The Lallantop

ईरान ने इकोनॉमी बचाने का तगड़ा जुगाड़ निकाल लिया, US-इजरायल माथा पीट लेंगे

ईरान काफी समय से क्रिप्टो का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय व्यापार करने में, हथियार और जरूरी सामान खरीदने में कर रहा है. आम लोग भी क्रिप्टो में लेनदेन बढ़ा रहे हैं क्योंकि ईरान की करेंसी काफी कमजोर हो रही है. इसके अलावा विदेश में काम करने वाले लोग भी पैसे भेजने के लिए क्रिप्टो का सहारा ले रहे हैं.

Advertisement
post-main-image
ईरान में क्रिप्टो का चलन काफी बढ़ चुका है. (फोटो क्रेडिट: India Today)

युद्ध की मार और कई तरह के प्रतिबंधों से जूझ रहे ईरान ने कमाई का नया रास्ता खोज लिया है. उसने एक नया नियम बनाया है. अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले तेल टैंकरों को हर बैरल पर 1 डॉलर का शुल्क (टोल) देना होगा. खास बात ये है कि यह पैसा क्रिप्टोकरेंसी में भुगतान किया जाएगा.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

ईरान की इकोनॉमी में क्रिप्टो करेंसी का बड़ा योगदान है. उस पर लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध (sanctions) हैं, जिससे डॉलर में व्यापार मुश्किल हो गया है. ईरान का ग्लोबल बैंकिंग सिस्टम (SWIFT) से कनेक्शन कमजोर हुआ है. इस वजह से ईरान अपना व्यापार क्रिप्टो में कर रहा है. इस वजह से ईरान का क्रिप्टो मार्केट तेजी से बढ़कर करीब 7.8 अरब डॉलर (करीब 72 हजार 300 करोड़) तक पहुंच गया है. 

ईरान काफी समय से क्रिप्टो का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय व्यापार करने में, हथियार और जरूरी सामान खरीदने में कर रहा है. आम लोग भी क्रिप्टो में लेनदेन बढ़ा रहे हैं क्योंकि ईरान की करेंसी काफी कमजोर हो रही है. इसके अलावा विदेश में काम करने वाले लोग भी पैसे भेजने के लिए क्रिप्टो का सहारा ले रहे हैं.

Advertisement

ये भी पढ़ें: ईरान युद्ध टलने से शेयर मार्केट में बहार, लेकिन पैसे लगाना सेफ है या नहीं?

ईरान के तेल, गैस और पेट्रोकेमिकल उत्पाद निर्यातकों के संघ के प्रवक्ता हामिद हुसैनी ने वॉल स्ट्रीट जर्नल को बताया कि उनके देश ने महत्वपूर्ण शिपिंग लेन से गुजरने वाले टैंकरों से प्रति बैरल तेल पर 1 डॉलर का शुल्क वसूलना शुरू कर दिया है. वह ये पैसा क्रिप्टोकरेंसी में हासिल करना चाहता है. ईरान क्रिप्टो में यह भुगतान इसलिए ले रहा है ताकि प्रतिबंधों के कारण उन्हें ट्रैक या जब्त न किया जा सके. रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में ईरान की हालत कुछ-कुछ वेनेजुएला जैसी है. वेनेजुएला में भी क्रिप्टो में पेमेंट बढ़ा है. 

वहीं, क्रिप्टो विश्लेषकों का कहना है कि तेल टैंकरों पर डिजिटल मुद्रा टोल कैसे लागू होगा, यह अभी साफ नहीं है. उनका कहना है कि शिपिंग कंपनियों के लिए तय समय सीमा के भीतर बड़ी मात्रा में टोकन हासिल करना और फिर उन्हें ट्रांसफर करना आसान नहीं होगा. 

Advertisement

वीडियो: होर्मुज सीजफायर के बाद भी जहाज़ क्यों फंसे? ईरान ने बताया अपना नया 'मैनेजमेंट प्लान'

Advertisement