फ्लिपकार्ट (Flipkart), अमेजन (Amazon) और मीशो (Meesho) की शिकायत संसद तक पहुंच गई हैं. ये तीनों कंपनियां उन 10 ई-कॉमर्स कंपनियों में शामिल हैं जिनके खिलाफ साल 2025 में राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर सबसे अधिक शिकायतें दर्ज की गईं. केन्द्र सरकार ने 12 अगस्त को संसद में यह जानकारी दी.
फ्लिपकार्ट, अमेजन और मीशो की शिकायत संसद तक पहुंची, ई-कॉमर्स कंपनियों से ग्राहक हुए तंग
सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी ने 47 ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों पर मोटा जुर्माना लगाया है. सबसे ज्यादा शिकायतें फ्लिपकार्ट, अमेजन और मीशो की आई है. संसद तक यह मामला पहुंच गया है. इसमें भी फ्लिपकार्ट की सबसे ज्यादा शिकायतें आईं.

बिजनेस टुडे की एक खबर में कहा गया है कि केन्द्र सरकार में उपभोक्ता मामलों के राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने लोकसभा में ये जानकारी दी. इसमें आंकड़ों से पता चलता है कि फ्लिपकार्ट सूची में सबसे ऊपर है, उसके बाद अमेजन और मीशो का नंबर आता है.
47 ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर जुर्माना लगाया गयाआंकड़ों से यह भी पता चला कि सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी ने 47 ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों पर करीब 1 करोड़ 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. उपभोक्ता मामलों के राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन ने 25 अप्रैल, 2025 से 30 जून, 2026 के बीच लोगों को 91 करोड़ से ज्यादा रिफंड दिलाने में मदद की है. इसमें से 63 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम ई-कॉमर्स सेक्टर से संबंधित शिकायतों से जुड़ी थी.
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किस कंपनी के खिलाफ कितनी शिकायतें?उपभोक्ताओं की शिकायतों के मामले में फ्लिपकार्ट सबसे ऊपर है. कुछ मामलों में अमेजन और मीशो का नंबर आता है. आंकड़ों के मुताबिक फ्लिपकार्ट के खिलाफ 1.33 लाख शिकायतें दर्ज की गईं. अमेजन के खिलाफ 91,248 शिकायतें दर्ज की गईं.
वहीं, मीशो के खिलाफ 29,284 शिकायतें दर्ज की गईं. उपभोक्ता मामलों के राज्य मंत्री वीएल वर्मा ने कहा कि ये कंपनियां उन प्लेटफॉर्मों में शामिल थीं, जिनके खिलाफ 2025 के दौरान कंज्यूमर हेल्पलाइन पर सबसे अधिक शिकायतें दर्ज की गईं.
सबसे ज्यादा शिकायतों के मामले में टॉप 10 में शामिल दूसरी कंपनियों में मिंत्रा (Myntra), नेटमेड्स (Netmeds), जेप्टो (Zepto), ब्लिंकिंट ( Blinkit), Naaptol (नापतौल) , वीएलई बाजार (VLE Bazaar) और नायका (Nykaa) शामिल थीं.
इन कंपनियों के खिलाफ दर्ज शिकायतों की संख्या मिंत्रा (25,384), नेटमेड्स (19,895), जेप्टो (5,774), ब्लिंकिंट (5,102), नापतौल (4,079), बीएलई बाजार ( 3,907) और नायका (3,405) थी.
क्विक कॉमर्स को 5.11 लाख शिकायतें मिली हैं.उपभोक्ता मामलों के राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने संसद को बताया कि रिफंड क्लेम से संबंधित 14 लाख से अधिक उपभोक्ता शिकायतों का निपटारा मुकदमेबाजी से पहले ही कर दिया गया. उन्होंने आगे बताया कि राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन को 2025 में क्विक कॉमर्स से जुड़ी 51 लाख शिकायतें मिलीं. इनमें से सभी का निपटारा कर दिया गया.
सबसे ज्यादा शिकायतें प्रॉडेक्ट्स की डिलीवरी न होने से जुड़ी हैं. साल 2025 में इससे जुड़ी कुल 79,818 शिकायतें दर्ज की गईं. ज्यादातर शिकायतें गलत उत्पादों की डिलीवरी, खराब सामान की डिलीवरी, पैसे रिफंड न करने, सेवाओं में कमी, नकली चीजों की बिक्री को लेकर की गई थीं.
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