अगर आपके पास EV या CNG व्हीकल है तो यह खबर आपके काम की है. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने मोटर व्हीकल रूल्स में कई अहम बदलावों का प्रस्ताव रखा है. इनका सबसे बड़ा फायदा इलेक्ट्रिक (EV), हाइड्रोजन और सीएनजी (CNG) जैसे ईंधन से चलने वाले कमर्शियल वाहनों के मालिकों और ट्रांसपोर्ट कंपनियों को मिल सकता है. नए प्रपोजल के अनुसार इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), हाइड्रोजन और सीएनजी से चलने वाले वाहनों की उपयोग सीमा को 5 साल के लिए बढ़ाने का प्लान है. ऐसा हुआ तो कमर्शियल वाहन पहले की तुलना में ज्यादा समय तक सड़क पर व्यावसायिक रूप से इस्तेमाल किए जा सकेंगे.
EV और CNG गाड़ी वालों की मौज, 15 साल से ज्यादा होगी इन वाहनों की उम्र!
अभी कमर्शियल वाहनों के इस्तेमाल की अधिकतम लिमिट 15 साल तक की रहती है. गाड़ी के रजिस्ट्रेशन के समय रोड टैक्स भी 15 साल का जमा किया जाता है. लेकिन अब इसमें बदलाव हो सकता है. इनकी उम्र बढ़ने वाली है, सरकार के प्रस्ताव में ये भी बताया गया है कि कितनी उम्र बढ़ सकती है.

अभी इन व्हीकल के इस्तेमाल की अधिकतम लिमिट 15 साल तक की रहती है. गाड़ी के रजिस्ट्रेशन के समय रोड टैक्स भी 15 साल का जमा किया जाता है. लेकिन अगर इसमें 5 साल और जुड़ गए तो ट्रांसपोर्टर्स और कमर्शियल व्हीकल के मालिकों की मौज होने वाली है.
5 साल एक्स्ट्रा कैसे मिलेंगे?इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक प्रस्तावित बदलाव 10 अगस्त को जारी नियमों के ड्राफ्ट का हिस्सा हैं, और सरकार ने इन पर 30 दिनों तक आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं. ये नियम 'ऑफिशियल गजट' में फाइनल तौर पर पब्लिश होने के बाद ही लागू होंगे. इस ड्राफ़्ट के तहत, बैटरी से चलने वाले वाहनों, हाइड्रोजन फ़्यूल वाले वाहनों और नैचुरल गैस से चलने वाले वाहनों के लिए तय उम्र सीमा को पांच साल और बढ़ाया जाएगा. हालांकि, नोटिफ़िकेशन में यह नहीं बताया गया है कि हर कैटेगरी के वाहन के लिए अधिकतम कितनी उम्र तय होगी.
नए ड्रॉफ्ट में नेशनल परमिट सिस्टम को पूरी तरह ऑनलाइन करने की तैयारी की जा रही है. इसके तहत नेशनल परमिट इलेक्ट्रॉनिक तरीके से जारी किया जा सकेगा. नेशनल परमिट की अवधि चुनने का विकल्प भी दिया जाएगा. वाहन मालिक 1 साल से लेकर 5 साल तक की अवधि का विकल्प चुन सकेंगे. नेशनल परमिट की प्रस्तावित फीस 16,500 रुपये सालाना रखी गई है.
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बिना बॉडी वाले चेसिस के लिए नया नियमसड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने बिना बॉडी वाले चेसिस के लिए भी अस्थायी रजिस्ट्रेशन से जुड़े नियमों में बदलाव का प्रस्ताव दिया है. ऐसे चेसिस को 6 महीने तक का अस्थायी रजिस्ट्रेशन मिल सकता है. दरअसल चेसिस के ऊपर बॉडी लगाने का काम कई बार महीनों तक चलता है, ऐसे में अस्थायी रजिस्ट्रेशन होने से बॉडी मेकर्स से लेकर व्हीकल बनाने वाली कंपनियों को एक्स्ट्रा टाइम मिल जाएगा.
पूरी तरह तैयार वाहन को दूसरे राज्य में रजिस्ट्रेशन कराने या किसी वाहन को Adapted Vehicle में बदलने की टाइम लिमिट भी 45 दिन की जा सकती है. नए प्रस्ताव में वाहन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को और आसान बनाने के लिए VAHAN डेटाबेस के इस्तेमाल पर जोर दिया गया है. वाहन का नंबर दर्ज करते ही VAHAN पर उपलब्ध संबंधित जानकारियां जैसे GST, PAN, उद्यम आधार और CIN तुरंत ही पोर्टल पर दिखने लगेंगे.
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