कल यानी 3 जून की रात Hero ने देश की पहली फ्लेक्स फ्यूल वाली बाइक लॉन्च की तो आज यानी 4 जून को देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति ने भी अपनी पहली फ्लेक्स फ्यूल कार Wagon Flex-fuel की झलक (Maruti Suzuki Wagon R Flex Fuel) दिखा दी है. मतलब ऐसी कार जो E20 से 85 फ्यूल के साथ चल सकती है. वैसे तो कंपनी ने जापान मॉबिलिटी शो 2025 में अपनी कॉम्पैक्ट SUV Fronx का फ्लेक्स फ्यूल मॉडल दुनिया को दिखाया था, मगर इंडिया में उसने अपनी भरोसेमंद Wagon R पर ही भरोसा दिखाया है.
मारुति ने फ्लेक्स फ्यूल वाली Wagon R दिखा दी, E20 क्या E85 पेट्रोल पर भी दौड़ेगी
Maruti Suzuki Wagon R Flex Fuel: मारुति ने भी अपनी पहली फ्लेक्स फ्यूल कार Wagon Flex-fuel की झलक दिखा दी है. वैसे फिलहाल कंपनी ने इससे जुड़े बाकी डिटेल्स जैसे कीमत, उपलब्धता, इंजन वर्जन साझा नहीं किए हैं.


सिंपल सा जवाब है, Wagon R भारत के लाखों मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए एक सदस्य ‘जैसी’ हो गई है. देश में आज भी जब परिवार में पहली कार की बात होती है तो पहले से पांचवें ऑप्शन पर इसी कार का जिक्र होता है. पेट्रोल और सीएनजी इंजन में आने वाली इस कार को मैनुअल और ऑटोमेटिक गियर में चलाया जा सकता है. 5 लाख से स्टार्ट होकर मामला 7 लाख एक्स शोरूम पर रुक जाता है.

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Wagon R की बिक्री के आंकड़े भी इसके बड़े परिवार की गवाही देते हैं. टॉप 10 में कहीं ना कहीं उसका नाम दिख ही जाएगा. मई 2026 में भी 18 हजार यूनिट्स बिकी हैं. 24-25 में लगभग 2 लाख यूनिट्स की बिक्री हुई थी. ऐसे में एकदम कम मेंटेनेंस और शहर के ट्रैफिक में भी 20 के अल्ले-पल्ले का माइलेज देने वाली ये कार पहली फ्लेक्स फ्यूल कार बनने के लिए एकदम मुफीद है.
वैसे फिलहाल कंपनी ने इससे जुड़े बाकी डिटेल्स, जैसे कीमत, उपलब्धता, इंजन वर्जन साझा नहीं किए हैं. लेकिन इसमें ड्यूल-टोन इंटीरियर लेआउट दिया गया है जो केबिन को बड़ा और मॉडर्न लुक देता है. इसमें 7 इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम और चार स्पीकर वाला साउंड सिस्टम दिया गया है जो कार के अंदर के अनुभव को और बेहतर बनाता है. रोजमर्रा के उपयोग और लंबी यात्राओं के लिए इसमें 355 लीटर का विशाल बूट स्पेस है.
आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि फ्लेक्स फ्यूल, पेट्रोल और मेथनॉल या इथेनॉल के मिश्रण से बना एक वैकल्पिक ईंधन है. फ्लेक्स-फ्यूल वाली गाड़ियों के इंजन एक से ज्यादा तरह के ईंधन पर चलने के लिए डिजाइन किए जाते हैं. ऐसे इंजन E20 से लेकर E85 ब्लेन्ड वाले फ्यूल को सपोर्ट करते हैं. E85 मॉडल टॉक्सिक एमिशन को कम करने के लिए जाने जाते हैं. जैसे कि बेंजीन.
ऐसी गाड़ी के फ्यूल टैंक, ईंधन लाइन, होज, फ्यूल पंप, इंजेक्टर, सील और गास्केट को E85 ईंधन के अनुरूप बनाया जाता है. बता दें कि E85 फ्यूल की ऑक्टेन रेटिंग लगभग 100-105 होती है. जिससे इंजन को ज्यादा कम्प्रेशन रेशियो और बेहतर बूस्ट (पावर और टॉर्क) मिल पाता है. सरकार ने भी E85 फ्यूल के 5000 आउटलेट साल 2027 के अंत तक ओपन करने की बात कही है.
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