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स्मार्टफोन के निगेटिव रिव्यू से भड़की कंपनी, सैकड़ों लोगों को नोटिस भेज दिए

Motorola Legal Notice: टेक वर्ल्ड में लीगल नोटिस कोई नई बात नहीं मगर एक साथ 300 से ज्यादा लोगों को नोटिस जाना पहली बार हुआ है. हमने नोटिस मिलने वालों और नोटिस भेजने वालों से बात की और पूरा मामला समझने की कोशिश की.

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Motorola ने 300 से ज्यादा लीगल नोटिस भेजे हैं. (तस्वीर- Unsplash.com)

एक तरफ है स्मार्टफोन कंपनी Motorola और दूसरी तरफ है 300 से ज्यादा छोटे, मझोले टेक एक्सपर्ट. टेक एक्सपर्ट जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर सक्रिय हैं. इन सभी को मोटोरोला ने उसके स्मार्टफोन का निगेटिव रीव्यू करने के लिए लीगल नोटिस भेजा है. नोटिस गए एक-दो दिन हो चुके हैं, मगर अब ये सोशल मीडिया पर 'ब्लास्ट' हो रहा है. टेक वर्ल्ड में लीगल नोटिस कोई नई बात नहीं, मगर एक साथ 300 से ज्यादा लोगों को नोटिस जाना पहली बार हुआ है. हमने नोटिस मिलने वालों और नोटिस भेजने वालों से बात की और पूरा मामला समझने की कोशिश की.  

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किसको मिला है नोटिस?

दो दिन से मोटोरोला का नाम लिए बगैर इस नोटिस की बात हो रही थी. किसको मिला और किसको नहीं. इसका पता नहीं चल रहा था. हमने जब कुछ टेक एक्सपर्ट से बात की तो उन्होंने नाम ना लिखने की शर्त पर एक पीडीएफ़ फाइल शेयर की जिसमें सभी के नाम हैं. लिस्ट में अभिषेक यादव जैसे लोकप्रिय एक्स अकाउंट का नाम है तो Gupta Information Systems जैसे यूट्यूब चैनल का भी नाम है. फोटोग्राफर कुणाल मल्होत्रा का नाम भी है. 

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Motorola Legal Notice
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जैसा हमने कहा, लिस्ट में किसी मीडिया हाउस या बड़े टेक एक्सपर्ट का नाम नहीं है, सिवाय Trakin Tech Marathi के. Trakin Tech Marathi, Trakin Tech का चैनल है जिसके हिन्दी में 1.5 करोड़ और मराठी में 15 लाख सब्सक्राइबर हैं. 

Motorola Legal Notice
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मजे की बात ये है कि लिस्ट में कई ऐसे नाम भी हैं जिनकी पोस्ट या वीडियो को शून्य व्यू मिले हैं. उनको भी नोटिस भेजा गया है. नोटिस में उनके वीडियो के टाइटल और उसके ऊपर मिले व्यू का जिक्र है.

Motorola Legal Notice
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क्या है नोटिस में?

ज्यादातर टाइटल Don't buy Motorola, Motorola phone exploded, Motorola Service Center Experience, Motorola Mobile kabhi lena Bhai वाले हैं. इन सारे वीडियो में मोटोरोला के स्मार्टफोन फटने और उनकी खराब सर्विस का जिक्र है. कुछ वीडियो में सॉफ्टवेयर अपडेट के बाद डिस्प्ले पर ग्रीन लाइन आने के बारे में बताया गया है. वहीं कुछ वीडियो में डिवाइस में नेटवर्क प्रॉब्लम का भी जिक्र है.

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कभी अमेरिकन कंपनी रही और अब चीनी Lenovo के मालिकाना हक वाली मोटोरोला ने नोटिस में ज्यादातर लोगों से अपनी वीडियो या पोस्ट को डिलीट करने के लिए कहा है. कुछ अकाउंट ने पोस्ट डिलीट भी कर दिए हैं. बात करने पर पता चला कि 18 अकाउंट पर कंपनी ने मानहानि का केस किया है. एक अकाउंट से एक्स पर पोस्ट करके मोटोरोला के इस कदम की जानकारी दी गई है. कुणाल मल्होत्रा ने भी एक्स पर पोस्ट करके इसकी जानकारी दी है. 

कुणाल मल्होत्रा एक्स पोस्ट
कुणाल मल्होत्रा एक्स पोस्ट

Gupta Information Systems के रामगुप्त सौरभ के पोस्ट के बाद पूरा टेक समाज उनके समर्थन में पोस्ट कर रहा है. मुमकिन है इसके बाद दूसरे अकाउंट भी नोटिस के बारे में बताना स्टार्ट करें. वैसे अगर बात निगेटिव रीव्यू की है तो और भी कई अकाउंट हैं जिन्होंने मोटोरोला के फोन फटने और उसकी खराब सर्विस के बारे में बताया है. मगर वो लिस्ट से बाहर हैं. टेक समाज का कहना है कि रीव्यू निगेटिव नहीं बल्कि सच्चाई बता रहे हैं. कंपनी को इसे फीडबैक के तौर पर लेना चाहिए और अपने प्रोडक्ट में सुधार करना चाहिए.

Gupta Information Systems
Gupta Information Systems  

कुछ अकाउंट ने दूसरी स्मार्टफोन कंपनियों का जिक्र भी किया है जिनके बारे में निगेटिव रीव्यू दिए गए, जैसे Nothing, Xiaomi, Samsung या iPhone. मगर उन्होंने तो बुरा नहीं माना. इन कंपनियों के साथ अपना अनुभव भी ऐसा ही है. स्मार्टफोन अगर बेकार है तो बेकार ही कहा, मगर कोई दिक्कत नहीं हुई. फीडबैक को पॉजिटिव लेने के लिए Vivo का नाम जरूर लिया जा सकता है. कंपनी का यूजर इंटरफ़ेस घटिया था. उन्होंने बात सुनी और नया OS इंडिया में लेकर आए. गूगल का नाम भी लेते हैं क्योंकि वो कभी भी रीव्यू पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देता है.  

ऐसा नहीं है कि प्रोडक्ट हमेशा खराब ही होते हैं. कई बार व्यू लाने के लिए जानबूझकर स्टोरी और थंब बनाए जाते हैं. लेकिन सॉफ्टवेयर अपडेट में देरी और उसके बाद ग्रीन लाइन आना या मदरबोर्ड उड़ जाना भी मोटोरोला की सच्चाई है. इसमें हर कंपनी का नाम है. OnePlus तो इसी वजह से खत्म होने के कगार पर आ गई है. जो भी हो, अगर आपके प्रोडक्ट में दम है तो फिर क्या दिक्कत. रीव्यू से प्रोडक्ट नहीं बिकता.

AI के जमाने में स्मार्टफोन का कच्चा-चिट्ठा खुलने में टाइम नहीं लगता है. आप लॉन्च इवेंट में कुछ भी बोलो. सच्चाई बाहर आ जाती है. ऐसे में मोटोरोला का ये दाव कहीं उल्टा ना पड़ जाए. ज्यादा ही दिक्कत है तो रीव्यू यूनिट भेजना बंद कर दो. इस पूरे मामले पर हमने मोटोरोला का पक्ष जानने की कोशिश की है. उन्होंने जवाब देने के लिए टाइम मांगा है.  

जवाब के इंतजार में…

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