अगर आपके पास 2022 से पहली की कोई गाड़ी है और उसमें आप E20 फ्यूल डालते हैं तो आपके लिए बुरी खबर है. इंडिया की सबसे बड़ी प्राइवेट जनरल इंश्योरेंस कंपनी ICICI Lombard आपका क्लेम रिजेक्ट कर सकती है. ICICI Lombard ने कहा है कि कार इंश्योरेंस कंपनियां अप्रैल 2023 से पहले बेची गई उन पुरानी कारों में E20 फ्यूल से हुए नुकसान के क्लेम को रिजेक्ट कर सकती हैं जो इसके लिए उपयुक्त नहीं हैं. E20 फ्यूल में पेट्रोल के साथ 20 फीसदी इथेनॉल मिक्स होता है.
E20 पेट्रोल कार में डाला तो इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट? इस बीमा कंपनी ने डराने वाली बात बोल दी
Insurance कम्पनी ICICI Lombard ने E20 Petrol को लेकर कई बड़ी बातें बोली हैं. हालांकि सरकार ने पिछले साल साफ़ किया था कि E20 फ़्यूल का इस्तेमाल करने से इंश्योरेंस पॉलिसी रद्द नहीं होती. लेकिन आईसीआईसीआई लोमबार्ड ने जो कहा है, वो डराने वाला है.


9 जून, 2026 को पब्लिश एक ब्लॉग पोस्ट में कंपनी ने कहा,
“अगर आप अपनी गाड़ी में ऐसा फ़्यूल इस्तेमाल करते हैं जिसके लिए वह बनी ही नहीं है, तो इसे गलत इस्तेमाल या लापरवाही माना जा सकता है. इंश्योरेंस कंपनियां इन दावों को इसी नज़रिए से देख सकती हैं और इन्हें रिजेक्ट भी किया जा सकता है.”
आईसीआईसीआई लोमबार्ड का ये बयान ऐसे समय में आया है जब कई गाड़ी मालिकों ने सोशल मीडिया पर चिंता जताई कि E20 की वजह से उन गाड़ियों और दो-पहिया वाहनों में दिक्कतें आ रही हैं जो उसके हिसाब से नहीं बनी हैं. आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री ने अप्रैल 2023 से E20-अनुकूल गाड़ियां बेचना शुरू किया था. उससे पहले बेची गई ज़्यादातर गाड़ियां E20 के अनुकूल नहीं थीं.
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कंपनी का कहना है कि बड़ी चिंता यह है कि समय के साथ E20 फ्यूल का कारों के पार्ट्स पर क्या असर पड़ सकता है. कंपनी ने चेतावनी दी, "इथेनॉल में चीज़ों को गलाने या खराब करने की क्षमता होती है. जिन गाड़ियों को इसके लिए नहीं बनाया गया है, उनमें यह रबर सील को खराब कर सकता है, फ्यूल लाइनों को नुकसान पहुंचा सकता है और धीरे-धीरे इंजन के पार्ट्स को घिस सकता है. हो सकता है कि नुकसान तुरंत न दिखे. यह धीरे-धीरे होता है, जिससे इसका पता लगाना मुश्किल हो जाता है और क्लेम के समय इस पर विवाद होने की संभावना बढ़ जाती है."
ICICI लोम्बार्ड ने कहा कि यह जरूरी नहीं कि E20 से जुड़े हर डैमेज क्लेम को मंज़ूरी मिल जाएगी. हालांकि सरकार ने पिछले साल साफ़ किया था कि E20 फ़्यूल का इस्तेमाल करने से इंश्योरेंस पॉलिसी रद्द नहीं होती. कंपनी का कहना है, "आम तौर पर स्टैंडर्ड पॉलिसी में 'कॉन्सिक्वेंशियल डैमेज' शामिल नहीं होता है. माने ऐसा नुकसान जो किसी एक घटना, जैसे कि दुर्घटना, के बजाय समय के साथ धीरे-धीरे होता है."
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Add-On भी काम नहीं आएगाकंपनी का कहना है कि इंजन प्रोटेक्शन ऐड-ऑन कुछ कवरेज देते हैं, लेकिन ज़्यादातर को पानी घुसने या तेल के रिसाव से बचाने के लिए डिज़ाइन किया गया है, न कि ईंधन से होने वाले केमिकल कोरोज़न (जंग) से. माने जो आपकी कार E20 के अनुरूप नहीं बनी है और इसकी वजह से कोई नुकसान हुआ तो आपका क्लेम रिजेक्ट हो सकता है. कंपनी के इस स्टेंड पर अभी सरकार की तरफ से कोई बयान नहीं आया है.
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