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एक दिन में निवेशकों के 5 लाख करोड़ गए, शेयर बाजार को किसने डुबाया?

इस भारी गिरावट के कारण शेयर मार्केट निवेशकों के 5 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) करीब 5 लाख करोड़ रुपये घटकर 466 लाख करोड़ रुपये रह गया.

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सेंसेक्स करीब 1100 अंक गिरा है (फोटो क्रेडिट: Business Today)

भारत के शेयर बाजारों में 29 मई की दोपहर भारी गिरावट देखने को मिली. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में 1.5% तक की गिरावट दर्ज की गई. आज सेंसेक्स करीब 1,092 अंक फिसलकर 74,776 के आसपास बंद हुआ. 50 शेयरों वाला निफ्टी करीब 360 अंक गिरकर 23,548 अंक पर बंद हुआ. इस दौरान शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव को मापने वाला इंडिया विक्स (India VIX) लगभग 9% बढ़कर 16.35 हो गया.

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5 लाख करोड़ रुपये स्वाहा!

इस भारी गिरावट के कारण शेयर मार्केट निवेशकों के 5 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए. इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) करीब 5 लाख करोड़ रुपये घटकर 466 लाख करोड़ रुपये रह गया. 

मार्केट कैप शेयर बाजार में लिस्टेड सभी कंपनियों के शेयरों की कुल वैल्यू को कहते हैं. हालांकि बाजार में नुकसान या फायदा नोशनल होता है. इसका मतलब ये है कि अगर बाजार चढ़ा तो नुकसान की भरपाई हो जाती है और गिरा तो नुकसान उठाना पड़ सकता है. बशर्ते आपने इस दौरान अपने शेयर न बेचे हों.

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कौन से शेयर सबसे ज्यादा लुढ़के?

शुक्रवार को कारोबार के दौरान सेंसेक्स की 30 कंपनियों में शामिल पावर ग्रिड का शेयर 4% से ज्यादा गिर गया. इसके साथ ही यह आज की गिरावट में सबसे ज्यादा नुकसान झेलने वाले शेयरों में से एक बन गया. इंडिगो के शेयर भी इसी राह पर चलते हुए अपनी चौथी तिमाही के नतीजों से पहले 3% से अधिक गिर गए. 

इसके अलावा बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा स्टील, सन फार्मा और एनटीपीसी के शेयरों में 2% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई. वहीं, टेक महिंद्रा और एचसीएलटेक के शेयरों में लगभग 2% की तेजी आई.

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क्यों औंधे मुंह गिरा बाजार?

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 मई को अनुमान जताया है कि इस साल देश में बारिश सामान्य से कम होगी. यह पिछले 11 साल में सबसे कम रह सकती है. जानकारों का कहना है कि कम बारिश से महंगाई बढ़ सकती है. इसका असर कई सेक्टरों पर पड़ सकता है. 

घरेलू शेयर बाजार गिरने का एक और बड़ा कारण विदेशी निवेशकों का पैसा निकालना भी रहा. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी निवेशकों ने आज 1,043 करोड़ रुपये की कीमत के शेयर बेचे.

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