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BJP-NDA शासित राज्य पेट्रोल-डीजल पर VAT 'कुर्बान' करेंगे? जानें वसूलते कितना हैं

BJP-ruled states VAT cut: भारतीय जनता पार्टी (BJP) शासित राज्य ट्रांसपोर्ट फ्यूल पर लगने वाला टैक्स यानी वैल्यू-एडेड टैक्स (VAT) कम कर सकते हैं. केंद्र सरकार ने पिछले महीने ही डीजल पर एक्साइज ड्यूटी भी 10 रुपये प्रति लीटर से घटाकर जीरो कर दी थी. और पेट्रोल पर इसे 3 रुपये किया था.

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डीजल महंगा होने से कई चीजों पर असर पड़ता है. (फोटो-इंडिया टुडे)

भारतीय जनता पार्टी (BJP) शासित राज्य ट्रांसपोर्ट फ्यूल पर लगने वाला टैक्स यानी वैल्यू-एडेड टैक्स (VAT) कम कर सकते हैं. खासकर डीजल पर टैक्स कम करने की बात हो रही है. केंद्र सरकार ने पिछले महीने ही डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये प्रति लीटर घटाकर जीरो कर दी थी और पेट्रोल पर इसे 3 रुपये किया था.

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मामले से जुड़े चार अधिकारियों ने नाम ना छापने की शर्त पर मिंट को बताया कि ईरान जंग पर बने सेक्रेटरीज के एक विशेष ग्रुप ने महंगे कच्चे तेल से पड़ने वाले असर को कम करने के लिए VAT में कटौती करने पर चर्चा की है. ऐसे में केंद्र सरकार जल्द ही राज्यों से VAT टैक्स को कम करने के लिए कह सकती है. कहा गया कि बीजेपी शासित राज्यों से उम्मीद होगी कि वे वैट में कटौती करेंगे.

अधिकारियों ने बताया,

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"BJP के नेतृत्व वाली राज्य सरकारें ट्रांसपोर्ट फ्यूल पर VAT कम कर सकती हैं. डीजल पर टैक्स में कटौती पर खास तौर पर विचार किया जा रहा है, क्योंकि इसका असर सभी क्षेत्रों पर पड़ता है."

महंगे डीजल का असर परिवहन, कृषि और उद्योग आदि पर पड़ता है. और इसके महंगे होने से अन्य चीजें भी महंगी हो सकती हैं. मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल में थोक मूल्य मुद्रास्फीति 42 महीनों के सबसे ऊंचे स्तर 8.3% पर पहुंच गई, जबकि खुदरा मुद्रास्फीति 13 महीनों के सबसे ऊंचे स्तर 3.48% को टच कर गई. क्योंकि डीजल 9.47 करोड़ टन के एनुअल कंजप्शन के साथ भारत में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला पेट्रोलियम प्रोडक्ट है.

VAT से करोड़ों की कमाई

आमतौर पर VAT में कटौती राज्यों के वित्त के लिए बुरी खबर होती है. एमकी ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विस की एक मुख्य अर्थशास्त्री ने मिंट को बताया, 

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"इससे राज्य सरकार के 'अपने टैक्स राजस्व' पर हल्का असर पड़ेगा. क्योंकि राज्य पहले से ही वेतन, पेंशन, ब्याज भुगतान और कल्याणकारी योजनाओं पर ज्यादा खर्च के बीच राजस्व जुटाने के लिए मेहनत कर रहे हैं. हालांकि, पेट्रोल और डीजल पर VAT में कोई भी सोची-समझी कटौती कंज्यूमर्स को राहत दे सकती है. और महंगाई के दबाव को रोकने में मदद कर सकती है."

FY25 में, राज्यों ने पेट्रोलियम प्रोडक्ट पर टैक्स लगाकर कुल 3.08 ट्रिलियन रुपये जुटाए थे. पेट्रोलियम प्लानिंग और एनालाइसिस सेल के आंकड़ों ने राज्यों का वेट कलेक्शन बताया. 

महाराष्ट्र- 36,992.2 करोड़ रुपये के VAT कलेक्शन के साथ सबसे ऊपर रहा. 

उत्तर प्रदेश- 31,214.1 करोड़ रुपये.

तमिलनाडु- 24,861.3 करोड़ रुपये. 

BJP और NDA शासित राज्य डीजल पर कितना VAT लगाते हैं?
राज्यVAT 
दिल्ली16.75%
उत्तर प्रदेश17.08%
महाराष्ट्र21%
गुजरात14.9%
बिहार16.37
असम 22.19% 
ओडिशा 24%
सबसे ज्यादा VAT वसूलने वाले राज्य
राज्य VAT 
तेलंगाना 27%
ओडिशा 24%
छत्तीसगढ़ 23%
केरल 22.76%
आंध्र प्रदेश22.25%
 सबसे कम VAT वसूलने वाले राज्य कौन से हैं? 
राज्य/ प्रदेशVAT 
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह1%
लद्दाख 6% MST
अरुणाचल प्रदेश7%
मिजोरम 10%
तमिलनाडु 11%

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह सबसे कम VAT या सेल्स टैक्स लगाने वाला केंद्र शासित प्रदेश है. लद्दाख समेत कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में VAT की बजाय MST लगाया जाता है. ये 'मोटर स्पिरिट और डीजल ऑयल (बिक्री पर टैक्स) एक्ट' के रूप में वसूले जाना वाला टैक्स है. 

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