में शामिल प्रमुख वस्तुओं में सबसे ज्यादा है. सोने, हीरे और प्लेटिनम के गहनों की महंगाई दर अगस्त में बढ़कर 35.53% हो गई. जुलाई में यह 32.98% थी.

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वहीं, रिटेल खाद्य महंगाई दर अगस्त में बढ़कर 5.95% हो गई. जुलाई में खुदरा महंगाई दर 5.52% थी. ग्रामीण क्षेत्रों में यह 5.64% और शहरी क्षेत्रों में 6.13% रही. इसकी सबसे बड़ी वजह प्याज की कीमतों में अगस्त में 48.27% की तेजी आना है. जुलाई के 22.54% के मुकाबले प्याज के दाम अगस्त में करीब दोगुने से भी अधिक बढ़े हैं. वहीं, लहसुन की महंगाई दर 35.36% से बढ़कर 43.60% हो गई.

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