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खाते में पैसा, जेब में ब्याज और नुकसान कुछ नहीं, ये हैं निवेश के 5 सुरक्षित तरीके

इन निवेश के जरिये आप चाहें तो बच्चे की शिक्षा, शादी-विवाह या रिटायरमेंट के लिए मोटा फंड जुटा सकते हैं. आइए जानते हैं कि ये 5 निवेश साधन कौन से हैं.

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इन निवेश के जरिये आप चाहें तो आप अपने बच्चे की शिक्षा, शादी-विवाह या रिटायरमेंट के लिए मोटा फंड जुटा सकते हैं. (फोटो क्रेडिट: PTI)

अगर आप लंबी अवधि के निवेश के जरिये भविष्य में बड़ा फंड तैयार करना चाहते हैं तो ऐसे कई विकल्प मौजूद हैं. इन निवेश माध्यमों में पैसा लगाकर आप सुरक्षित और तय रिटर्न पा सकते हैं. लंबी अवधि के निवेश आमतौर पर 5 या 10 साल से ज्यादा समय के लिए होता है. 

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इन निवेश के जरिये आप चाहें तो बच्चे की शिक्षा, शादी-विवाह या रिटायरमेंट के लिए मोटा फंड जुटा सकते हैं. आइए जानते हैं कि ये 5 निवेश साधन कौन से हैं.

PPF अकाउंट

PPF यानी पब्लिक प्रॉविडेंट फंड एक स्मॉल सेविंग्स स्कीम है. यह निवेश साधन सरकार समर्थित है. पीपीएफ में कम से कम 500 रुपये जमा करके खाता खोल सकते हैं. जो लोग बिना जोखिम के लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं उनके लिए यह स्कीम काफी बेहतर है. आप किसी भी सरकारी बैंक में पीपीएफ खाता खोलकर निवेश शुरू कर सकते हैं. आजकल कई निजी बैंक भी पीपीएफ खाता खोलने की सुविधा देते हैं.

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इसके अलावा पोस्ट ऑफिस में भी खाता खोला जा सकता है. कोई भी व्यक्ति पीपीएफ खाता खोल सकता है. बच्चों के नाम पर अभिभावक पीपीएफ खाता खोल सकते हैं. हालांकि जब तक नाबालिग 18 साल का नहीं हो जाता, तब तक खाते की देखभाल अभिभावक के हाथ में रहती है. इस सेविंग स्कीम्स की सबसे खास बात ये है कि इसमें सरकार की तरफ से तयशुदा रिटर्न मिलता है. सरकार ने PPF पर फिलहाल 7.1% सालाना का ब्याज तय कर रखा है. लेकिन एक वित्त वर्ष में अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक निवेश किया जा सकता है. इस स्कीम का लॉक इन पीरियड 15 साल है. इस स्कीम में मैच्योरिटी पीरियड (15 साल) के बाद 5-5 साल के ब्लॉक में बढ़ाया जा सकता है.

लल्लनटॉप से बातचीत में टैक्स एक्सपर्ट विपिन जैन कहते हैं कि PPF में जमा की गई धनराशि पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है. साथ ही मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरी रकम मूलधन और ब्याज दोनों पर किसी तरह का टैक्स नहीं लगता है. PPF में मिलने वाले टैक्स-फ्री ब्याज और कंपाउंडिंग की ताकत इस स्कीम को और खास बनाती है. इसलिए जो लोग बिना टेंशन के लंबी अवधि में मोटा रिटायरमेंट कॉर्पस तैयार करने की सोच रहे हैं उनके लिए यह स्कीम काफी अच्छी है.

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फिक्स्ड डिपॉजिट  

फिक्स्ड डिपॉजिट सबसे सुरक्षित निवेश विकल्पों में से एक माना जाता है. इसकी वजह ये है कि एफडी में पहले से तय रिटर्न मिलता है. एफडी छोटी अवधि और लंबी अवधि दोनों तरह के निवेश के लिए मुफीद साधन है. आमतौर पर एफडी में आप 7 दिन से 10 साल तक के लिए निवेश कर सकते हैं. सभी सरकारी और निजी बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट किया जा सकता है. 

