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शेयर बाजार गिरे तो बंद न करें SIP, अमीर बनने का रास्ता यहीं से खुलेगा

जब से ईरान युद्ध शुरू हुआ है तब से लेकर अब तक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 7 परसेंट से ज्यादा लुढ़क गया है. शेयर बाजार में गिरावट बढ़ने से न सिर्फ शेयर बाजार में पैसा लगाने वाले लोग डरे हुए बल्कि कई निवेशक अपनी SIP भी बंद करने पर विचार कर रहे हैं.

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जब से ईरान युद्ध शुरू हुआ है तब से लेकर अब तक निफ्टी 7% से ज्यादा लुढ़क गया है. (फोटो क्रेडिट: India Today)

साल 2025 से भारतीय शेयर बाजार अस्थिरता से गुजर रहा है. इस साल तो बाजार की हालत और खराब हो गई है. ऊपर से ईरान युद्ध ने भी बाजार को तगड़ी चोट दे दी है. मिंट की एक रिपोर्ट बताती है कि जब से ईरान युद्ध शुरू हुआ है तब से अब तक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 7 परसेंट से ज्यादा लुढ़क गया है. शेयर बाजार में गिरावट बढ़ने से न सिर्फ पैसा लगाने वाले लोग डरे हुए हैं बल्कि SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) के जरिये म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले निवेशक भी परेशान नजर आ रहे हैं.

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एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया के आंकड़ों के मुताबिक फरवरी में SIP के जरिये म्यूचुअल फंड में होने वाला निवेश 4 परसेंट गिरकर 29 हजार 845 करोड़ रहा है. जनवरी 2026 में इसमें SIP के जरिये कुल निवेश करीब 31 हजार करोड़ रहा था. जाहिर तौर निवेश घटने से नए लोग SIP के जरिये निवेश से बच रहे होंगे या पुराने निवेशक अपनी SIP होल्ड या बंद करने की सोच रहे हैं. 

लेकिन जानकारों का कहना है कि फिलहाल ऐसा करने की गलती कतई न करें. उनका मानना है कि इस समय SIP में पैसा लगाने से काफी फायदा हो सकता है. कैसे, आइए समझते हैं.

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SIP आखिर है क्या?

जानकार मानते हैं कि म्यूचुअल फंड में निवेश करना लंबी अवधि में पैसे जोड़ने का शानदार तरीका है. SIP यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान में निवेशकों को म्यूचुअल फंड में अनुशासित तरीके से निवेश करने की सुविधा मिलती है. अपनी सुविधा मुताबिक निवेशक हर महीने, तीन महीने आदि की SIP के जरिये निवेश किया जा सकता है. 

एमिरेट्स इन्वेस्टमेंट बैंक में डायरेक्टर (वेल्थ मैनेजमेंट) डॉ. धर्मेश भाटिया लल्लनटॉप से बातचीत में कहते हैं कि जिन निवेशकों को शेयर बाजार से डर लगता है उनके लिए म्यूचुअल फंड निवेश बेहतर होता है. खासतौर से म्यूचुअल फंड की SIP कम जोखिम और कम लागत वाला तरीका है.

निवेश सलाहकार विनोद रावल का कहना है कि SIP में निवेश करने के कई फायदे हैं. लेकिन दो बड़े फायदे ये हैं कि इसमें अनुशासित निवेश की आदत पड़ती है. दूसरी बात ये कि SIP के जरिये म्यूचुअल फंड्स स्कीम्स में निवेश पर आमतौर पर फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) से ज्यादा रिटर्न मिलता है. आमतौर पर इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में औसत रिटर्न 10-12 परसेंट मिलता है. इसके अलावा कंपाउडिंग का भी फायदा है. कंपाउडिंग यानी चक्रवृद्धि ब्याज का मतलब होता है कि आपको सिर्फ अपने मूल निवेश पर ही नहीं, बल्कि उस पर मिले रिटर्न पर भी आगे रिटर्न मिलता है.

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SIP कैसे काम करता है?

SIP शुरू करने वाला व्यक्ति निवेश की जाने वाली रकम तय करता है. मान लीजिए आपने 1000 रुपये की SIP का विकल्प चुना तो इतनी रकम हर महीने आपके बैंक खाते से ऑटोमेटिक कट जाएगी. ये पैसा आपके द्वारा चुने म्यूचुअल फंड में निवेश हो जाएगा. एमिरेट्स इन्वेस्टमेंट बैंक में डायरेक्टर (वेल्थ मैनेजमेंट) डॉक्टर धर्मेश भाटिया कुछ उदाहरणों से इसे समझाते हैं, 

"मान लीजिए अगर कोई निवेशक हर महीने 5,000 रुपये की SIP करता है. शुरुआत में म्यूचुअल फंड का नेट एसेट वैल्यू (NAV) 100 है तो उसे 50 यूनिट मिलेंगी. लेकिन जब बाजार गिरने लगता है और मान लीजिए NAV 80 रुपये, फिर 60 रुपये तक आ जाती है तो उसी 5,000 रुपये में उसे ज्यादा यूनिट मिलने लगती हैं. यानी 80 रुपये पर 62.5 यूनिट और 60 रुपये पर 83.33 यूनिट मिलेंगी. इस तरह से गिरते बाजार में निवेशक को कम दाम पर ज्यादा यूनिट मिल जाती हैं. कुछ महीनों बाद जब NAV थोड़ा बढ़कर 70 रुपये होती है, तब भी उसे 71 यूनिट मिलती हैं.

इस तरह कुल मिलाकर निवेशक का औसत खरीद मूल्य (average cost) लगभग 75 के आसपास आता है. लेकिन असली फायदा तब दिखता है जब बाजार फिर से ऊपर जाता है. अगर NAV वापस 100 हो जाती है, तो निवेशक के पास जो ज्यादा यूनिट जमा हो चुकी हैं उनकी कुल वैल्यू काफी बढ़ जाती है. इस तरह से निवेशक को अच्छा मुनाफा मिलता है. यही SIP की ताकत है." 

वहीं चॉइस वेल्थ के सीईओ निकुंज सराफ ने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा कि शेयर बाजार में गिरावट के समय ही SIP निवेश सबसे अच्छा काम करता है. उन्होंने कहा, “जब बाजार गिरते हैं, तो निवेशक घबरा जाते हैं और निवेश करना बंद कर देते हैं. लेकिन SIP में निवेश ऐसे समय ही सबसे ज्यादा फायदा देता क्योंकि निवेशक कम दाम पर ज्यादा यूनिट खरीद पाते हैं.”

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लंबी अवधि में जोड़ सकते हैं मोटा पैसा 

हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष संजीत सिंह ने लल्लनटॉप से बातचीत में बताते हैं कि अगर आप लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाना चाहते हैं तो SIP में नियमित निवेश आपको काफी फायदा दे सकता है. उदाहरण के लिए अगर कोई व्यक्ति हर महीने 10,000 रुपये की SIP करता है और इसमें 30 साल तक निवेश जारी रखता है तो 12% औसत रिटर्न के साथ लगभग 3.5 करोड़ रुपये का फंड तैयार हो जाएगा. इस दौरान निवेशक को अपनी जेब से सिर्फ 36 लाख रुपये ही जमा करने होंगे.

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