क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) ने छोटी सी उम्र में नाम के साथ करोड़ों रुपये कमा लिए हैं. बताया जा रहा है कि वैभव सूर्यवंशी अब तक 7 करोड़ रुपये कमा चुके हैं. इसमें IPL से होने वाली कमाई, लीग कॉन्ट्रैक्ट और ब्रांड एंडोर्समेंट डील शामिल हैं. महज 15 साल के इस नाबालिग लड़के ने अपने खेल के दम पर खूब सारा नाम और ‘दाम’ कमाकर बड़ों-बड़ों को हैरान में डाल दिया है. इसी हैरत से ये सवाल उठ रहा है कि इतनी कम उम्र में मोटी कमाई करने पर इनकम टैक्स लागू होता है या नहीं, अगर हां तो कैसे.
नाबालिग वैभव सूर्यवंशी को करोड़ों की कमाई पर टैक्स देना पड़ेगा या नहीं?
भारत में इनकम टैक्स कानूनों के तहत नाबालिगों पर टैक्स लगाने का तरीका वयस्कों से अलग है. ज्यादातर मामलों में नाबालिगों की कमाई पर अलग से टैक्स नहीं लगता है. इस कमाई को माता या पिता की इनकम के साथ जोड़ दिया जाता है, जिसकी भी टैक्सेबल इनकम ज्यादा होती है. हालांकि, कुछ अपवाद भी हैं.


मिंट की एक खबर में बताया गया है कि भारत में इनकम टैक्स कानूनों के तहत नाबालिगों पर टैक्स लगाने का तरीका वयस्कों से अलग है. ज्यादातर मामलों में नाबालिगों की कमाई पर अलग से टैक्स नहीं लगता है. इस कमाई को माता-पिता की इनकम के साथ जोड़ दिया जाता है जिसकी टैक्सेबल इनकम ज्यादा होती है. हालांकि, कुछ अपवाद भी हैं.
ये भी पढ़ें: डॉलर के आगे रुपया 100 हो जाए तो भी 'चिंता नहीं', एक्सपर्ट ने असली संकट बताया
रिपोर्ट के मुताबिक इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 64(1ए) के तहत किसी नाबालिग को मिलने वाली राशि या भुगतान की जाने वाली कोई भी इनकम आमतौर पर उसके माता-पिता की आय में जोड़ दी जाती है. आयकर पोर्टल के मुताबिक इस कमाई को माता-पिता की कमाई मानते हुए उनसे टैक्स लिया जाता है.
अब समझते हैं कि नाबालिग आमतौर पर किन तरीकों से कमाई करते हैं. पहला है बैंक खाते में सेविंग या एफडी. दूसरा, माता-पिता की तरफ से उसके नाम पर किए गए निवेश. कई माता-पिता अपने बच्चों के नाम बैंक में सेविंग अकाउंट या एफडी (फिक्सड डिपॉजिट्स) कर देते हैं. अगर किसी नाबालिग की इनकम एक फाइनेंशियल ईयर में 1,500 रुपये से कम है तो इस पर टैक्स नहीं लगता है. ऐसे मामलों में माता-पिता/अभिभावक प्रत्येक नाबालिग बच्चे के लिए 1,500 रुपये की छूट का दावा कर सकते हैं.
इनकी इनकम आयकर अधिनियम की धारा 10 (32) के तहत शामिल की जाती है. हालांकि, अगर नाबालिग की इनकम 1,500 से ज्यादा है, तो केवल उतनी ही राशि को छूट के रूप में क्लेम किया जा सकता है. बाकी पैसों पर माता-पिता से टैक्स लिया जाता है.
ये भी पढ़ें: भारत में बंद हो जाएंगे कागज के नोट? RBI कुछ बड़ा करने वाला है
नाबालिगों पर टैक्स कब लगता है?- यदि माता और पिता दोनों कमा रहे हैं, तो नाबालिग की कमाई उस माता या पिता की आय में जोड़ दी जाती है जिसकी सालाना कमाई ज्यादा होती है.
