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गाड़ी का बीमा सस्ता होने वाला है, IRDAI ऐसे खत्म करेगा कमीशनबाजी

फिलहाल वाहन कंपनियों और डीलरों से जुड़े इंश्योरेंस ब्रोकर 50% तक कमीशन वसूल रहे हैं. बीमा नियामक चाहता है कि कार कंपनियां ऑनलाइन बीमा खरीदने का आसान तरीका ग्राहकों को मुहैया कराएं.

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अभी मोटर इंश्योरेंस में कार कंपनियों और डीलरों से जुड़े संस्थानों का कब्जा है (Courtesy: Aaj Tak)

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  • बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने नई गाड़ियां खरीदने वाले ग्राहकों के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए मोटर बीमा खरीदने के विकल्प को लागू करने का प्रस्ताव रखा है।
  • वित्त वर्ष 2022-2025 के बीच मोटर बीमा प्रीमियम में 34 प्रतिशत वृद्धि और डीलर कमीशन में 259 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होने के कारण IRDAI ने बीमा खरीद प्रक्रिया में सुधार के लिए ये बदलाव प्रस्तावित किए हैं।
  • IRDAI के प्रस्तावों के तहत ग्राहकों को डिजिटल माध्यम से बीमा खरीदने की सुविधा मिलेगी और डीलरों को इस विकल्प को प्रमुखता से दर्शाना होगा, जिससे बीमा लागत कम हो सकती है और विक्रेता कमीशन में कटौती हो सकती है।

आने वाले दिनों में गाड़ी का बीमा पहले से सस्ता हो सकता है. बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) बीमा खरीदने के तौर-तरीके में बदलाव लाने की तैयारी में है. IRDAI चाहता है कि नई गाड़ी खरीदने वाले लोगों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए इंश्योरेंस खरीदने का साफ विकल्प दिया जाए. साथ ही, मोटर डीलरों की तरफ से इंश्योरेंस पॉलिसी बेचने के तरीके और डीलर को मिलने वाले कमीशन में भी बदलाव की तैयारी की जा रही है.

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क्यों बदलाव चाहता है IRDAI?

मिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक डीलरों के जरिये किये जाने वाले मोटर बीमा कमीशन में भारी इजाफा हुआ है. इसके चलते बीमा नियामक ये बदलाव करना चाहता है. IRDAI के आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2022-2023 और वित्त वर्ष 2024-2025 के बीच मोटर बीमा प्रीमियम में करीब 34% का इजाफा हुआ है .

कमीशन में लगभग 259% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. IRDAI ने कहा कि वित्त वर्ष 2025 में मोटर बीमा में औसत कमीशन दर लगभग 24% थी. हालांकि, अलग-अलग मामलों में यह कमीशन 13% से लेकर 50% तक था.

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रिपोर्ट बताती है कि कार बनाने वाली कंपनियों और डीलरों से जुड़े इंश्योरेंस ब्रोकर (ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चर और मोटर इंश्योरेंस प्रोवाइडर) का गाड़ियों का बीमा कराने में दबदबा है. करीब 30% मोटर इंश्योरेंस खुद कार कंपनियां और डीलरों से जुड़े संस्थान करते हैं. ये औसतन 24% कमीशन लेते हैं. कुछ मामलों में कमीशन 31% तक चला जाता है. IRDAI के मुताबिक वित्त वर्ष 2025 में इन बीमा वितरकों ने प्रीमियम के रूप में लगभग 29,000 करोड़ रुपये अर्जित किए और कमीशन के रूप में करीब 7,050 करोड़ रुपये कमाए.

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कार खरीदारी को डिजिटल बीमा चुनने का विकल्प मिल सकता है

रिपोर्ट में कहा गया है कि बीमा नियामक का एक प्रमुख प्रस्ताव ग्राहक मोटर बीमा कहां से खरीद सकते हैं इसको लेकर है. IRDAI ने प्रस्ताव दिया है कि नए और पुराने दोनों वाहनों के लिए मोटर बीमा उत्पाद 'बीमा सुगम' जैसे प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होने चाहिए.

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डीलरों को नए वाहन खरीदने वालों को इस तरह के प्लेटफॉर्म के जरिये मोटर बीमा खरीदने का विकल्प प्रमुखता से दिखाना होगा. इसमें एक क्यूआर कोड भी शामिल होगा. इसके माध्यम से ग्राहक प्लेटफॉर्म तक पहुंच सकते हैं. उन्हें नए वाहन खरीदने वाले ग्राहकों को इस विकल्प के बारे में भी जागरूक करना होगा.

बीमा नियामक ने थर्ड पाटी इंश्योरेंस और नए वाहनों के मोटर बीमा के लिए काफी कम कमीशन का प्रस्ताव दिया है.

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