E20 फ्यूल अनिवार्य होने के बाद सरकार ने E22, E25, E27 और E30 फ्यूल के लिए भी नोटिफिकेशन जारी किया है. वैसे सरकार ने शुरू में 2030 तक 20% इथेनॉल मिला हुआ पेट्रोल उपलब्ध कराने की योजना बनाई थी. लेकिन E20 फ़्यूल जिसमें 80% पेट्रोल और 20% इथेनॉल होता है, देश भर में पांच साल पहले ही स्टैंडर्ड बन गया है. ऐसे में लग रहा था कि E22, E25 भी जल्द ही पेट्रोल पंप पर नजर आने (Government likely to delay e25 fuel) लगेगा. लेकिन अगर-मगर के बीच खबर आ रही है कि सरकार इसमें देरी कर सकती है.
E25 पेट्रोल अभी नहीं आएगा? E20 पर बवाल के बीच हुई सरकार की बड़ी मीटिंग
सिर्फ तीन साल में पेट्रोल में इथेनॉल का इस्तेमाल 10% से बढ़ाकर 20% करने के फैसले का चौतरफा विरोध हो रहा है. इसे देखते हुए सरकार, इथेनॉल फ्यूल के ज्यादा ब्लेंड वाले E25 पर स्विच करने के अपने प्रस्ताव (Government likely to delay e25 fuel) को टाल सकती है.


इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक सिर्फ तीन साल में पेट्रोल में इथेनॉल का इस्तेमाल 10% से बढ़ाकर 20% करने के फैसले का काफी विरोध हो रहा है. इसे देखते हुए सरकार, इथेनॉल फ्यूल के ज्यादा ब्लेंड वाले E25 पेट्रोल पर स्विच करने के अपने प्रस्ताव को टाल सकती है.
BIS का नोटिफिकेशनE25 ब्लेंडेड पेट्रोल देने के लिए कोई औपचारिक तारीख तो तय नहीं की गई है, लेकिन पिछले छह हफ्तों में सरकार के दो फैसलों से नई चिंताएं पैदा हुई हैं. पहला तो BIS (भारतीय मानक ब्यूरो) द्वारा E22, E25, E27 और E30 फ्यूल के लिए स्टैंडर्ड्स सेट करना और दूसरा इसके लिए सरकार द्वारा सेंट्रल एक्साइज़ ड्यूटी में छूट की घोषणा करना. इससे साफ संकेत मिलता है कि सरकार इथेनॉल के इस्तेमाल के अगले चरण के लिए गाड़ियों और ईंधन से जुड़े सिस्टम को तैयार करना चाहती है.
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E20 फ्यूल से लोग परेशान!अभी मिल रहा E20 फ्यूल जिसको लेकर ग्राहकों को शिकायत है कि गाड़ी का माइलेज (फ्यूल इकॉनमी) साफ़ तौर पर कम हो गया है. स्पेशली वो गाड़ियां जो साल 2023 से पहले से सड़कों पर चल रही हैं. 2023 से आने वाली गाड़ियां तो E20 फ्यूल के हिसाब से डिजाइन हैं. पुरानी गाड़ियों के मालिकों ने E20 फ्यूल की वजह से गाड़ियों के पार्ट्स के खराब होने को लेकर भी चिंता जताई है.
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इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक पिछले हफ़्ते सरकार में हाई लेवल पर हुई एक बैठक में कुछ जायज़ चिंताओं को वैज्ञानिक तरीके से हल करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया गया. इसमें OEMs (ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफ़ैक्चरर्स) से ग्राहकों की शिकायतों को दूर करने का आदेश देने की बात भी कही गई. सूत्रों के मुताबिक सरकार का मानना है कि इकोसिस्टम को तैयार होने के लिए पर्याप्त समय देना ज़रूरी है. इसलिए, E25 फ्यूल पर तेज़ी से स्विच करने से बचना चाहिए, खासकर इसलिए क्योंकि पहले ही E20 पर स्विच करने में जल्दबाज़ी की गई.
सरकार के अंदर यह राय है कि E20 से आगे बढ़ने की प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से किया जाना चाहिए. वाहन बनाने वाली कंपनियों से भी हमें यही संकेत मिला है. माने E20 से आगे का फ्यूल आएगा तो जरूर, फिलहाल के लिए वो अपनी यात्रा को रोककर ब्रेक पर जा सकता है.
वीडियो: E20 फ्यूल पर बवाल के बीच सरकार ने कौन सा बड़ा दावा किया?
















