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पेट्रोल फिर महंगा होगा? कच्चा तेल 100 डॉलर के पार, ऑयल कंपनियों को भारी नुकसान

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का भाव फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है. 9 सितंबर को बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 2.5% बढ़कर 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया है. अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड लगभग 2% बढ़कर 95 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है.

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भारत अपनी जरूरत का करीब 88% कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है (फोटो क्रेडिट: Aaj Tak)

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  • भारत की तेल कंपनियों को पेट्रोल बिक्री में लगभग 5 रुपये और डीजल बिक्री में करीब 23 रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है।
  • ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और युद्ध की बढ़ती संभावना के कारण कच्चे तेल का दाम 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया है।
  • तेल कंपनियों के नुकसान के कारण पेट्रोल और डीजल की कीमतें तीन महीनों से स्थिर बनी हुई हैं, जिससे आगे भी कीमतों में समायोजन संभव है।

भारत की तेल कंपनियों को पेट्रोल बेचने पर करीब 5 रुपये और डीजल की बिक्री पर करीब 23 रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है. इकोनॉमिक टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है.

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रिपोर्ट में बताया गया है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का भाव फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है. 9 सितंबर को बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 2.5% बढ़कर 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया है. अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड लगभग 2% बढ़कर 95 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है. ब्रेंट क्रूड का दाम इससे पहले 23 जुलाई 2026 को 100 डॉलर के पार पहुंच गया था.

रेटिंग एजेंसी इक्रा लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट प्रशांत वशिष्ठ ने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध फिर से भड़कने से कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है. वहीं, भारतीय क्रूड बास्केट लगभग 109 अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया. 8 सितंबर को भारतीय कच्चे तेल की औसत कीमत 108.91 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल थी. सितंबर में अब तक की औसत कीमत 102.11 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल है. अगस्त में यह 90.19 अमेरिकी डॉलर और जुलाई में 82.04 अमेरिकी डॉलर थी. 

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वहीं, पेट्रोल और डीजल की कीमतें तीन महीने से अधिक समय से स्थिर हैं. इसके चलते तेल कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और गैस की बिक्री पर नुकसान हो रहा है. 25 मई को पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए गए थे. इस दौरान पेट्रोल का दाम 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 2.71 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया था.

इसी साल फरवरी के आखिर में ईरान, इजरायल और अमेरिका का युद्ध शुरू होने के बाद से चार किस्तों में पेट्रोल की कीमतों में 7.35 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम में 7.53 रुपये प्रति की बढ़ोतरी की गई. भारत अपनी जरूरत का करीब 88% कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है. 

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