- अगर माता-पिता का तलाक हो जाता है, तो नाबालिग की इनकम उस माता या पिता की आय में जोड़ दी जाती है जो बच्चों को संभाल रहे होते हैं.
- यदि माता-पिता दोनों जीवित नहीं हैं, तो नाबालिग की कमाई को अभिभावक की आय के साथ नहीं जोड़ा जाता है, बल्कि एक अलग आयकर रिटर्न दाखिल किया जाता है.
- आय को आपस में जोड़ने के प्रावधानों का एक जरूरी अपवाद आयकर अधिनियम की धारा 80U के तहत विकलांग नाबालिगों पर लागू होता है. ऐसे मामलों में बच्चे की आय को माता-पिता की आय के साथ नहीं जोड़ा जाता है.
- किसी व्यक्ति को तब विकलांग माना जाता है जब उसमें किसी भी प्रकार की शारीरिक अक्षमता 40% से ज्यादा हो. मसलन अंधापन, कमजोर नजर, सुनाई न देना, चलने-फिरने में दिक्कत या कोई मानसिक बीमारी.
ये भी पढ़ें: मिडिल क्लास की ऐसी नौबत कैसे आ गई? सोना गिरवी रखकर 19 लाख करोड़ का कर्ज लिया
नाबालिग को अलग से रिटर्न दाखिल करने की जरूरत कब होती है?अगर किसी नाबालिग ने अपनी प्रतिभा, विशेष ज्ञान (जैसे कॉन्टेंट क्रिएशन), एक्टिंग, क्रिकेट, शतरंज, गायन या ब्रांड एंडोर्समेंट वगैरा से पैसा कमाया हो, तो इस तरह की कमाई पर इनकम टैक्स एक्ट के मुताबिक खुद नाबालिग को टैक्स चुकाना पड़ता है. इसे उनके माता-पिता की कमाई के साथ नहीं जोड़ा जाता.
नाबालिग कौन सा इनकम टैक्स फॉर्म चुनें और कैसे रिपोर्ट करें?इनकम टैक्स एक्सपर्ट प्रणव साई एस मिंट से बातचीत में कहते हैं कि नाबालिग की कमाई पर सामान्य टैक्स स्लैब रेट्स के हिसाब से कर लगता है. इस कमाई को आमतौर पर “बिजनेस या पेशे से होने वाले फायदे और कमाई” (BGBP) के तहत रिपोर्ट किया जाता है. इसमें प्रोफेशनल सर्विसेज, स्पॉन्सरशिप, एंडोर्समेंट, कॉन्टेंट क्रिएशन और टूर्नामेंट से हुई कमाई को शामिल किया जाता है. जिन मामलों में नाबालिग कोई पेशा या बिजनेस करता है, वहां आमतौर पर आईटीआर-3 लागू होता है.
टैक्स एक्सपर्ट ने बताया, “यह रिटर्न नाबालिग के नाम पर माता-पिता या कानूनी अभिभावक के जरिये फाइल किया जाता है. ये माता-पिता या अभिभावक बतौर प्रतिनिधि करदाता कार्य करते हैं. वैभव सूर्यवंशी की कमाई उनकी व्यक्तिगत प्रतिभा और क्रिकेटर के रूप में उनके कौशल से प्राप्त होती है, इसलिए उनकी आय पर टैक्स लगाने का नियम लागू नहीं होता और वे स्वयं इस पर टैक्स दे सकते हैं.”
यही नियम दूसरे नाबालिगों पर भी लागू होता है जो अपनी क्षमता के बल पर पैसा कमाते हैं. उदाहरण के लिए बाल कलाकार, रियलिटी शो के प्रतिभागी, गायक, कॉन्टेंट क्रिएटर या मास्टरशेफ जैसे टेलीविजन शो में हिस्सा लेने वाले नाबालिग वगैरा.
वीडियो: Delhi Malviya Nagar Fire: हादसे के बाद सड़कों पर घूमता हुआ आरोपी लवकेश बजाज कौन है?



















