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1 नवंबर से BS-IV वाहनों के लिए दिल्ली 'बंद', BS-VI गाड़ियों का 'स्वागत', BS-V का क्या हुआ?

BS का पूरा नाम भारत स्टेज है, जो उत्सर्जन मानक है. सरकार की ओर से सबसे पहले सन् 2000 में ये मानक तय करने की शुरुआत की गई थी. इसके जरिए पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों से निकलने वाले धुएं की अधिकतम सीमा तय की जाती है. भारत में 1 अप्रैल 2020 से नई गाड़ियों के लिए BS-VI मानक अनिवार्य कर दिए गए थे.

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दिल्ली में बाहर के राज्यों में रजिस्टर्ड कुछ पेट्रोल और डीजल गाड़ियों की एंट्री 1 नवंबर से 31 जनवरी तक बंद रहेगी (तस्वीर: एआई)

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  • 1 नवंबर 2026 से दिल्ली और आसपास BS-VI से नीचे के वाहनों की एंट्री 31 जनवरी 2027 तक प्रतिबंधित रहेगी ताकि प्रदूषण को कम किया जा सके।
  • दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के कारण BS-VI मानक के तहत वाहनों के उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए यह प्रतिबंध लगाया गया है।
  • इस प्रतिबंध के तहत BS-IV या पुराने मानकों वाले वाहन दिल्ली में प्रवेश नहीं कर सकेंगे, और सरकार BS-VII उत्सर्जन मानक लागू करने की योजना बना रही है।

हर महीने की एक तारीख को काफी कुछ बदल जाता है. लेकिन इस बार 1 नवंबर, 2026 की तारीख दिल्ली और उसके आसपास और दूर भी रहने वालों के लिए खास है. 1 नवंबर से BS-VI श्रेणी से नीचे के वाहन दिल्ली में एंट्री (Delhi Vehicle Ban From November 1) नहीं पा सकेंगे. यह प्रतिबंध 1 नवंबर से 31 जनवरी तक जारी रहेगा. दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए BS-VI से नीचे की गाड़ियों पर ये प्रतिबंध लगा दिया गया है. ऐसे में एक सवाल जरूर मन में कौंधा होगा. आखिर ये BS-VI, BS-IV क्या है? इनके बीच का BS-V किधर है?

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क्या है BS स्टैंडर्ड?

BS का पूरा नाम ‘भारत स्टेज’ है, जो उत्सर्जन मानक है. सरकार की ओर से सबसे पहले सन् 2000 में ये मानक तय करने की शुरुआत की गई थी. इसके जरिए पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों से निकलने वाले धुएं की अधिकतम सीमा तय की जाती है. BS यानी भारत स्टेज मानक ही तय करते हैं कि किसी गाड़ी से निकलने वाले धुएं में प्रदूषण फैलाने वाले तत्वों की मात्रा कितनी हो सकती है. इसे यूरोपीय मानकों (Euro 6) के आधार पर तैयार किया गया है, ताकि बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके. क्योंकि अभी देश में BS-VI स्टैंडर्ड लागू है तो सीधे उसी की बात करते हैं. 

# BS-VI मानकों का कैलकुलेशन और निर्धारण किसी गाड़ी के इंजन से निकलने वाली हानिकारक गैसों की मात्रा के आधार पर प्रति किलोमीटर (grams per kilometer - g/km) में किया जाता है. वैज्ञानिक और ऑटोमोबाइल इंजीनियर यह तय करते हैं कि वाहन प्रति किलोमीटर की दूरी तय करने में अधिकतम कितनी मात्रा में कार्बन मोनोऑक्साइड (CO), हाइड्रोकार्बन (HC), नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx) और पार्टिकुलेट मैटर (PM) छोड़ सकते हैं. इसे उत्सर्जन सीमा (Emission Limits) कहते हैं.

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# वाहनों को विशेष ड्राइविंग साइकिल्स पर चलाकर यह कैलकुलेट किया जाता है कि किस-किस गियर और स्पीड पर इंजन कितना प्रदूषण छोड़ रहा है. इसके साथ PEMS डिवाइस (पोर्टेबल एमिशन मेजरमेंट सिस्टम) लगाकर सड़क पर वास्तविक ट्रैफिक और परिस्थितियों में एमिशन को कैलकुलेट किया जाता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि गाड़ी हर स्थिति में तय सीमा के भीतर ही प्रदूषण कर रही है.

# BS-VI गाड़ियों में एक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम (OBD) लगा होता है, जो रियल-टाइम में यह कैलकुलेट और मॉनिटर करता रहता है कि गाड़ी के एमिशन कंट्रोल पार्ट्स (जैसे कैटेलिटिक कन्वर्टर या DPF) सही ढंग से काम कर रहे हैं या नहीं.

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OBD
 इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम (OBD)
BS-IV कब से कब तक चला?

भारत में BS-III (भारत स्टेज-3) उत्सर्जन मानक मुख्य रूप से अप्रैल 2005 से मार्च 2017 के बीच लागू रहे. सबसे पहले अप्रैल 2005 में देश के 13 प्रमुख शहरों (जैसे दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद आदि) में BS-III मानकों को लागू किया गया था. अक्टूबर 2010 से इसे पूरे देश में लागू कर दिया गया. भारत में BS-IV मानक देशभर में 2017 से लागू हुआ था. 

BS-V किधर गया?

ये तो आया ही नहीं. BS-V को बीच में लागू किए बिना सीधे BS-VI पर जाने का फैसला किया गया था. 1 अप्रैल 2020 से नए वाहनों के लिए BS-VI मानक लागू कर दिया गया. भारत सरकार देश में BS-VII उत्सर्जन मानकों को लागू करने की भी तैयारी कर रही है. अप्रैल 2029 से अप्रैल 2035 के बीच 3 चरणों में चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाने की योजना है.

गाड़ी BS-IV या BS-VI, कैसे चेक करें?

इसके लिए सबसे पहले सड़क परिवहन मंत्रालय की परिवहन सेवा यानी Parivahan की वेबसाइट पर जाएं.

वहां गाड़ी की जानकारी देखने वाली सर्विस, जैसे Know Your Vehicle Details खोलें.

अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर डालें और मांगी गई जांच पूरी करें.

गाड़ी की जानकारी में Emission Norms या Norms वाला विकल्प देखें. यहां आपको BS-IV या BS-VI जैसी जानकारी मिल सकती है.

गाड़ी के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) में भी इसका डिटेल होता है.

किन गाड़ियों की एंट्री बैन?

जो गाड़ियां BS-VI मानकों पर खरी नहीं उतरती हैं यानी अगर आपकी कार किसी दूसरे शहर में रजिस्टर्ड है और वह BS-IV या उससे पुराने मानकों वाली है, तो दिल्ली जाने से पहले आपको इस नियम का ध्यान रखना होगा. वहीं, बाहर रजिस्टर्ड BS-VI पेट्रोल और डीजल गाड़ियां इस खास प्रतिबंध के दायरे में नहीं आती हैं. इलेक्ट्रिक और CNG गाड़ियों को भी इससे छूट दी गई है. इसके अलावा एंबुलेंस, दमकल और पुलिस जैसे कुछ जरूरी कामों में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को भी निर्धारित छूट के तहत रखा गया है.

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