बैकिंग एक्सपर्ट अश्विनी कुमार राणा ने बताया कि इन दिनों बैंक एफडी पर 7-7.5% तक का रिटर्न मिल रहा है. कई बैंक सीनियर सिटीजंस के लिए करीब आधा पर्सेंट अतिरिक्त ब्याज की पेशकश करते हैं. हालांकि एफडी पर ब्याज RBI की मौद्रिक नीति के फैसलों के हिसाब से घटता बढ़ता रहता है. वहीं, स्मॉल फाइनेंस बैंक, जैसे कि एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक और उज्जीवन वगैरा और नॉन बैकिंग फाइनेंशियल इंस्टीट्यूट्स (NBFC) एफडी पर ज्यादा ब्याज दर दे रहे हैं.

सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम

सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS) रिटायर्ड लोगों के लिए शुरू की गई बचत स्कीम है. इस स्कीम की खास बात ये है कि इस पर भी एफडी की तरह तय रिटर्न मिलता है. फिलहाल इसमें निवेश पर 8.2% का ब्याज मिल रहा है. यह ब्याज सरकार तय करती है. हर तीन महीने में सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम के ब्याज में संशोधन किया जाता है. 

इस स्कीम में निवेश करने पर एफडी से ज्यादा ब्याज मिलता है, जो लोग रिटायरमेंटमेंट के बाद जीवन यापन के लिए नियमित आय चाहते हैं उनके के लिए यह स्कीम बढ़िया है. इस स्कीम में हर तीन महीने में ब्याज मिलता है. यह स्कीम डाकघरों और ज्यादातर बैंकों में उपलब्ध है. इसका मैच्योरिटी पीरियड 5 साल है. इसके बाद अतिरिक्त 3 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है. 

इस खाते में पैसा सिर्फ एक बार जमा किया जा सकता है. रकम 1,000 रुपये के गुणांक में होगी. साथ ही ज्यादा से ज्यादा 30 लाख रुपये तक जमा कर सकते हैं. गुणांक का मतलब है कि रकम 1,000, 2,000, 3,000, 4,000… ऐसे 1,000 के हिसाब से बढ़ती हुई होनी चाहिए.  

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नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट 

यह स्मॉल सेविंग स्कीम है. हिंदी में इसे राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र कहते हैं. संक्षेप में NSC कहा जाता है. इसमें 5 साल के लिए निवेश कर सकते हैं. जो लोग सुरक्षित और फिक्स रिटर्न चाहते हैं उनके लिए यह स्कीम काफी काम की है. इकोनॉमिक टाइम्स की एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक NSC पर फिलहाल 7.7% ब्याज मिल रहा है. यह दर प्रमुख बैंकों की तरफ से दी जाने वाली 5 साल की एफडी की ब्याज दरों से भी ज्यादा है. 

सरकार हर तिमाही में कई स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों के साथ-साथ NSC की ब्याज दरों की भी समीक्षा करती है. टैक्स एक्सपर्ट विनोद ने लल्लनटॉप से कहा कि NSC में निवेश पर ओल्ड टैक्स रिजीम में एक वित्तीय वर्ष में 1.50 लाख रुपये तक की टैक्स छूट मिलती है.

पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम

पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) में आप एकमुश्त राशि निवेश करते हैं. इस स्कीम में हर महीने एक निश्चित ब्याज मिलता है. इस स्कीम में फिलहाल 7.40% ब्याज मिल रहा है. यह सुरक्षित बचत निवेश विकल्प उन लोगों के लिए है जो ज्यादा जोखिम नहीं लेना चाहते हैं. इस स्कीम में अपने नजदीकी किसी भी भारतीय डाकघर से इसमें निवेश कर सकते हैं. आप व्यक्तिगत रूप से 9 लाख रुपये तक और ज्वाइंट अकाउंट में 15 लाख रुपये तक निवेश कर सकते हैं. इस स्कीम में निवेश की अवधि 5 साल है.

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